पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत में पेट्रोल, डीजल और LPG की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है। अफवाह फैलाने वाले शरारती तत्वों पर कानूनी कार्रवाई होगी। देशभर के नागरिकों से सरकारी सूचना पर भरोसा करने की अपील की गई है।
देशभर में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत में ईंधन संकट जैसी कोई स्थिति नहीं है। हाल ही में सोशल मीडिया पर फैलाई गई अफवाहों के कारण कुछ इलाकों में अस्थायी रूप से लोगों में डर और घबराहट देखने को मिली, लेकिन मंत्रालय ने इस पर कड़ा रुख अपनाया है और कहा है कि जानबूझकर भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पेट्रोल और डीजल की पूरी उपलब्धता
मंत्रालय ने कहा कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति संरचनात्मक रूप से सुरक्षित है। भारत विश्व का चौथा सबसे बड़ा पेट्रोलियम शोधक और पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक है। 150 से अधिक देशों को ईंधन की निरंतर आपूर्ति के साथ, भारत में घरेलू आपूर्ति में कोई व्यवधान नहीं है।
देशभर में 1 लाख से अधिक खुदरा ईंधन दुकानें पूरी तरह काम कर रही हैं और किसी भी दुकान को आपूर्ति सीमित करने का आदेश नहीं दिया गया है। अफवाहों के कारण केवल कुछ पंपों पर अस्थायी रूप से खरीदारी में बढ़ोतरी देखी गई, लेकिन तेल कंपनियों ने तुरंत अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित की।

पेट्रोल और डीजल की कमी की अफवाहें झूठी हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत के पास हर नागरिक के लिए लगभग दो महीने तक ईंधन की स्थिर आपूर्ति है।
कच्चे तेल की पर्याप्त आपूर्ति
हालांकि होर्मुज जलडमरूमध्य में वैश्विक तनाव है, भारत को 41 से अधिक आपूर्तिकर्ता देशों से पर्याप्त कच्चा तेल प्राप्त हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार से प्राप्त उच्च मात्रा ने किसी भी व्यवधान की भरपाई कर दी है।
तेल कंपनियों ने पेट्रोल पंपों को दी जाने वाली क्रेडिट अवधि को बढ़ाकर सुनिश्चित किया कि किसी पंप पर भी ईंधन की कमी न हो। रात भर आपूर्ति बढ़ाने के लिए डिपो लगातार चालू रहे, ताकि आम नागरिकों को लगातार ईंधन मिल सके।
एलपीजी की उपलब्धता और उत्पादन में वृद्धि
देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है। घरेलू रिफाइनरी उत्पादन में 40% की वृद्धि हुई है। अब दैनिक एलपीजी उत्पादन लगभग 50 टीएमटी तक पहुँच गया है, जबकि कुल दैनिक आवश्यकता 80 टीएमटी है।
इसका मतलब यह है कि भारत अब आयात से अधिक उत्पादन कर रहा है। अमेरिका, रूस, ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों से 800 टीएमटी एलपीजी कार्गो पहले से ही भारत के 22 आयात टर्मिनलों पर पहुंच चुके हैं। तेल कंपनियां प्रतिदिन 50 लाख सिलेंडर सफलतापूर्वक वितरित कर रही हैं।
घबराहट में सिलेंडरों की मांग 89 लाख तक बढ़ गई थी, लेकिन अब यह सामान्य होकर 50 लाख सिलेंडर प्रतिदिन हो गई है। राज्य सरकारों के साथ समन्वय करके वाणिज्यिक सिलेंडरों का आवंटन बढ़ाया गया है।

पीएनजी (प्राकृतिक गैस) का बढ़ता उपयोग
देश में पीएनजी का वितरण तेजी से बढ़ाया जा रहा है। भारत वर्तमान में दैनिक आवश्यकता के 92 मिलियन मीट्रिक मानक घन मीटर का घरेलू उत्पादन करता है। शहरी क्षेत्रों में घरेलू पीएनजी कनेक्शन 25 लाख से बढ़कर 1.5 करोड़ हो गए हैं।
पीएनजी एलपीजी की तुलना में सस्ता, स्वच्छ और सुरक्षित ईंधन है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पीएनजी को बढ़ावा देने का उद्देश्य किसी भी ईंधन संकट से संबंधित नहीं है।
भ्रामक सूचना पर कार्रवाई की चेतावनी
मंत्रालय ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैलाए गए वीडियो और पोस्ट पूरी तरह से भ्रामक हैं। इनमें कतारों की तस्वीरें और वैश्विक समाचार फुटेज का गलत इस्तेमाल किया गया, जिससे भारत में ईंधन की कमी का भ्रम पैदा किया गया।
भ्रामक जानकारी फैलाना मौजूदा कानूनों के तहत अपराध है। मंत्रालय ने कहा कि ऐसे शरारती तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकार की अपील
मंत्रालय ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि केवल सरकारी सूचना पर ही भरोसा करें। किसी भी अफवाह या सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर खरीदारी न करें। भारत के पास पर्याप्त तेल, डीजल और एलपीजी भंडार है, और आने वाले महीनों में भी स्थिति पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।
COMMENTS