उज्जैन के छत्री चौक स्थित शाही मस्जिद को लेकर सोमवार को बने तनाव के बाद मंगलवार को स्थिति सामान्य रही। प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच सहमति के बाद मुस्लिम समाज के लोग सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे मस्जिद के हिस्से को स्वयं हटाने में सहयोग कर रहे हैं। पुलिस ने पथराव के मामले में 15 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि भ्रामक वीडियो और अफवाह फैलाने के आरोप में पांच सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
सोमवार को जिस शाही मस्जिद को लेकर उज्जैन में तनाव और पथराव की स्थिति बनी थी, मंगलवार सुबह उसी इलाके में तस्वीर कुछ अलग नजर आई। कंठाल से गोपाल मंदिर मार्ग के सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे छत्री चौक स्थित ऐतिहासिक शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को अब मस्जिद कमेटी और मुस्लिम समाज के लोग स्वयं हटाने में सहयोग कर रहे हैं।
प्रशासन और मस्जिद प्रबंधन के बीच बातचीत के बाद प्रभावित हिस्से को स्वेच्छा से हटाने पर सहमति बनी थी। इसी सहमति के बाद मंगलवार को निर्माण हटाने की प्रक्रिया शांतिपूर्ण माहौल में आगे बढ़ी। पुलिस और प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद के नीचे चल रही करीब 8 से 10 दुकानों को भी देर रात खाली करा लिया गया, जिसके बाद प्रभावित हिस्से को हटाने का काम आगे बढ़ाया गया।
एक दिन पहले पथराव ने बढ़ा दिया था तनाव
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत सोमवार को उस समय हुई जब सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई को लेकर बड़ी संख्या में लोग मस्जिद के आसपास पहुंच गए। सोशल मीडिया पर मस्जिद को लेकर कई वीडियो और दावे प्रसारित हुए। प्रशासन का कहना था कि प्रभावित हिस्सा सहमति के बाद हटाया जा रहा है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे प्रशासन द्वारा जबरन बुलडोजर चलाने की कार्रवाई के रूप में पेश किए जाने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।
इसके बाद टंकी चौक और अंडा गली इलाके से कुछ लोग मस्जिद की ओर पहुंचे और कार्रवाई को रोकने का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस पर पथराव हुआ। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। रिपोर्टों के अनुसार, पथराव के दौरान एक महिला थाना प्रभारी भी घायल हुईं।
हालांकि, इसके बाद प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी और स्थिति को नियंत्रण में किया। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण भी किया।
5 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स पर भी कार्रवाई
पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम में सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की भी जांच शुरू की है। भ्रामक वीडियो और अफवाह फैलाने के आरोप में साजिद खान, इमरान खान, गुलरेज खान, बिल्लू पठान और आरिफ पठान के खिलाफ खाराकुआं थाने में मामला दर्ज किया गया है।
इसके अलावा पथराव के मामले में खाराकुआं, कोतवाली और महाकाल थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बिलाल, तालू हेला, सलीम, नदीम, तौफिक, शाकिर, शाहनवाज, आर्षद दीवान, अल्तमस, अरबाज और वसीम मंसूरी समेत 15 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।
वहीं, पुलिस सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की निगरानी भी कर रही है। अन्य रिपोर्टों में भी सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स के खिलाफ कार्रवाई और भ्रामक पोस्ट की जांच की जानकारी सामने आई है।
कलेक्टर ने कहा—अफवाहों पर भरोसा न करें
उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने लोगों से सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी भ्रामक खबर या अफवाह पर विश्वास नहीं करने की अपील की है। प्रशासन के अनुसार, सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद कमेटी और संबंधित समाज के लोगों ने प्रभावित निर्माण को सहमति से स्वयं हटाने की पहल की है।
प्रशासन का कहना है कि अब प्राथमिकता सड़क चौड़ीकरण के काम को शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाने की है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सिंहस्थ 2028 से जुड़ी है पूरी सड़क चौड़ीकरण परियोजना
उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण का यह अभियान सिंहस्थ 2028 की तैयारियों से जुड़ा है। कंठाल से गोपाल मंदिर मार्ग को चौड़ा करने की योजना इसी बड़े बुनियादी ढांचा अभियान का हिस्सा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, सड़क को चौड़ा करने की प्रक्रिया में कई निर्माण और धार्मिक स्थलों के प्रभावित हिस्से शामिल हैं।
शाही मस्जिद का प्रभावित हिस्सा भी इसी सड़क चौड़ीकरण की सीमा में आने के कारण प्रशासन की योजना में शामिल हुआ। इस मुद्दे पर कानूनी प्रक्रिया और विरोध के बीच अब प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच बनी सहमति ने कार्रवाई को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ किया है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से जुड़े पिछले घटनाक्रम में भी सड़क चौड़ीकरण से संबंधित याचिका पर कार्रवाई को रोकने से इनकार किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी।
अब नजर इस बात पर कि आगे कैसे बढ़ेगा काम
एक दिन पहले पथराव, आंसू गैस और गिरफ्तारियों के बाद मंगलवार को शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को स्वयं हटाने की प्रक्रिया का शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ना प्रशासन के लिए अहम घटनाक्रम है। फिलहाल प्रशासन, पुलिस और मस्जिद कमेटी की कोशिश है कि बाकी प्रक्रिया में कोई नया विवाद न हो और सड़क चौड़ीकरण का काम निर्धारित योजना के मुताबिक आगे बढ़े।
उज्जैन में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सोशल मीडिया की अफवाहों और तनाव के बीच बनी यह सहमति आगे भी कायम रहती है या नहीं। फिलहाल प्रशासन का संदेश साफ है—विकास कार्य से जुड़े मामले में अफवाहों से बचें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
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