गौतमबुद्धनगर में अवैध शराब और नियमों के उल्लंघन पर शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। आबकारी विभाग की टीम ने सेक्टर-63 स्थित The Flying Dutchman बार और एक मॉडल शॉप पर अचानक निरीक्षण कर स्टॉक, बिक्री रिकॉर्ड, CCTV, POS मशीन और लाइसेंस की गहन जांच की। आखिर इस कार्रवाई का मकसद क्या था और अधिकारियों ने क्या निर्देश दिए? देखिए यह विस्तृत रिपोर्ट।
नोएडा में शराब की दुकानों और बारों पर अब आबकारी विभाग की पैनी नजर है। सवाल सिर्फ शराब बेचने का नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने का है कि कहीं नियमों की अनदेखी तो नहीं हो रही... कहीं बिना रिकॉर्ड बिक्री तो नहीं हो रही... और कहीं ऐसा तो नहीं कि सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया जा रहा हो।
इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने के लिए गौतमबुद्धनगर के सेक्टर-63 में आबकारी विभाग की टीम ने अचानक ऐसी कार्रवाई की, जिसने बार संचालकों और शराब विक्रेताओं में हलचल मचा दी।
आखिर इस निरीक्षण में क्या-क्या जांचा गया... किन-किन बिंदुओं पर अधिकारियों ने फोकस किया... और क्या दिए गए सख्त निर्देश... आइए जानते हैं इस पूरी कार्रवाई की विस्तार से।
उत्तर प्रदेश में अवैध शराब की रोकथाम, पारदर्शी बिक्री व्यवस्था और आबकारी नियमों के कड़ाई से पालन को लेकर सरकार लगातार विशेष अभियान चला रही है। इसी क्रम में आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश के आदेशों के अनुपालन में गौतमबुद्धनगर में प्रवर्तन अभियान चलाया गया।

यह अभियान ज़िलाधिकारी गौतमबुद्धनगर और पुलिस आयुक्त गौतमबुद्धनगर के निर्देशन में संचालित किया गया, जबकि पूरे अभियान की निगरानी ज़िला आबकारी अधिकारी गौतमबुद्धनगर द्वारा की गई।
दिनांक 13 जुलाई 2026 को इस अभियान के तहत आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-4 की टीम ने सेक्टर-63 स्थित FL-7 बार अनुज्ञापन "The Flying Dutchman" और उसके साथ स्थित FL-4A मॉडल शॉप का आकस्मिक निरीक्षण किया।
यह निरीक्षण पूरी तरह अचानक किया गया ताकि वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं नियमों का उल्लंघन तो नहीं हो रहा।
सबसे पहले टीम ने बार के लाइसेंस यानी अनुज्ञापन की वैधता की जांच की। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि बार निर्धारित नियमों और वैध लाइसेंस के तहत ही संचालित हो रहा है।
इसके बाद बार में उपलब्ध शराब के पूरे स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया गया। अधिकारियों ने रिकॉर्ड में दर्ज स्टॉक और मौके पर मौजूद स्टॉक का मिलान किया ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या स्टॉक में अंतर की संभावना को जांचा जा सके।
सिर्फ स्टॉक की जांच ही नहीं, बल्कि शराब की खरीद और बिक्री से संबंधित सभी अभिलेखों की भी विस्तार से जांच की गई। अधिकारियों ने यह देखा कि हर खरीद और बिक्री का रिकॉर्ड नियमानुसार दर्ज किया गया है या नहीं।

निरीक्षण के दौरान टीम ने मॉडल शॉप पर एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया भी अपनाई। यहां गोपनीय टेस्ट परचेज कराया गया।
यानी विभाग की ओर से बिना पहचान बताए शराब खरीदकर यह परखा गया कि विक्रेता निर्धारित नियमों का पालन कर रहा है या नहीं, बिल जारी किया जा रहा है या नहीं, और पूरी बिक्री प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुरूप है या नहीं।
इसके साथ ही अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित कराया कि काउंटर के पास विभिन्न ब्रांड की शराब को नियमों के अनुरूप प्रदर्शन के लिए रखा जाए, ताकि उपभोक्ताओं को पारदर्शी जानकारी उपलब्ध हो सके और बिक्री प्रक्रिया व्यवस्थित बनी रहे।
निरीक्षण के दौरान तकनीकी व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
आबकारी विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रतिष्ठानों में लगे CCTV कैमरे रियल टाइम पर लगातार संचालित रहने चाहिए, ताकि प्रत्येक गतिविधि का रिकॉर्ड सुरक्षित रहे और आवश्यकता पड़ने पर उसकी समीक्षा की जा सके।
इसके अलावा सभी अनुज्ञापियों और विक्रेताओं को यह भी निर्देशित किया गया कि शराब की 100 प्रतिशत बिक्री केवल POS मशीन के माध्यम से ही की जाए।

POS मशीन के माध्यम से होने वाली बिक्री न केवल लेन-देन को पारदर्शी बनाती है, बल्कि इससे प्रत्येक बिक्री का डिजिटल रिकॉर्ड भी सुरक्षित रहता है। इससे टैक्स चोरी, नकद लेन-देन में गड़बड़ी और रिकॉर्ड में हेरफेर जैसी संभावनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकता है।
आबकारी विभाग का कहना है कि इस प्रकार के आकस्मिक निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेंगे और यदि किसी भी बार, मॉडल शॉप या शराब विक्रेता के यहां नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि शराब बिक्री प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह और नियमबद्ध बनाना है ताकि उपभोक्ताओं के हित सुरक्षित रहें, अवैध गतिविधियों पर रोक लगे और सरकारी राजस्व की भी पूरी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
तो कुल मिलाकर... सेक्टर-63 में हुआ यह निरीक्षण सिर्फ एक नियमित जांच नहीं था, बल्कि यह साफ संदेश भी था कि अब शराब कारोबार में किसी भी प्रकार की लापरवाही, रिकॉर्ड में गड़बड़ी या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आबकारी विभाग की नजर अब हर बिक्री, हर स्टॉक और हर रिकॉर्ड पर है... और आने वाले दिनों में ऐसे औचक निरीक्षण और भी तेज़ हो सकते हैं।
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