नोएडा के सेक्टर-66 स्थित ममूरा गांव की एक पीजी बिल्डिंग में इलेक्ट्रिक बाइक में स्पार्किंग से लगी भीषण आग ने दो युवतियों की जान ले ली। दमकल और पुलिस ने संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाकर 100 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला। मामले में बिल्डिंग के लीजहोल्डर और ऑपरेटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर हिरासत में लिया गया है।
उत्तर प्रदेश के नोएडा से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। सेक्टर-66 स्थित ममूरा गांव की एक पीजी (पेइंग गेस्ट) बिल्डिंग में अचानक लगी भीषण आग ने कुछ ही मिनटों में पूरे परिसर को धुएं और लपटों से भर दिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बिल्डिंग की पार्किंग में खड़ी एक इलेक्ट्रिक बाइक में स्पार्किंग होने के बाद आग लगी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया।
इस हादसे में दो युवतियों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दमकल विभाग, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से 100 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना उस समय हुई जब अधिकांश लोग पीजी के कमरों में मौजूद थे। बिल्डिंग की पार्किंग में खड़ी एक इलेक्ट्रिक बाइक से अचानक धुआं निकलना शुरू हुआ और कुछ ही क्षणों में उसमें तेज स्पार्किंग होने लगी। देखते ही देखते आग ने आसपास खड़े अन्य वाहनों और पार्किंग क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया।
आग से उठने वाले घने धुएं ने पूरी बिल्डिंग को भर दिया, जिससे ऊपरी मंजिलों पर रहने वाले लोग बाहर निकलने में असमर्थ हो गए। कई लोग अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों और बालकनियों तक पहुंच गए और मदद के लिए आवाज लगाने लगे।
दमकल और पुलिस ने चलाया संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और थाना पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत एवं बचाव अभियान तुरंत शुरू किया गया। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने के साथ-साथ बिल्डिंग में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान चलाया।

प्रशासन के अनुसार, 100 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। धुएं की चपेट में आने से कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें मौके पर प्राथमिक उपचार देने के बाद अस्पताल भेजा गया।
हालांकि, दो युवतियों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
दो युवतियों की मौत से इलाके में शोक
इस हादसे में दो युवतियों की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों युवतियां पीजी में रहकर नौकरी या पढ़ाई कर रही थीं। हालांकि, प्रशासन ने आधिकारिक रूप से उनकी पहचान जारी नहीं की है।
घटना के बाद पीड़ित परिवारों को सूचना दे दी गई है और पुलिस आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया संज्ञान
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने, राहत कार्यों में तेजी लाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने के आदेश भी दिए। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
बिल्डिंग संचालक और लीजहोल्डर पर एफआईआर
प्रशासन ने प्राथमिक जांच के आधार पर बिल्डिंग संचालन में लापरवाही की आशंका जताई है। अधिकारियों ने बताया कि बिल्डिंग के लीजहोल्डर और ऑपरेटर के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया गया है।

पुलिस का कहना है कि जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि बिल्डिंग में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं, पार्किंग में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध थी या नहीं तथा आपातकालीन निकास (Emergency Exit) पर्याप्त थे या नहीं।
आग कैसे फैली, जांच का विषय
प्रारंभिक जानकारी में इलेक्ट्रिक बाइक में स्पार्किंग को आग लगने का कारण माना जा रहा है, लेकिन विशेषज्ञों की टीम अब विस्तृत तकनीकी जांच करेगी।
जांच में यह देखा जाएगा कि—
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इलेक्ट्रिक बाइक में तकनीकी खराबी थी या नहीं।
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बिल्डिंग की विद्युत व्यवस्था सुरक्षित थी या नहीं।
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फायर अलार्म और फायर फाइटिंग सिस्टम काम कर रहे थे या नहीं।
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पार्किंग में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
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पीजी संचालन के लिए आवश्यक अनुमति और अग्निशमन विभाग की स्वीकृतियां मौजूद थीं या नहीं।
पीजी और बहुमंजिला इमारतों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर नोएडा और एनसीआर में संचालित पीजी, हॉस्टल और बहुमंजिला आवासीय इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है, लेकिन कई इमारतों में उनके सुरक्षित चार्जिंग और पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। वहीं, कई निजी पीजी भवनों में अग्निशमन मानकों के पालन को लेकर भी समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल दमकल विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। फॉरेंसिक और तकनीकी विशेषज्ञ भी घटनास्थल का निरीक्षण कर रहे हैं ताकि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर यह याद दिला दिया है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच भवन सुरक्षा, फायर सेफ्टी और इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़े सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन केवल नियम नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाने की अनिवार्य आवश्यकता है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर है, जो यह तय करेगी कि यह हादसा केवल एक दुर्घटना था या किसी गंभीर लापरवाही का परिणाम।
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