जनपद में अवैध नशे के खिलाफ अभियान को और तेज करने के लिए नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अतुल कुमार ने सभी विभागों को समन्वय के साथ सख्त कार्रवाई और व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
जनपद में नशे के खिलाफ प्रशासन का बड़ा अभियान, स्कूलों के आसपास होगी सख्त निगरानी
जनपद में अवैध नशे के कारोबार और मादक पदार्थों की तस्करी पर शिकंजा कसने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि अवैध नशे के खिलाफ अभियान को और अधिक प्रभावी, व्यापक और सख्त बनाया जाए।
बैठक की अध्यक्षता Atul Kumar, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने की। इस दौरान विभिन्न विभागों द्वारा अवैध मादक पदार्थों की बिक्री, तस्करी और नशे से संबंधित गतिविधियों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियानों की विस्तृत समीक्षा की गई।
अवैध नशे के कारोबार पर होगी कठोर कार्रवाई
बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जनपद में अवैध शराब, मादक पदार्थों और अन्य नशीले पदार्थों के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ सघन अभियान चलाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि समाज में नशे के बढ़ते प्रभाव को रोका जा सके।
उन्होंने कहा कि नशे का दुष्प्रभाव केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका असर परिवार और पूरे समाज पर पड़ता है। इसलिए सभी संबंधित विभागों को समन्वय, सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा।

पुलिस और आबकारी विभाग चला रहे विशेष अभियान
बैठक में जिला आबकारी अधिकारी Subodh Kumar ने जानकारी दी कि आबकारी विभाग पुलिस विभाग के सहयोग से लगातार प्रवर्तन अभियान चला रहा है।
उन्होंने बताया कि जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं और अवैध नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी अवैध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।
अप्रैल माह की रिपोर्ट तलब
अपर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अप्रैल माह के दौरान चलाए गए जनजागरूकता अभियानों और प्रवर्तन कार्रवाइयों की विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र समिति को उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में नशा मुक्ति अभियान को और अधिक व्यापक स्तर पर संचालित किया जाए ताकि विशेष रूप से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा सके।
स्कूल-कॉलेजों के आसपास विशेष निगरानी
बैठक में शिक्षा संस्थानों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री को गंभीर चिंता का विषय बताया गया। अपर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि विद्यालयों, महाविद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
इसके साथ ही स्कूलों और कॉलेजों के आसपास गुटखा, सिगरेट और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने के लिए नियमित निरीक्षण और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
प्रशासन का मानना है कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए शिक्षण संस्थानों के आसपास का वातावरण पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रित होना जरूरी है।

जनजागरूकता अभियान पर रहेगा विशेष फोकस
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि केवल कार्रवाई से समस्या का समाधान संभव नहीं है, बल्कि लोगों को जागरूक करना भी उतना ही आवश्यक है।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचकर नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाए जाएं। युवाओं, विद्यार्थियों और अभिभावकों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जाए ताकि वे इस खतरे से सतर्क रह सकें।
कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इनमें सहायक आयुक्त राज्य कर विभाग Shikha Singh, जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की Shweta Khurana, स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के उप निरीक्षक Kanhaiya Lal Gupta, पुलिस विभाग के निरीक्षक Arvind Kumar तथा डीआरएस विभाग से दीपक सहित आईबी, वन एवं आबकारी विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और संयुक्त कार्रवाई की रणनीति पर भी चर्चा की गई।
नशा मुक्त समाज की दिशा में प्रशासन का संदेश
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए केवल सरकारी प्रयास ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज की सहभागिता भी आवश्यक है।
अधिकारियों ने कहा कि यदि नागरिक संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी प्रशासन को समय पर दें और जागरूकता अभियानों में भाग लें, तो अवैध नशे के कारोबार को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
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