Thursday, July 16, 2026

विदेश में रहने वाले भारतीयों की सबसे बड़ी परेशानी का मिला समाधान! लॉन्च हुई CA विनोद रावल की नई किताब 'Bridging Borders'

कर, संपत्ति, उत्तराधिकार और धन हस्तांतरण से जुड़े जटिल नियमों को सरल भाषा में समझाती है 'Bridging Borders', नई दिल्ली में हुआ भव्य लोकार्पण।

noida , Latest Updated On - Jul 15 2026 | 13:30:00 PM
विज्ञापन

चार्टर्ड अकाउंटेंट और अमेरिका के एनरोल्ड एजेंट सीए विनोद रावल की नई पुस्तक 'Bridging Borders – Taxation, Repatriation and Succession' का नई दिल्ली में लोकार्पण किया गया। यह पुस्तक एनआरआई परिवारों, कर सलाहकारों और वित्तीय पेशेवरों के लिए कर, संपत्ति और उत्तराधिकार से जुड़े जटिल नियमों को आसान भाषा में समझाने का प्रयास करती है।

विज्ञापन

विदेशों में बसे भारतीयों और उनके परिवारों को अक्सर टैक्स, संपत्ति, धन हस्तांतरण और उत्तराधिकार से जुड़े जटिल कानूनी नियमों का सामना करना पड़ता है। अलग-अलग देशों के कानूनों और कर व्यवस्था के बीच सही निर्णय लेना कई बार चुनौती बन जाता है। इन्हीं समस्याओं का व्यावहारिक और सरल समाधान प्रस्तुत करने के उद्देश्य से चार्टर्ड अकाउंटेंट और अमेरिका के एनरोल्ड एजेंट (Enrolled Agent) सीए विनोद रावल की नई पुस्तक 'Bridging Borders – Taxation, Repatriation and Succession' का नई दिल्ली में भव्य लोकार्पण किया गया।

इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित इस कार्यक्रम में कर, बैंकिंग, कानून और वित्तीय क्षेत्र से जुड़े अनेक विशेषज्ञों ने भाग लिया। हर-आनंद पब्लिकेशंस द्वारा प्रकाशित यह पुस्तक विशेष रूप से एनआरआई (प्रवासी भारतीय), विदेशों में बसे भारतीय परिवारों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, टैक्स सलाहकारों और वित्तीय पेशेवरों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।

37 वर्षों के अनुभव का सार एक पुस्तक में

सीए विनोद रावल ने अपने लगभग 37 वर्षों के पेशेवर अनुभव के आधार पर इस पुस्तक को तैयार किया है। उनका मानना है कि आज लाखों भारतीय परिवार ऐसे हैं, जिनके सदस्य अलग-अलग देशों में रहते हैं। ऐसे परिवारों के सामने आयकर, विदेशी निवेश, संपत्ति के बंटवारे, उत्तराधिकार और धन हस्तांतरण से जुड़े अनेक कानूनी और वित्तीय प्रश्न खड़े होते हैं।

पुस्तक में इन सभी विषयों को केवल कानूनी दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाने का प्रयास किया गया है ताकि पाठक आसानी से जटिल प्रक्रियाओं को समझ सकें।


कठिन कानूनों को आसान भाषा में समझाने का प्रयास

इस पुस्तक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें कानूनी शब्दावली की जटिलता को कम करते हुए 50 से अधिक वास्तविक मामलों (Case Studies) के जरिए विभिन्न परिस्थितियों को समझाया गया है।

पुस्तक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों को विस्तार से शामिल किया गया है—

  • आयकर (Income Tax)
  • विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA)
  • दोहरे कराधान से बचाव समझौता (DTAA)
  • विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA)
  • धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA)
  • FATCA और CRS नियम
  • बेनामी कानून
  • ब्लैक मनी एक्ट
  • उत्तराधिकार और संपत्ति नियोजन (Succession Planning)

इन सभी विषयों को एक ही पुस्तक में सरल भाषा और उदाहरणों के साथ प्रस्तुत किया गया है, जिससे यह कर और वित्तीय मामलों में रुचि रखने वाले लोगों के लिए उपयोगी संदर्भ ग्रंथ बन सकती है।


एक परिवार की कहानी से समझाए गए जटिल विषय

पुस्तक का एक रोचक पहलू यह भी है कि इसमें एक भारतीय परिवार की काल्पनिक लेकिन वास्तविक परिस्थितियों से प्रेरित कहानी के माध्यम से यह समझाया गया है कि यदि परिवार के सदस्य अलग-अलग देशों में रहते हों तो उन्हें किन-किन कानूनी और कर संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

इसके माध्यम से बताया गया है कि—

  • भारत में टैक्स का सही भुगतान कैसे किया जाए।
  • विदेश से भारत धन कानूनी रूप से कैसे भेजा जाए।
  • संपत्ति का उत्तराधिकार विवादों से बचाते हुए कैसे तय किया जाए।
  • भविष्य के लिए बेहतर वित्तीय योजना कैसे बनाई जाए।

लेखक ने क्या कहा?

