नोएडा के थाना सेक्टर-63 पुलिस ने ऑटो में बैठाकर यात्रियों से लूटपाट करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार और एक बाल अपचारी को अभिरक्षा में लिया है। पुलिस ने लूटा गया मोबाइल फोन, ₹2,250 नकद, घटना में प्रयुक्त ऑटो और एक अवैध चाकू बरामद किया है। आरोपी यात्रियों को सुनसान स्थान पर ले जाकर लूटपाट करते थे और मोबाइल से ऑनलाइन पैसे भी ट्रांसफर कर लेते थे।
नोएडा पुलिस ने यात्रियों को ऑटो में बैठाकर सुनसान इलाके में ले जाकर लूटपाट करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। थाना सेक्टर-63 पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक बाल अपचारी को अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल फोन, ₹2,250 नकद, घटना में प्रयुक्त ऑटो और एक अवैध चाकू बरामद किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी यात्रियों को रात के समय ऑटो में बैठाकर सुनसान स्थान पर ले जाते थे, जहां उनसे मोबाइल, नकदी और अन्य सामान लूटने के साथ-साथ उनके मोबाइल फोन से ऑनलाइन पैसे भी ट्रांसफर कर लेते थे।
24-25 जून की रात हुई वारदात का हुआ खुलासा
पुलिस के अनुसार, 24-25 जून 2026 की रात पीड़ित ने थाना सेक्टर-63 में शिकायत दर्ज कराई थी कि तीन अज्ञात युवकों ने उसे बरौला जाने के बहाने ऑटो में बैठाया। कुछ दूरी तय करने के बाद आरोपी उसे पर्थला पुल से सेक्टर-80 की ओर सर्विस रोड पर स्थित सुनसान स्थान पर ले गए।
वहां आरोपियों ने पीड़ित से उसका मोबाइल फोन और ₹1,000 नकद लूट लिया। इतना ही नहीं, आरोपियों ने पीड़ित के मोबाइल का इस्तेमाल कर उसके खाते से ऑनलाइन धनराशि भी ट्रांसफर कर ली। पीड़ित की शिकायत पर थाना सेक्टर-63 में मु0अ0सं0 298/2026 के तहत धारा 309(4)/3(5) बीएनएस तथा 66C एवं 66D आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया।

पुलिस टीम ने शुरू की तकनीकी और खुफिया जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने मामले के शीघ्र खुलासे के लिए विशेष टीम का गठन किया। पुलिस ने स्थानीय इंटेलिजेंस, सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की सहायता से जांच शुरू की।
लगातार की गई निगरानी और गोपनीय सूचना के आधार पर 14 जुलाई 2026 को थाना सेक्टर-63 पुलिस ने बी-1 चौराहे के पास बंद पड़े पेट्रोल पंप की ओर जाने वाले सर्विस रोड से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके साथ मौजूद एक बाल अपचारी को भी अभिरक्षा में लिया गया।
बरामद हुए लूट के सामान और हथियार
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से—
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लूटा गया एक मोबाइल फोन
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₹2,250 नकद
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घटना में प्रयुक्त ऑटो (UP16KT6155)
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एक अवैध चाकू
बरामद किया। पुलिस ने ऑटो को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज कर दिया है।
पूछताछ में सामने आया पूरा लूट का नेटवर्क
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि उन्होंने मिलकर योजनाबद्ध तरीके से लूटपाट का यह तरीका अपनाया था।
गिरफ्तार आरोपी चंदन शर्मा चाय की दुकान चलाता था, जबकि दानिश मलिक रात के समय ऑटो चलाता था। दोनों ने मिलकर आसान कमाई के उद्देश्य से अपराध का रास्ता चुना।

आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे नोएडा के विभिन्न इलाकों से देर रात यात्रियों को ऑटो में बैठाते थे। इसके बाद किसी सुनसान सड़क या सर्विस रोड पर ले जाकर यात्रियों से मोबाइल, नकदी और अन्य कीमती सामान लूट लेते थे। कई मामलों में पीड़ितों के मोबाइल से यूपीआई या अन्य डिजिटल माध्यमों से ऑनलाइन पैसे भी अपने खातों में ट्रांसफर कर लेते थे। वारदात के बाद पीड़ित को सुनसान स्थान पर छोड़कर फरार हो जाते थे और लूट का पैसा आपस में बांट लेते थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार आरोपी दानिश मलिक पुत्र राशिद मलिक है, जो मूल रूप से ग्राम सिधौली, थाना टडई, जनपद सीतापुर का रहने वाला है और वर्तमान में छिजारसी कॉलोनी, थाना सेक्टर-63 क्षेत्र में रहता था। उसकी आयु 19 वर्ष है और उसने कक्षा 10 तक पढ़ाई की है।
दूसरा आरोपी चंदन शर्मा पुत्र दिनेश शर्मा है, जो मूल रूप से ग्राम घघोली, थाना नवादा, जिला नवादा (बिहार) का निवासी है। वर्तमान में वह भी छिजारसी कॉलोनी, थाना सेक्टर-63 क्षेत्र में रह रहा था। उसकी आयु 27 वर्ष है और उसने भी कक्षा 10 तक शिक्षा प्राप्त की है।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी लंबा
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी चंदन शर्मा के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके विरुद्ध गाजियाबाद के खोड़ा थाने में चोरी, चोरी का माल रखने, अवैध हथियार रखने और गैंगस्टर एक्ट सहित कई मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा सेक्टर-24 थाना क्षेत्र में लूट से संबंधित मामला भी दर्ज है।
दूसरी ओर दानिश मलिक के खिलाफ भी सेक्टर-63 थाना क्षेत्र में चोरी का माल रखने और लूट जैसे मामलों में पूर्व में मुकदमे दर्ज हैं। दोनों आरोपियों के विरुद्ध वर्तमान लूटकांड में बीएनएस, आईटी एक्ट और आयुध अधिनियम की धाराएं भी बढ़ाई गई हैं।
डिजिटल लूट पर भी पुलिस की नजर
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह गिरोह केवल नकदी और मोबाइल छीनने तक सीमित नहीं था, बल्कि डिजिटल भुगतान प्रणाली का भी दुरुपयोग कर रहा था। पीड़ितों के मोबाइल फोन से ऑनलाइन ट्रांजैक्शन कर बैंक खातों से धनराशि निकालने की भी कोशिश की जाती थी। इस कारण मामले में आईटी एक्ट की धाराएं 66C और 66D भी जोड़ी गई हैं।
पुलिस कर रही है अन्य मामलों की जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में इसी तरह की और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य संभावित साथियों की तलाश भी की जा रही है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि देर रात सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करते समय सतर्क रहें, केवल विश्वसनीय साधनों का उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
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