दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल/SWR ने मथुरा आधारित नवगठित ‘Gangland’ गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर दिल्ली-NCR में संभावित रंगदारी और फायरिंग की बड़ी साजिश को नाकाम करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी रोहित गोदारा गैंग के समर्थक/फॉलोअर हैं और फायरिंग कर दहशत फैलाकर जल्दी पैसा वसूलने के लिए टारगेट तलाश रहे थे। आरोपियों के कब्जे से तीन पिस्टल, 11 जिंदा कारतूस और एक स्कॉर्पियो बरामद हुई है।
दिल्ली-NCR में रंगदारी के लिए फायरिंग की एक बड़ी साजिश को अंजाम तक पहुंचने से पहले ही स्पेशल सेल/SWR ने रोकने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक मथुरा से जुड़े एक नए गैंग ने खुद को ‘Gangland’ नाम दिया था और यह गैंग फरार गैंगस्टर रोहित गोदारा गैंग का समर्थक/फॉलोअर बताया जा रहा है। गैंग के सदस्य दिल्ली-NCR में ऐसे लोगों और ठिकानों की तलाश कर रहे थे, जिन्हें निशाना बनाकर ऑफिस या वाहनों पर फायरिंग की जा सके और उसके बाद दहशत के बल पर रंगदारी वसूली जा सके।
लेकिन इससे पहले कि गैंग अपने कथित मंसूबों को अंजाम दे पाता, स्पेशल सेल/SWR की टीम ने द्वारका इलाके में जाल बिछाकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, इंस्पेक्टर मनेंद्र सिंह के नेतृत्व और ACP/SWR पूरन चंद्र पंत की निगरानी में यह कार्रवाई की गई। टीम को हार्डकोर अपराधियों, शार्पशूटरों और हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी तथा रंगदारी के लिए फायरिंग जैसे गंभीर अपराधों में शामिल गैंगस्टरों पर कार्रवाई की जिम्मेदारी मिली हुई है।
टारगेट की तलाश में दिल्ली पहुंचे थे आरोपी
स्पेशल सेल को मैनुअल इंटेलिजेंस और लगातार ग्राउंड वर्क के जरिए जानकारी मिली थी कि उत्तर प्रदेश के मथुरा से जुड़े कुछ लोगों ने ‘Gangland’ नाम से नया गैंग बनाया है। पुलिस के मुताबिक इस गैंग का नेतृत्व कान्हा सिंह जडौल उर्फ कान्हा ठाकुर कर रहा था।
जांच के दौरान पुलिस को इनपुट मिला कि गैंग के सदस्य रोहित गोदारा गैंग से प्रभावित हैं और दिल्ली-NCR में रंगदारी के लिए फायरिंग करने की तैयारी कर रहे हैं। उनका कथित तरीका यह था कि पहले किसी संभावित ‘सॉफ्ट टारगेट’ की पहचान की जाए, फिर उसके ऑफिस या वाहन पर गोली चलाकर भय का माहौल बनाया जाए और उसके बाद जल्दी पैसा वसूलने का प्रयास किया जाए।
इसी सूचना के आधार पर दिल्ली के द्वारका इलाके में ट्रैप लगाया गया। पुलिस के अनुसार 29 और 30 जुलाई 2026 की दरम्यानी रात तीनों आरोपियों को उस समय पकड़ लिया गया, जब वे स्कॉर्पियो कार से घूम रहे थे और कथित तौर पर टारगेट की तलाश में थे।

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने कुल तीन पिस्टल और 11 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा एक स्कॉर्पियो कार भी पुलिस ने अपने कब्जे में ली है।
बरामद हथियारों में एक 30 बोर की ऑटोमैटिक पिस्टल, जिसमें पांच जिंदा कारतूस मिले। इसके अलावा दो सिंगल शॉट पिस्टल बरामद हुईं, जिनमें एक-एक जिंदा कारतूस था।
इस कार्रवाई के बाद FIR संख्या 178/2026, दिनांक 30 जुलाई 2026, धारा 25 आर्म्स एक्ट के तहत थाना स्पेशल सेल में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
कौन है गैंग का कथित सरगना कान्हा ठाकुर?