पुस्तक के लोकार्पण के अवसर पर सीए विनोद रावल ने कहा कि आज दुनिया के अनेक देशों में बड़ी संख्या में भारतीय रह रहे हैं। ऐसे परिवारों के लिए विभिन्न देशों के कर और कानूनी नियमों को समझना आसान नहीं होता।

उन्होंने कहा कि 'Bridging Borders' का उद्देश्य लोगों को कठिन कानूनी भाषा से बचाते हुए सरल और व्यवहारिक जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि वे सही समय पर सही वित्तीय निर्णय ले सकें और भविष्य में कानूनी विवादों से बच सकें।

लेखक के अनुसार यह पुस्तक दुनिया भर में रहने वाले लगभग 3.5 करोड़ प्रवासी भारतीयों (NRI) और उनके परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखकर लिखी गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों के सामने अक्सर दोहरे कराधान, संपत्ति के उत्तराधिकार, विदेशी निवेश और धन हस्तांतरण से जुड़े जटिल प्रश्न आते हैं। ऐसे में यह पुस्तक उन्हें एक व्यवस्थित मार्गदर्शन देने का प्रयास करती है।

कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद

पुस्तक लोकार्पण समारोह में सार्वजनिक जीवन, प्रशासन, बैंकिंग और साहित्य जगत की कई प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री के. जे. अल्फोंस, पूर्व महानिदेशक (दिल्ली जेल) एस. बी. के. सिंह, कर विशेषज्ञ और 200 से अधिक कर संबंधी पुस्तकों के लेखक डॉ. रवि गुप्ता, आईडीबीआई बैंक के मुख्य महाप्रबंधक एवं क्षेत्रीय प्रमुख (दिल्ली) शशांक दीक्षित तथा प्रसिद्ध लेखक एवं प्रेरक वक्ता शिव खेड़ा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि वैश्विक भारतीय परिवारों की बढ़ती संख्या को देखते हुए वित्तीय साक्षरता और अंतरराष्ट्रीय कर व्यवस्था की सही जानकारी पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

वित्तीय योजना के लिए उपयोगी संदर्भ

विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते वैश्विक आर्थिक परिवेश में केवल निवेश करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि विभिन्न देशों के कानूनों, कर व्यवस्था और उत्तराधिकार नियमों को समझना भी उतना ही आवश्यक है।

'Bridging Borders – Taxation, Repatriation and Succession' इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। यह पुस्तक केवल टैक्स विशेषज्ञों के लिए ही नहीं, बल्कि उन सभी भारतीय परिवारों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है जिनके सदस्य भारत और विदेशों के बीच रहते हैं या जिनकी संपत्ति और वित्तीय हित एक से अधिक देशों से जुड़े हैं।

पुस्तक का प्रकाशन हर-आनंद पब्लिकेशंस ने किया है, जबकि इसके लोकार्पण समारोह का प्रायोजन आईडीबीआई बैंक ने किया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पुस्तक आने वाले समय में एनआरआई परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ मार्गदर्शिका के रूप में अपनी पहचान बना सकती है।

विज्ञापन

Book Launch | CA Vinod Rawal | NRI News | Taxation | Financial Planning | Property Laws | Succession Planning | New Delhi | IDBI Bank | Finance | Book Review | India

Related News

विज्ञापन

Newsletter

For newsletter subscribe us

विज्ञापन
आपकी राय
भारत क्रिकेट टीम के सर्वश्रेष्ठ कप्तान का नाम कौन है?




COMMENTS
All Comments (11)
  • V
    vijaykumar
    vijaykumar@pearlorganisation.com
    25/12/2023
    Lorem ipsum, dolor sit amet consectetur adipisicing elit. Earum autem perferendis ad libero at cumque ipsa labore consequatur inventore eaque
    A
    arif
    arif@pearlorganisation.com
    25/12/2023
    Lorem ipsum, dolor sit amet consectetur adipisicing elit. Earum autem perferendis ad libero at cumque ipsa labore consequatur inventore eaque
    A
    ajaykumar
    ajaykumar@pearlorganisation.com
    25/12/2023
    Lorem ipsum, dolor sit amet consectetur adipisicing elit. Earum autem perferendis ad libero at cumque ipsa labore consequatur inventore eaque
    H
    harshit
    harshit@pearlorganisation.com
    25/12/2023
    very intresting news
    A
    ankitankit
    ankitankit@pearlorganisation.com
    27/12/2023
    Good
    H
    harshit
    harshit@pearlorganisation.com
    29/12/2023
    good news
    R
    rahul+11
    rahul+11@pearlorganisation.com
    15/01/2024
    Nice
    R
    rahul+11
    rahul+11@pearlorganisation.com
    15/01/2024
    Bisarkh police station, during checking at Char Murti intersection, spotted an FZ MOSA carrying two persons towards Surajpur.
    R
    rahul
    rahul@pearlorganisation.com
    02/02/2024
    test
    H
    harshit
    harshit@pearlorganisation.com
    02/02/2024
    अच्छा
    R
    rahul
    rahul@pearlorganisation.com
    08/02/2024
    अच्छा