कौशांबी में कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर दर्दनाक सड़क हादसे में 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। फतेहपुर से दर्शन कर लौट रहे 25 लोगों की पिकअप खड़े ट्राला से टकरा गई।
कौशांबी में रामनवमी के पावन अवसर पर एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर हुए इस भीषण दुर्घटना में सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब श्रद्धालु मां शीतला के दर्शन कर वापस अपने गांव लौट रहे थे।
जानकारी के मुताबिक, यह हादसा सैनी थाना क्षेत्र के डोरमा इलाके में डोरमा पेट्रोल पंप के पास हुआ। सड़क किनारे खड़े एक ट्राला में तेज रफ्तार पिकअप पीछे से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप वाहन के परखचे उड़ गए और उसमें सवार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
दर्शन कर लौट रहे थे श्रद्धालु
बताया जा रहा है कि पिकअप में सवार सभी लोग फतेहपुर जिले के मलवा क्षेत्र के बड़ोखर गांव के निवासी थे। ये सभी श्रद्धालु शुक्रवार सुबह रामनवमी के अवसर पर कड़ा धाम स्थित मां शीतला के दर्शन करने आए थे।
दर्शन के बाद जब यह समूह वापस लौट रहा था, तभी दोपहर करीब 3:45 बजे यह हादसा हो गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े।
25 लोग थे सवार, 7 की मौत
पिकअप में महिलाओं और बच्चों समेत कुल 25 लोग सवार थे। दुर्घटना में सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जिनमें कुछ ने मौके पर और कुछ ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया।
इस हादसे ने एक ही गांव के कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। मृतकों में महिला और बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं।

घायलों की स्थिति गंभीर
घटना के बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए चार एंबुलेंस की व्यवस्था की गई।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती घायलों के बारे में जानकारी देते हुए सीएमओ डॉ. संजय कुमार ने बताया कि कुल 23 घायलों को अस्पताल लाया गया। इनमें एक महिला और तीन बच्चों की मौत की पुष्टि हुई है।
इसके अलावा पांच घायलों को गंभीर चोटें और फ्रैक्चर की आशंका के चलते प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है। वहीं 14 अन्य मरीजों का इलाज स्थानीय स्तर पर किया जा रहा है, जिनमें कुछ बच्चे भी शामिल हैं।
हाईवे पर लगा जाम
इस भीषण हादसे के कारण कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर लंबा जाम लग गया। दुर्घटना के बाद काफी देर तक यातायात बाधित रहा, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और यातायात बहाल कराया।
हादसे की वजह क्या?
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पिकअप वाहन अनियंत्रित हो गया था और सड़क किनारे खड़े ट्राला में पीछे से जा टकराया। हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसा चालक की लापरवाही से हुआ या किसी तकनीकी कारण से।

सवालों के घेरे में हाईवे सुरक्षा
यह हादसा एक बार फिर हाईवे पर खड़े भारी वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। अक्सर देखा जाता है कि बिना किसी चेतावनी संकेत के सड़क किनारे ट्रक और ट्राला खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे ऐसे हादसों का खतरा बढ़ जाता है।
इलाके में पसरा मातम
रामनवमी जैसे पावन दिन पर हुए इस हादसे ने पूरे इलाके में शोक की लहर फैला दी है। एक ही गांव के कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है। गांव में मातम का माहौल है और हर कोई इस घटना से स्तब्ध है।
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