यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की 93वीं बोर्ड बैठक में औद्योगिक विकास, लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर, वित्तीय प्रबंधन, कचरा प्रबंधन और किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। 14 सितंबर 2026 तक प्राधिकरण की कुल प्राप्तियां ₹4,222.37 करोड़ दर्ज की गईं। बैठक में YEIDA Corpus Fund Investment Regulation 2026-27, 8,000 हेक्टेयर में इंडस्ट्रियल नोड, मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, इंटरनेशनल ट्रेड सिटी, औद्योगिक भूखंडों पर निर्माण व उत्पादन में तेजी और किसानों को 7% भूखंड उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई।

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की 93वीं बोर्ड बैठक सोमवार, 28 सितंबर 2026 को संपन्न हुई। बैठक में प्राधिकरण क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास, वित्तीय प्रबंधन, औद्योगिक निवेश, लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर, कचरा प्रबंधन और किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिए गए।
बैठक में प्रस्तुत वित्तीय विवरण के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 में 14 सितंबर 2026 तक प्राधिकरण की कुल प्राप्तियां ₹4,222.37 करोड़ रही हैं। पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में यह राशि ₹1,495.43 करोड़ थी। प्राधिकरण के अनुसार, इस आधार पर प्राप्तियों में करीब 182.35 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है।
औद्योगिक/मिक्स लैंड योजना के तहत ₹2,420.7 करोड़ की राजस्व प्राप्ति हुई, जो पूरे वर्ष के लिए इस मद में निर्धारित बजट का 174.47 प्रतिशत बताई गई है।
वहीं, वित्तीय वर्ष 2026-27 में 14 सितंबर तक प्राधिकरण का कुल व्यय ₹5,501.71 करोड़ रहा। इसमें भूमि अधिग्रहण तथा विभिन्न बैंकों से लिए गए ऋण की अदायगी से संबंधित व्यय भी शामिल है।

दीर्घकालिक रखरखाव के लिए बनेगा YEIDA Corpus Fund
बोर्ड बैठक में YEIDA Corpus Fund Investment Regulation 2026-27 तैयार करने का निर्णय लिया गया। इसका उद्देश्य प्राधिकरण क्षेत्र में विकसित नागरिक सुविधाओं के दीर्घकालिक रखरखाव और वित्तीय स्थायित्व के लिए अलग व्यवस्था तैयार करना है।
इस व्यवस्था के तहत वन टाइम लीज रेंट और अन्य पात्र गैर-आवर्ती प्राप्तियों को अलग कॉरपस फंड में रखा जाएगा। निर्धारित नियमों के अनुसार इसका सुरक्षित निवेश किया जाएगा।
निवेश से प्राप्त ब्याज और अनुमन्य राशि का इस्तेमाल सड़कों, जलापूर्ति, सीवरेज एवं ड्रेनेज, स्ट्रीट लाइट, पार्क, ग्रीन बेल्ट तथा अन्य नागरिक सुविधाओं के रखरखाव और मरम्मत के लिए किया जाएगा।
प्राधिकरण का कहना है कि कॉरपस फंड के माध्यम से वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और निगरानी को मजबूत किया जा सकेगा।
मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क को मंजूरी
महायोजना-2041 के तहत लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में भी बोर्ड ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
उत्तर प्रदेश Multi-Modal Logistics Park Policy-2024 के अनुरूप मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित करने और पात्र निवेशकों को ई-ऑक्शन के माध्यम से भूखंड उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को मंजूरी दी गई है।
प्राधिकरण के अनुसार, इससे क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, रोजगार और आधुनिक सप्लाई-चेन इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
आगरा अर्बन सेंटर की महायोजना-2041 को अंतिम रूप देने की तैयारी
YEIDA द्वारा आगरा अर्बन सेंटर की महायोजना-2041 को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।
संशोधित महायोजना रिपोर्ट को पहले प्राधिकरण की 88वीं बोर्ड बैठक में प्रस्तुत किया गया था। इसके बाद आम जनता से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए गए। प्राप्त आपत्तियों एवं सुझावों का समिति द्वारा परीक्षण कर उनके निस्तारण की संस्तुति की गई है।
इसी आधार पर आगरा अर्बन सेंटर की संशोधित ड्राफ्ट महायोजना-2041 तैयार की जा रही है। इसके माध्यम से क्षेत्र में भविष्य के भूमि उपयोग और विकास से संबंधित दिशा निर्धारित किए जाने की योजना है।

