NEET पेपर लीक मामले को लेकर युवा कांग्रेस ने गोवा में केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया। भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए NTA को पूरी तरह प्रतिबंधित करने की बात कही। प्रदर्शन के दौरान छात्रों के भविष्य, परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सरकार की जवाबदेही को लेकर तीखे सवाल उठाए गए।
NEET पेपर लीक पर सियासी घमासान तेज, युवा कांग्रेस का केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर मचा विवाद अब सियासी गलियारों में और तेज हो गया है। पेपर लीक मामले को लेकर जहां छात्रों और अभिभावकों में लगातार गुस्सा बढ़ रहा है, वहीं अब विपक्षी दल भी सरकार पर हमलावर हो गए हैं। शुक्रवार को गोवा में भारतीय युवा कांग्रेस ने राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब के नेतृत्व में केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा NEET पेपर लीक, छात्रों के भविष्य के साथ कथित खिलवाड़ और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा था।
प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जिस परीक्षा पर लाखों छात्रों का भविष्य टिका होता है, उसकी गोपनीयता और पारदर्शिता बनाए रखने में एजेंसियां पूरी तरह विफल साबित हुई हैं।

भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि NEET परीक्षा में पेपर लीक जैसी घटनाएं केवल परीक्षा प्रणाली की कमजोरी नहीं बल्कि देश के युवाओं के भविष्य के साथ बड़ा विश्वासघात हैं। उन्होंने कहा कि इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। लाखों छात्र दिन-रात मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन जब परीक्षा से पहले ही पेपर लीक हो जाए तो यह उनके सपनों और संघर्ष का अपमान है।
उदय भानु चिब ने कहा कि देश के युवा अब जवाब मांग रहे हैं। छात्रों को यह जानने का अधिकार है कि आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने में पूरी तरह नाकाम रही है।
उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि नैतिक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। अगर देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में से एक की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं तो इसकी जवाबदेही तय होना बेहद जरूरी है। युवा कांग्रेस का कहना है कि जब तक जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक छात्रों का भरोसा दोबारा कायम नहीं हो पाएगा।
प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस नेताओं ने NTA की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी लगातार विवादों में घिरी रही है और परीक्षा आयोजन की अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में विफल साबित हुई है। इसी कारण युवा कांग्रेस ने NTA को पूरी तरह प्रतिबंधित करने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए नए ढांचे और सख्त निगरानी की जरूरत है।

युवा कांग्रेस ने उन छात्रों और परिवारों के प्रति भी संवेदना व्यक्त की, जो इस विवाद और मानसिक दबाव से प्रभावित हुए हैं। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने कहा कि पेपर लीक और परीक्षा विवादों के कारण कई छात्र गंभीर मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। कुछ मामलों में छात्रों की मौत की खबरों ने पूरे देश को दुखी और चिंतित कर दिया है। ऐसे में सरकार को केवल बयान देने के बजाय पीड़ित परिवारों की मदद के लिए आगे आना चाहिए।
उदय भानु चिब ने केंद्र सरकार से मांग की कि प्रभावित छात्रों और परिवारों को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता और मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक विफलता नहीं बल्कि लाखों युवाओं की उम्मीदों पर चोट है।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर देश की परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों और अभिभावकों के बीच यह चिंता लगातार बढ़ रही है कि अगर राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं भी सुरक्षित नहीं हैं, तो मेहनत और प्रतिभा का मूल्य कैसे तय होगा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि NEET पेपर लीक का मुद्दा आने वाले दिनों में और बड़ा राजनीतिक विवाद बन सकता है। विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है, जबकि केंद्र सरकार और एजेंसियां परीक्षा प्रणाली में सुधार और सख्त कार्रवाई का दावा कर रही हैं।
हालांकि, इस पूरे विवाद के बीच सबसे बड़ा सवाल अब भी वही है — क्या देश के छात्रों का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा दोबारा लौट पाएगा? क्योंकि लाखों युवाओं के सपनों से जुड़ा यह मुद्दा अब केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि यह देश की व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही की बड़ी परीक्षा बन चुका है।
COMMENTS