गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट की सर्विलांस सेल और थाना सूरजपुर पुलिस ने CEIR पोर्टल एवं आधुनिक तकनीक की मदद से 121 गुम हुए कीमती स्मार्टफोन खोजकर उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने पुलिस का आभार व्यक्त किया।
मोबाइल फोन आज केवल संचार का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह लोगों के निजी और पेशेवर जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। ऐसे में जब किसी व्यक्ति का मोबाइल फोन गुम हो जाता है, तो उसके साथ कई जरूरी जानकारियां, संपर्क और व्यक्तिगत डेटा भी खो जाने की चिंता बढ़ जाती है। लेकिन गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि तकनीक और समर्पित पुलिसिंग के जरिए आम नागरिकों को राहत पहुंचाई जा सकती है।
पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह के निर्देशानुसार, पुलिस उपायुक्त सेंट्रल नोएडा श्री शैलेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व तथा अपर पुलिस उपायुक्त श्री स्वतंत्र कुमार सिंह एवं सहायक पुलिस आयुक्त तृतीय श्री राजीव गुप्ता के निकट पर्यवेक्षण में सर्विलांस सेल सेंट्रल नोएडा और थाना सूरजपुर पुलिस ने एक उल्लेखनीय अभियान चलाते हुए 121 गुम हुए स्मार्टफोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द किए।
CEIR पोर्टल बना लोगों की उम्मीद का सहारा
पुलिस द्वारा यह सफलता भारत सरकार के CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल और सर्विलांस तकनीक की मदद से हासिल की गई। यह पोर्टल गुम या चोरी हुए मोबाइल फोनों को ट्रैक करने और उन्हें खोजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
02 जून 2026 को आयोजित कार्यक्रम में बरामद किए गए मोबाइल फोन उनके मालिकों को वापस सौंपे गए। इनमें विभिन्न कंपनियों के महंगे और स्मार्ट मोबाइल फोन शामिल थे, जो अलग-अलग परिस्थितियों में खो गए थे।

भीड़भाड़ से लेकर यात्रा तक, कई कारणों से गुम हुए थे मोबाइल
पुलिस जांच के दौरान यह सामने आया कि अधिकांश मोबाइल चोरी नहीं हुए थे, बल्कि लापरवाही या असावधानी के कारण गुम हुए थे।
पुलिस के अनुसार, कई मोबाइल भीड़भाड़ वाले बाजारों, सब्जी मंडियों और साप्ताहिक बाजारों में खरीदारी के दौरान गिर गए थे। सामान उठाने या झुकने के दौरान लोगों को पता ही नहीं चला कि उनका मोबाइल जेब से निकल गया।
वहीं कुछ मोबाइल ऑटो, टैक्सी, बस और मेट्रो ट्रेन में यात्रा करते समय छूट गए थे। यात्रा पूरी होने के बाद लोगों को अपने मोबाइल गायब होने का एहसास हुआ।
बाइक सवारों की छोटी गलती बनी बड़ी परेशानी
बरामद मोबाइलों में कई ऐसे भी थे जो बाइक चलाते समय लोगों की जेब से गिर गए थे। पुलिस के अनुसार, कुछ लोग अपने मोबाइल फोन ढीले लोअर या पायजामे की जेब में रखकर बाइक चला रहे थे। स्पीड ब्रेकर या सड़क के झटकों के दौरान मोबाइल सड़क पर गिर गए और लोगों को इसकी जानकारी तक नहीं मिली।
पार्क, खेल मैदान और शादी समारोह भी बने मोबाइल गुम होने के केंद्र
सर्विलांस सेल की जांच में यह भी सामने आया कि कुछ मोबाइल सार्वजनिक पार्कों में व्यायाम या खेलकूद के दौरान छूट गए थे। लोग वॉकिंग, जॉगिंग या खेलते समय मोबाइल कहीं रखकर भूल गए।
इसके अलावा शादी समारोहों और बारातों में नृत्य करते समय भी कई मोबाइल गिर गए। कई मामलों में लोग कार्यक्रम समाप्त होने के बाद अपने मोबाइल वापस लेना भूल गए और वे वहीं छूट गए।

धार्मिक स्थलों और बड़े आयोजनों में भी खोए मोबाइल
पुलिस के अनुसार, मंदिरों, मस्जिदों, चर्चों और गुरुद्वारों जैसे धार्मिक स्थलों में भी कई मोबाइल फोन छूट गए थे। श्रद्धालु पूजा-अर्चना या अन्य धार्मिक गतिविधियों में व्यस्त होने के कारण अपने मोबाइल वहीं भूल गए।
इसके अतिरिक्त बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों, मेलों और आयोजनों में अत्यधिक भीड़भाड़ के कारण भी कई लोगों के मोबाइल कहीं गिर गए या छूट गए।
नशे और बच्चों की लापरवाही भी बनी वजह
बरामद मोबाइलों में कुछ ऐसे भी थे जो शराब के नशे में लोगों के हाथों से गिर गए या कहीं छूट गए। वहीं कुछ मोबाइल बच्चों द्वारा गेम खेलने के दौरान अलग-अलग स्थानों पर छोड़ दिए गए थे।
इन मामलों में मोबाइल मालिकों ने संबंधित थानों में गुमशुदगी दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने CEIR पोर्टल और सर्विलांस तकनीक की सहायता से उन्हें खोजने का अभियान शुरू किया।
मोबाइल वापस पाकर खिल उठे चेहरे
जब पुलिस ने मोबाइल मालिकों को उनके फोन वापस सौंपे, तो लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। कई लोगों ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका खोया हुआ मोबाइल दोबारा मिल पाएगा।
मोबाइल प्राप्त करने वाले नागरिकों ने गौतमबुद्धनगर पुलिस, सर्विलांस सेल और थाना सूरजपुर पुलिस की सराहना करते हुए धन्यवाद व्यक्त किया। लोगों ने कहा कि यह पहल पुलिस और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करती है।
तकनीक आधारित पुलिसिंग का सफल उदाहरण
यह अभियान केवल मोबाइल बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तकनीक आधारित आधुनिक पुलिसिंग का एक सफल उदाहरण भी है। CEIR पोर्टल और सर्विलांस तकनीक के प्रभावी उपयोग ने यह साबित किया है कि यदि नागरिक समय पर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराएं, तो खोए हुए मोबाइलों को वापस पाने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
गौतमबुद्धनगर पुलिस का यह प्रयास न केवल लोगों की आर्थिक क्षति को कम करने वाला साबित हुआ है, बल्कि नागरिकों के मन में पुलिस के प्रति भरोसा और सम्मान भी बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है।
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