नोएडा एयरपोर्ट के दक्षिण में 8,000 हेक्टेयर में इंडस्ट्रियल नोड
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के दक्षिणी क्षेत्र में करीब 8,000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में इंडस्ट्रियल नोड विकसित करने की दिशा में भी काम आगे बढ़ाया गया है।
बोर्ड के समक्ष प्रस्तावित इंडस्ट्रियल नोड की योजना से संबंधित कार्यों को रखा गया। महायोजना तैयार करने के लिए कंसल्टेंट के चयन की प्रक्रिया चल रही है।
प्राधिकरण के अनुसार, इंडस्ट्रियल नोड के विकास से औद्योगिक निवेश, रोजगार और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिलेगा तथा एयरपोर्ट के आसपास योजनाबद्ध औद्योगिक विकास को नई गति मिल सकती है।
Yiwu की तर्ज पर International Trade City विकसित करने की पहल
YEIDA क्षेत्र में Yiwu International Trade City की तर्ज पर International Trade City विकसित करने की दिशा में भी पहल की जा रही है।
प्रस्तावित ट्रेड सिटी में क्षेत्र के औद्योगिक उत्पादों के प्रदर्शन, बिक्री और निर्यात के लिए संगठित बाजार उपलब्ध कराने की परिकल्पना की गई है। प्राधिकरण के मुताबिक इससे स्थानीय उद्योगों को नए बाजार और वैश्विक व्यापार के अवसर उपलब्ध हो सकते हैं।
औद्योगिक भूखंडों पर उत्पादन शुरू कराने पर जोर
YEIDA क्षेत्र में औद्योगिक निवेश को जमीन पर उतारने की दिशा में भी प्रगति की समीक्षा की गई।
4,000 वर्गमीटर से अधिक आकार के 295 औद्योगिक भूखंडों में से 181 के लीज डीड निष्पादित हो चुके हैं। 152 आवंटियों को कब्जा दिया जा चुका है और 69 भूखंडों पर निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। वहीं 13 इकाइयों में उत्पादन शुरू होने की जानकारी दी गई।
सेक्टर-28 के मेडिकल डिवाइस पार्क में 203 भूखंडों के सापेक्ष 123 भूखंड आवंटित किए गए हैं। इनमें 75 पर कब्जा और 28 भूखंडों पर निर्माण शुरू हो चुका है। पार्क में 3D Prototype Lab, Electronics Assembly Facility, IoMT, Biomaterial, Common IT Facility और Tooling Room जैसी सुविधाओं का विकास भी जारी है।
सेक्टर-29 के अपैरल पार्क में 159, एमएसएमई पार्क में 503 और हैंडीक्राफ्ट पार्क में 188 भूखंडों का आवंटन किया जा चुका है। अपैरल पार्क में 110 और हैंडीक्राफ्ट पार्क में 83 आवंटियों को कब्जा दिया जा चुका है।
सेक्टर-33 के टॉय पार्क में भी 148 भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं।
कचरा प्रबंधन के लिए नए नियमों का ड्राफ्ट
YEIDA क्षेत्र में Integrated Solid Waste Management और Sanitation व्यवस्था को मजबूत करने के लिए Detailed Project Report तैयार कराई गई हैं।
इसके साथ ही कचरा प्रबंधन एवं नियंत्रण को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से YEIDA Waste Management (Regulation & Control) Bye-Laws, 2026 का ड्राफ्ट तैयार किया गया है।
इसे Draft Gazette Notification के रूप में अधिसूचित करने की प्रक्रिया प्रस्तावित है। बोर्ड के समक्ष अलग से प्रस्तुतीकरण के लिए भी निर्देश दिए गए हैं।
प्राधिकरण के अनुसार, इस व्यवस्था से स्वच्छता, वैज्ञानिक तरीके से कचरे के निस्तारण, पर्यावरण संरक्षण और व्यवस्थित अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूती मिल सकती है।
किसानों के 7 प्रतिशत भूखंडों की प्रक्रिया तेज
भूमि अधिग्रहण से प्रभावित पात्र किसानों को 7 प्रतिशत भूखंड उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में भी तेजी लाने की जानकारी दी गई।
अब तक 10,069 किसानों के आरक्षण पत्र जारी किए जा चुके हैं और विभिन्न सेक्टरों में 4,978 भूखंडों की नियोजन प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है।
प्राधिकरण के अनुसार, किसानों को 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर का लाभ देते हुए अब तक करीब ₹3,142 करोड़ की अतिरिक्त प्रतिकर राशि वितरित की जा चुकी है।
प्राधिकरण का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य किसानों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना और उनके अधिकारों व हितों को प्राथमिकता देना है।
भूमि खरीद की नई दरों को लेकर भी फैसला
YEIDA की 92वीं बोर्ड बैठक में भूमि खरीद प्रक्रिया को लेकर लिए गए निर्णय के तहत गौतमबुद्धनगर और बुलंदशहर में आपसी सहमति से भूमि खरीद के लिए नई दरें लागू की गई हैं।
नई दरों के अनुसार ₹4,558 प्रति वर्गमीटर तथा एक्सप्रेसवे सहित ₹4,037 प्रति वर्गमीटर की दर से भूमि खरीद की जा रही है। इसके साथ 7 प्रतिशत आबादी भूखंड का प्रावधान भी है।
ऐसे किसान जिन्होंने पुरानी निर्धारित दरों पर भूमि देने की सहमति दे दी थी, लेकिन विभिन्न कारणों से 20 अगस्त 2026 तक बैनामा नहीं करा सके, उनके मामलों में भी बोर्ड ने निर्णय लिया है। ऐसे मामलों में संशोधित नई दरों के अनुसार बैनामा निष्पादित कराया जाएगा।
बोर्ड के मुताबिक इस निर्णय का उद्देश्य भूमि खरीद प्रक्रिया को गति देना, लंबित मामलों का समाधान करना और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रक्रिया को अधिक सुगम एवं पारदर्शी बनाना है।
YEIDA के लिए विकास के साथ वित्तीय स्थायित्व पर जोर
93वीं बोर्ड बैठक में लिए गए फैसलों से YEIDA क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, लॉजिस्टिक्स, एयरपोर्ट आधारित विकास, नागरिक सुविधाओं के रखरखाव, कचरा प्रबंधन और किसानों से जुड़े मुद्दों को एक साथ आगे बढ़ाने की दिशा दिखाई गई है।
अब इन निर्णयों के वास्तविक क्रियान्वयन, परियोजनाओं की समयसीमा और जमीन पर मिलने वाले परिणामों पर निगाह रहेगी।
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