Wednesday, June 03, 2026

नोएडा में ड्रग्स का बड़ा खुलासा, साड़ियों में छिपाकर भेजा जा रहा था 25 लाख का गांजा, मास्टरमाइंड समेत दो गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल से पार्सल के जरिए दिल्ली-एनसीआर में फैलाया जा रहा था नशे का जाल, सेक्टर-20 पुलिस और SOG की संयुक्त कार्रवाई में हुआ सनसनीखेज खुलासा

New Delhi , Latest Updated On - Jun 03 2026 | 16:20:00 PM
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नोएडा पुलिस और SOG टीम ने एक ऐसे तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है जो साड़ियों की पैकिंग में गांजा छिपाकर दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई कर रहा था। कार्रवाई में 37.696 किलो गांजा, 39 साड़ियां बरामद हुईं और गिरोह के सरगना समेत दो आरोपी गिरफ्तार किए गए।

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गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो बेहद शातिर तरीके से साड़ियों की पैकिंग में गांजा छिपाकर दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई कर रहा था। थाना सेक्टर-20 पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के सरगना समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से लगभग 25 लाख रुपये मूल्य का 37 किलो 696 ग्राम गांजा और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही 39 साड़ियां बरामद की गई हैं।

पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई 2 और 3 जून 2026 की रात को गोपनीय सूचना और मैनुअल इंटेलिजेंस के आधार पर की गई। टीम ने सेक्टर-17 नोएडा क्षेत्र में छापेमारी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।

साड़ियों की पैकिंग बनी तस्करी का नया हथियार

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से साड़ियों की पैकिंग का इस्तेमाल नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए कर रहे थे। साड़ियों के बंडलों के अंदर गांजा इस तरह छिपाया जाता था कि सामान्य जांच के दौरान किसी को संदेह न हो।

गिरफ्तार आरोपी शुभम पाठक ने पूछताछ में बताया कि पश्चिम बंगाल से विभिन्न कोरियर कंपनियों के माध्यम से पार्सल मंगाए जाते थे। इन पार्सलों में साड़ियों के बीच गांजा छिपाकर भेजा जाता था। माल अक्सर अधूरे या फर्जी पतों पर बुक कराया जाता था और पार्सल डिलीवरी से पहले ही फोन के जरिए उसे प्राप्त कर लिया जाता था।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह तरीका बेहद सुनियोजित था, जिससे लंबे समय तक तस्करी का नेटवर्क सक्रिय रहा।


दो से तीन वर्षों से सक्रिय था गिरोह

पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह का मुख्य संचालक शुभम पाठक है, जो पिछले दो से तीन वर्षों से इस अवैध कारोबार में शामिल था। वह गांजे की खरीद, परिवहन और वितरण की पूरी व्यवस्था संभालता था।

उसके साथ गिरफ्तार शिवम दूबे वितरण नेटवर्क में सहयोग करता था। दोनों आरोपी दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में विभिन्न ग्राहकों तक नशीले पदार्थ पहुंचाने का काम करते थे।

बरामद गांजा बताया जा रहा है उच्च गुणवत्ता का

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने दावा किया कि बरामद गांजा सामान्य गांजे से कहीं अधिक प्रभावशाली और महंगा है। उनके अनुसार यह ओडिशा, आंध्र प्रदेश तथा कुछ पर्वतीय क्षेत्रों में पाई जाने वाली विशेष किस्म की पत्तियों को सुखाकर और कई चरणों की प्रोसेसिंग के बाद तैयार किया जाता है।

हालांकि पुलिस इन दावों की वैज्ञानिक जांच कराएगी, लेकिन आरोपियों के मुताबिक इसकी बाजार में काफी मांग है और इसकी कीमत सामान्य गांजे की तुलना में कई गुना अधिक होती है। इसी वजह से बरामद खेप की अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत 20 से 25 लाख रुपये बताई जा रही है।

कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है—

1. शुभम पाठक (26 वर्ष)
पुत्र राजेश पाठक
मूल निवासी – खिरई का पूर्वा, थाना इनायतनगर, अयोध्या
वर्तमान पता – ईस्ट विनोद नगर, मयूर विहार फेज-2, दिल्ली
शिक्षा – स्नातक

2. शिवम दूबे (24 वर्ष)
पुत्र अरुण कुमार दूबे
मूल निवासी – जवाहर दूबे का पूर्वा, थाना कुमारगंज, अयोध्या
वर्तमान पता – ईस्ट विनोद नगर, मयूर विहार फेज-2, दिल्ली
शिक्षा – स्नातक


मास्टरमाइंड पर पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुख्य आरोपी शुभम पाठक का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ अयोध्या के विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट, धोखाधड़ी और मारपीट सहित कई गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हैं।

पुलिस का मानना है कि उसके पुराने आपराधिक नेटवर्क का इस्तेमाल इस नशीले कारोबार को बढ़ाने में किया गया होगा। इसी एंगल से भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हुआ मुकदमा

इस मामले में थाना सेक्टर-20 में मु0अ0सं0 196/2026 के तहत धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा अब तक कितनी खेप दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई की जा चुकी है।

पुलिस की जांच जारी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार बरामद मोबाइल फोन, संपर्क सूत्रों और पार्सल रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि यह नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हो सकता है। पुलिस अब कोरियर चैनलों और सप्लाई चेन की भी पड़ताल कर रही है।

नोएडा पुलिस की इस कार्रवाई को नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। जिस तरह साड़ियों जैसी सामान्य वस्तु का इस्तेमाल नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए किया जा रहा था, उसने जांच एजेंसियों को भी चौंका दिया है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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