कांग्रेस सांसद और जेएनयू से जुड़े प्रोफेसर अंगामचा विमोल अकोइजाम के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर दिल्ली भाजपा अनुसूचित जाति/जनजाति मोर्चा ने प्रदर्शन किया। भाजपा नेताओं ने सांसद के इस्तीफे और कांग्रेस से पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की। आरोपों और विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
कांग्रेस सांसद एवं जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से जुड़े प्रोफेसर अंगामचा विमोल अकोइजाम के खिलाफ सामने आए यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर दिल्ली में राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। सोमवार को दिल्ली भाजपा अनुसूचित जाति/जनजाति मोर्चा ने कांग्रेस कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस सांसद के इस्तीफे की मांग करते हुए पार्टी से इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा।
दिल्ली भाजपा अनुसूचित जाति/जनजाति मोर्चा का यह प्रदर्शन प्रदेश महामंत्री योगिता सिंह के नेतृत्व में हुआ। इसमें प्रदेश उपाध्यक्ष एवं मोर्चा प्रभारी रंजीत सिंह, भाजपा नेता अशोक ठाकुर, अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सी.एल. मीणा और मोर्चा के सह प्रभारी सुंदर सिंह चौधरी सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने महिला सुरक्षा और छात्राओं की गरिमा का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस पर सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि महिलाओं के अधिकारों की बात करने वाली पार्टी को अपने सांसद से जुड़े आरोपों पर भी स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
योगिता सिंह बोलीं—महिला सुरक्षा पर कांग्रेस पहले अपने नेताओं से जवाब मांगे
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए योगिता सिंह ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक ओर महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की बात करती है, लेकिन जब उसके अपने सांसद से जुड़े व्यक्ति के खिलाफ छात्राओं की ओर से गंभीर शिकायतें सामने आती हैं, तब पार्टी की प्रतिक्रिया पर सवाल उठते हैं।

योगिता सिंह ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति ने कई मामलों में संबंधित व्यक्ति को दोषी पाया है। उन्होंने 11 छात्राओं की शिकायतों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस को महिला सुरक्षा पर दूसरों को उपदेश देने से पहले अपने नेताओं और सांसदों से जुड़े मामलों पर जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस की राजनीति में महिलाओं के सम्मान की बातें केवल भाषणों और प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित दिखाई देती हैं।”
योगिता सिंह के मुताबिक, यदि छात्राओं की शिकायतों और आंतरिक समिति के निष्कर्षों के बावजूद कांग्रेस इस प्रकरण पर चुप रहती है, तो इससे उसकी महिला हितैषी राजनीति पर सवाल उठेंगे। उन्होंने सांसद के इस्तीफे की मांग भी की।
हालांकि, विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति के निष्कर्षों, शिकायतों की प्रकृति और संबंधित व्यक्ति की भूमिका से जुड़ी जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। आरोपों और किसी समिति के निष्कर्ष को अंतिम कानूनी निर्णय के समान नहीं माना जाना चाहिए।
सी.एल. मीणा ने उठाया छात्राओं की सुरक्षा का सवाल
दिल्ली भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सी.एल. मीणा ने विश्वविद्यालय परिसरों में छात्राओं की सुरक्षा और सम्मान को महत्वपूर्ण बताते हुए कांग्रेस से जवाब मांगा।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा हासिल करने और सुरक्षित वातावरण में आगे बढ़ने की जगह होनी चाहिए। किसी भी छात्रा को अपनी गरिमा या सुरक्षा को लेकर भय महसूस नहीं होना चाहिए।

मीणा ने कांग्रेस से पूछा कि वह अपने सांसद से जुड़े इस पूरे प्रकरण में क्या कार्रवाई कर रही है और जवाबदेही कैसे तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा के मुद्दे पर राजनीतिक बयान देने वाली पार्टी को ऐसे मामलों में भी अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
उनका कहना था कि महिलाओं के सम्मान के सवाल पर किसी भी राजनीतिक दल के नेताओं को जवाबदेही से ऊपर नहीं रखा जा सकता।
रंजीत सिंह और सुंदर सिंह चौधरी ने भी कांग्रेस से मांगा जवाब
प्रदर्शन में शामिल प्रदेश उपाध्यक्ष एवं मोर्चा प्रभारी रंजीत सिंह और मोर्चा के सह प्रभारी सुंदर सिंह चौधरी ने भी कांग्रेस से मामले पर सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखने की मांग की।
दोनों नेताओं ने कहा कि कांग्रेस को अपनी चुप्पी तोड़कर यह बताना चाहिए कि वह पूरे प्रकरण को किस तरह देख रही है। उन्होंने महिला सुरक्षा और छात्राओं की गरिमा के सवाल पर स्पष्ट जवाबदेही तय करने की मांग की।
भाजपा नेताओं का कहना था कि महिला सम्मान का मुद्दा केवल राजनीतिक भाषणों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ गंभीर शिकायतें सामने आती हैं, तो संबंधित तथ्यों और निष्कर्षों के आधार पर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
आरोपों पर जवाब और आगे की कार्रवाई पर नजर
19 अक्टूबर को हुआ यह प्रदर्शन कांग्रेस सांसद अंगामचा विमोल अकोइजाम से जुड़े यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर भाजपा के राजनीतिक विरोध का हिस्सा रहा। प्रदर्शनकारियों ने इस्तीफे की मांग के साथ कांग्रेस से सार्वजनिक जवाब देने और जवाबदेही तय करने पर जोर दिया।
फिलहाल, उपलब्ध जानकारी मुख्य रूप से भाजपा नेताओं के आरोपों और प्रदर्शन के दौरान उठाई गई मांगों पर आधारित है। शिकायतों, विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति के निष्कर्षों, सांसद की प्रतिक्रिया और कांग्रेस के आधिकारिक पक्ष की स्वतंत्र पुष्टि के बिना मामले के सभी पहलुओं पर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि संबंधित पक्ष क्या जवाब देते हैं और मामले में आधिकारिक स्तर पर क्या कार्रवाई होती है।
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