पुलिस के अनुसार कान्हा सिंह जडौल उर्फ कान्हा ठाकुर, उम्र 26 वर्ष, स्वर्गीय रामवीर सिंह जडौल का पुत्र है। वह मूल रूप से मथुरा में पैदा हुआ था, जबकि करीब 15 वर्ष पहले उसका परिवार जयपुर चला गया था। उसका पता जयपुर के सांगानेर स्थित कृषि नगर टोल टैक्स क्षेत्र का बताया गया है।
माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है और उसका एक छोटा भाई है। उसने जयपुर के सुबोध कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। पुलिस का दावा है कि कॉलेज के दिनों में ही उसने अपनी इच्छा से अपराध की राह चुनी। इसके बाद उसने मथुरा निवासी भूसन के साथ मिलकर ‘Gangland’ नाम से गैंग बनाया और सोशल मीडिया पर अपनी आपराधिक गतिविधियों को लेकर कथित तौर पर प्रदर्शन किया।
बाद में यह गैंग फरार गैंगस्टर रोहित गोदारा के गैंग को फॉलो करने लगा। कान्हा ने वल्लभा चार्या और सूरज को भी अपने गैंग में शामिल किया।
पुलिस के मुताबिक वर्ष 2023 में कान्हा और उसके साथियों ने कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के मामले में एक व्यक्ति की वाहन से टक्कर मारकर हत्या की थी।
कान्हा के खिलाफ पहले से तीन मामले
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार कान्हा के खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं। इनमें FIR संख्या 36/2025, दिनांक 24 जनवरी 2025, धारा 3/25 आर्म्स एक्ट, थाना मालपुरा गेट, जयपुर सिटी ईस्ट; FIR संख्या 601/2023, दिनांक 4 सितंबर 2023, धारा 109/201/302/34 IPC, थाना शिवदासपुरा, जयपुर सिटी साउथ; और FIR संख्या 927/2025, दिनांक 13 दिसंबर 2025, धारा 3/25(1-B) आर्म्स एक्ट, थाना प्रताप नगर, जयपुर सिटी ईस्ट शामिल हैं।
जमीन विवाद से अपराध की राह पर आया सूरज
गिरफ्तार आरोपी सूरज, उम्र 24 वर्ष, सोहन सिंह का पुत्र है और भरतपुर जिले का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार पैतृक जमीन के बंटवारे से जुड़े विवादों को सुलझाने के बजाय उसने स्वेच्छा से अपराध का रास्ता चुना और कान्हा सिंह जडौल के संपर्क में आ गया।

सूरज के खिलाफ भरतपुर के नदबई थाने में पहले से तीन मामले दर्ज बताए गए हैं। इनमें वर्ष 2021 का हत्या के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं का मामला, वर्ष 2022 का हत्या के प्रयास, मारपीट और चोरी समेत धाराओं में मामला तथा वर्ष 2022 का आर्म्स एक्ट का मामला शामिल है।
जिम ट्रेनर से गैंग सदस्य बना वल्लभा चार्या
तीसरा आरोपी वल्लभा चार्या, उम्र 30 वर्ष, कृष्ण कुमार शर्मा का पुत्र है और भरतपुर के गोविंद नगर, मदरपुर रोड का निवासी बताया गया है। पुलिस के मुताबिक वह पहले जिम ट्रेनर के रूप में काम करता था और मार्च 2026 में जयपुर में अपना जिम खोला था।
यहीं उसकी मुलाकात कान्हा सिंह जडौल से हुई और वह कथित तौर पर अपनी इच्छा से उसके गैंग के साथ काम करने लगा। पुलिस का कहना है कि जिम कारोबार में नुकसान के बाद वह जल्दी और आसानी से पैसा कमाने की तलाश में अपराध की ओर गया और ‘Gangland’ गैंग से जुड़ गया।
गिरफ्तारी से टलीं कई वारदातें?
स्पेशल सेल का कहना है कि तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी से दिल्ली-NCR में रंगदारी के लिए फायरिंग और उससे जुड़ी कई गंभीर वारदातों को टाला जा सका है। पुलिस के मुताबिक आरोपी उस समय गिरफ्तार हुए, जब वे कथित तौर पर संभावित टारगेट की पहचान करने की प्रक्रिया में थे।
अब जांच का अहम सवाल यह है कि इस गैंग ने दिल्ली-NCR में किन लोगों को निशाना बनाने की योजना बनाई थी, इनके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं और रोहित गोदारा गैंग से इनके संपर्क कितने गहरे हैं। फिलहाल स्पेशल सेल इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
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