बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ के घर के बाहर गोलीबारी मामले में तीन संदिग्धों को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किए जाने की खबर है। पुलिस को वारदात में इस्तेमाल बाइक मिली है। सीसीटीवी फुटेज, बरामद गोलियों और संभावित गैंग कनेक्शन की जांच जारी है।
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़ी गोलीबारी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रविवार शाम मुंबई के जुहू इलाके में हुई इस वारदात की जांच में अब बड़ा अपडेट सामने आया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, राजस्थान एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) और कोटा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीन संदिग्धों को कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि ये तीनों मुंबई से ट्रेन के जरिए राजस्थान पहुंचे थे।
गिरफ्तार किए गए संदिग्धों की पहचान फूल सिंह और रेहान, दोनों निवासी सोनीपत, हरियाणा, तथा ऋतिक कुमार उर्फ रोशन, निवासी बेगूसराय, बिहार के रूप में बताई गई है। रिपोर्टों के अनुसार, तीनों पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस (12939) में सवार थे और ट्रेन के कोटा पहुंचने पर उन्हें पकड़ लिया गया। हालांकि, आरोपियों की पहचान, उम्र और गिरफ्तारी से संबंधित सभी विवरणों की आधिकारिक पुष्टि तथा जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
कुछ रिपोर्टों में फूल सिंह की उम्र 17 वर्ष, रेहान की 18 वर्ष और ऋतिक कुमार उर्फ रोशन की 22 वर्ष बताई गई है। वहीं, शुरुआती जानकारी में रेहान के नाबालिग होने का भी दावा किया गया था। उम्र को लेकर सामने आए इन अलग-अलग विवरणों के बीच आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।
हत्या के प्रयास की धाराओं में केस, जांच क्राइम ब्रांच को
मुंबई पुलिस ने इस मामले में तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) और 3(5) के साथ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। धारा 109(1) हत्या के प्रयास से संबंधित है, जबकि धारा 3(5) साझा इरादे से किए गए अपराधों में जिम्मेदारी तय करने से जुड़ी है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गोलीबारी के पीछे क्या मकसद था, संदिग्धों ने कथित तौर पर किसके कहने पर वारदात को अंजाम दिया और क्या इस घटना के पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ है।

पांच दिन में दो बार रेकी का शक, CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
इस मामले में सबसे चिंताजनक पहलू टाइगर श्रॉफ की कथित रेकी से जुड़ा है। सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, वारदात से पहले पांच दिनों के भीतर अभिनेता के घर और उनके आने-जाने के रास्तों की दो बार रेकी किए जाने की आशंका है। सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध बाइक सवार दिखाई देने की बात कही जा रही है, जिसके कंधे पर बैग लटका हुआ था।
पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की जांच के साथ मौके पर मौजूद प्रशंसकों और पपाराजी से भी पूछताछ किए जाने की जानकारी है। जांचकर्ताओं की कोशिश है कि वारदात से पहले और बाद में संदिग्धों की गतिविधियों का पूरा क्रम सामने आ सके।
वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद, गोलियों की फॉरेंसिक जांच
जांच के दौरान अंधेरी और सांताक्रूज रेलवे स्टेशन के बीच से कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद किए जाने की खबर है। घटनास्थल से मिले तीन बुलेट के नमूने कालीना फॉरेंसिक लैब भेजे जाने और उनकी बैलिस्टिक जांच जारी होने की जानकारी भी सामने आई है।
रिपोर्टों में दावा किया गया है कि हमलावरों ने विदेशी निर्मित हथियारों का इस्तेमाल किया हो सकता है, हालांकि हथियारों की उत्पत्ति की पुष्टि नहीं हुई है। यह भी बताया जा रहा है कि तीन पिस्टल लाई गई थीं, लेकिन उनमें से एक जाम हो गई और कथित तौर पर दो हथियारों से फायरिंग हुई। इन दावों की पुष्टि जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट से ही हो सकेगी।
क्या लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े हैं तार?
तीनों संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद अब संभावित गैंग कनेक्शन की चर्चा भी तेज है। उपलब्ध रिपोर्टों में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से संबंध होने की आशंका जताई गई है, लेकिन इस संबंध में अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस की जांच का अहम सवाल यही है कि गोलीबारी किसी व्यक्तिगत रंजिश, डर पैदा करने की कोशिश या किसी संगठित साजिश का हिस्सा थी।
घटना के बाद टाइगर श्रॉफ के घर की सुरक्षा बढ़ाए जाने की जानकारी है। वहीं, गोलीबारी में घायल ड्राइवर का नानावती अस्पताल में बयान दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। उसका बयान हमले के समय की परिस्थितियों और हमलावरों की गतिविधियों को समझने में अहम हो सकता है।
फिलहाल तीन संदिग्धों की गिरफ्तारी को जांच में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, लेकिन कई सवाल अब भी बाकी हैं—रेकी किसने कराई, हथियार कहां से आए और क्या किसी गैंग ने इस वारदात की जिम्मेदारी या निर्देश दिए थे? इन सवालों का जवाब पुलिस की आगे की जांच, सीसीटीवी विश्लेषण और फॉरेंसिक रिपोर्ट से मिलने की उम्मीद है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि अदालत में साक्ष्यों के आधार पर होगी।
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