गाजियाबाद में पीएमश्री योजना के अंतर्गत स्थापित डिजिटल लाइब्रेरी के प्रभावी संचालन के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। iDream Education के विशेषज्ञों ने शिक्षकों को डिजिटल संसाधनों, ई-कंटेंट और आधुनिक शिक्षण तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। बीएसए ओ.पी. यादव ने कहा कि डिजिटल लाइब्रेरी सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण और तकनीक आधारित शिक्षा का नया अध्याय साबित होगी।
सरकारी विद्यालयों में आधुनिक और तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में गाजियाबाद में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया (PM SHRI) योजना के अंतर्गत स्थापित डिजिटल लाइब्रेरी को प्रभावी ढंग से संचालित करने और विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण डिजिटल शिक्षण सामग्री पहुंचाने के उद्देश्य से शनिवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय, गाजियाबाद में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
यह प्रशिक्षण कार्यशाला जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) श्री ओ. पी. यादव की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें जनपद के चयनित पीएमश्री विद्यालयों के शिक्षकों ने भाग लेकर डिजिटल शिक्षण प्रणाली के विभिन्न पहलुओं को समझा।
डिजिटल लाइब्रेरी को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पीएमश्री विद्यालयों में स्थापित डिजिटल लाइब्रेरी का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना था ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और तकनीक आधारित शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को यह बताया गया कि डिजिटल लाइब्रेरी केवल ई-पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इंटरैक्टिव कंटेंट, वीडियो लेक्चर, ऑडियो सामग्री, डिजिटल अभ्यास, विषयवार संसाधन और आधुनिक शिक्षण तकनीकों का एक व्यापक प्लेटफॉर्म है, जिससे शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनाई जा सकती है।
iDream Education के विशेषज्ञों ने दिया प्रशिक्षण
कार्यशाला में iDream Education की ओर से विषय विशेषज्ञ प्रज्वल कुमार और राजेश ने विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया।
उन्होंने शिक्षकों को निम्नलिखित विषयों पर विस्तार से जानकारी दी—
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डिजिटल लाइब्रेरी का संचालन
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ई-सामग्री (Digital Content) का प्रभावी उपयोग
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विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत और पठन संस्कृति विकसित करना
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डिजिटल संसाधनों का कक्षा शिक्षण में समावेश
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तकनीक आधारित शिक्षण पद्धति
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विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता बढ़ाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग
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विद्यालय स्तर पर डिजिटल संसाधनों का अधिकतम उपयोग
विशेषज्ञों ने डिजिटल शिक्षा को भविष्य की आवश्यकता बताते हुए शिक्षकों को व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया।

प्रशिक्षण कार्यशाला में जनपद के चयनित पीएमश्री विद्यालयों के नामित शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता की।
इन विद्यालयों में शामिल रहे—
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पीएमश्री कंपोजिट विद्यालय बागरानप से नीरव शर्मा एवं मधु
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कंपोजिट विद्यालय मोरटी से अर्चना एवं अंजली
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कंपोजिट विद्यालय सुहाना
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कंपोजिट विद्यालय सारा
सभी प्रतिभागी शिक्षकों ने डिजिटल लाइब्रेरी संचालन से जुड़ी आधुनिक तकनीकों को समझा और प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों से अपने प्रश्नों के समाधान भी प्राप्त किए।
बीएसए ओ. पी. यादव ने क्या कहा?
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओ. पी. यादव ने कहा कि आज के समय में डिजिटल शिक्षा भविष्य की आवश्यकता बन चुकी है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल लाइब्रेरी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और विविध प्रकार के शिक्षण संसाधनों से जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने सभी प्रतिभागी शिक्षकों से अपील की कि प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान को केवल कार्यशाला तक सीमित न रखें, बल्कि विद्यालय स्तर पर उसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें ताकि प्रत्येक विद्यार्थी डिजिटल शिक्षा का लाभ प्राप्त कर सके।
उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल संसाधनों का सही उपयोग विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें नई तकनीकों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
शिक्षण प्रक्रिया को मिलेगा नया आयाम
प्रशिक्षण के दौरान इस बात पर विशेष बल दिया गया कि डिजिटल लाइब्रेरी के माध्यम से शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक समृद्ध, रोचक, इंटरैक्टिव और तकनीक-सम्मत बनाया जा सकता है।
डिजिटल सामग्री के उपयोग से विद्यार्थियों की विषयों के प्रति समझ बेहतर होगी, सीखने में रुचि बढ़ेगी और उन्हें प्रतिस्पर्धात्मक शिक्षा के लिए बेहतर तरीके से तैयार किया जा सकेगा।
विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि डिजिटल लाइब्रेरी ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों के विद्यार्थियों के बीच गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दूरी कम करने का प्रभावी माध्यम बन सकती है।
प्रतिभागियों ने लिया संकल्प
कार्यशाला के समापन पर प्रतिभागी शिक्षकों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताया और विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण से प्राप्त जानकारी विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी तथा वे अपने विद्यालयों में डिजिटल शिक्षण को और अधिक प्रभावी बनाएंगे।
सरकारी शिक्षा में तकनीक का बढ़ता दायरा
शिक्षा विभाग का मानना है कि पीएमश्री योजना के तहत स्थापित डिजिटल लाइब्रेरी भविष्य में सरकारी विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकती है। इससे विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा, डिजिटल कंटेंट और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री उपलब्ध होगी, जिससे उनकी सीखने की क्षमता और शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार आएगा।
गाजियाबाद में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यशाला इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में सरकारी विद्यालयों को डिजिटल शिक्षा के नए दौर में प्रवेश दिलाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
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