नोएडा के सेक्टर-2 स्थित अग्निशमन केंद्र में शारदा स्कूल ऑफ डेंटल साइंसेज की ओर से विशेष दंत स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। शिविर में अग्निशमन कर्मियों और उनके परिवारों के दांतों की जांच की गई तथा उन्हें बेहतर मौखिक स्वास्थ्य, नियमित दंत जांच और निवारक देखभाल के प्रति जागरूक किया गया। डॉ. स्वाति शर्मा के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम ने स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कीं।
आग की लपटों, धुएं और आपात स्थितियों के बीच लोगों की जान बचाने के लिए हमेशा तैयार रहने वाले अग्निशमन कर्मियों और उनके परिवारों की सेहत का ख्याल रखने के लिए एक विशेष पहल की गई। शारदा स्कूल ऑफ डेंटल साइंसेज की ओर से सेक्टर-2 स्थित अग्निशमन केंद्र में विशेष दंत स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जहां अग्निशमन कर्मियों और उनके परिवार के सदस्यों को दंत स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं और आवश्यक परामर्श प्रदान किया गया।
इस विशेष शिविर का उद्देश्य केवल दांतों की सामान्य जांच करना नहीं था, बल्कि उन लोगों को मौखिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना भी था, जो अक्सर अपनी ड्यूटी और आपातकालीन जिम्मेदारियों के चलते नियमित स्वास्थ्य जांच को प्राथमिकता नहीं दे पाते। शिविर के दौरान विशेषज्ञ दंत चिकित्सकों की टीम ने अग्निशमन कर्मियों के दांतों और मौखिक स्वास्थ्य की जांच की तथा उनसे व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर आवश्यक सलाह दी।
शिविर में विशेष रूप से मौखिक स्वच्छता, निवारक दंत चिकित्सा देखभाल और नियमित दंत जांच के महत्व पर जानकारी दी गई। चिकित्सकों ने समझाया कि दांतों और मसूड़ों की नियमित देखभाल केवल मुस्कान को बेहतर बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के समग्र स्वास्थ्य से भी जुड़ी हुई है।
ड्यूटी के साथ स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी
अग्निशमन कर्मियों की जिम्मेदारियां सामान्य नौकरी से काफी अलग होती हैं। उन्हें किसी भी समय आग लगने, दुर्घटना होने या अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में तुरंत मौके पर पहुंचना पड़ सकता है। ऐसे में कई बार उनके लिए अपनी व्यक्तिगत स्वास्थ्य जांच और नियमित चिकित्सा पर ध्यान देना मुश्किल हो जाता है।

इसी को ध्यान में रखते हुए शारदा स्कूल ऑफ डेंटल साइंसेज की टीम ने अग्निशमन केंद्र पहुंचकर कर्मियों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराईं। शिविर में दांतों की जांच के साथ-साथ यह भी बताया गया कि छोटी दिखाई देने वाली दंत समस्याओं को नजरअंदाज करना भविष्य में बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है।
विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को दांतों की नियमित सफाई, सही तरीके से ब्रश करने, मसूड़ों की देखभाल और समय-समय पर दंत चिकित्सक से जांच कराने के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा निवारक दंत चिकित्सा के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की गई, ताकि समस्याएं गंभीर होने से पहले ही उनकी पहचान और उपचार की दिशा में कदम उठाया जा सके।
अग्निशमन केंद्र प्रमुख ने की पहल की सराहना
अग्निशमन केंद्र के प्रमुख ने शारदा स्कूल ऑफ डेंटल साइंसेज और शिविर में शामिल दंत चिकित्सकों की टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि अग्निशमन केंद्र में इस प्रकार की स्वास्थ्य सेवाओं का आयोजन कर्मियों और उनके परिवारों के लिए बेहद उपयोगी है।
उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि जो अग्निशमन कर्मी दिन-रात समाज की सुरक्षा और लोगों की जान बचाने के लिए तत्पर रहते हैं, उनके स्वास्थ्य और कल्याण पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
अग्निशमन केंद्र प्रमुख के अनुसार, इस तरह की पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाती है, बल्कि कर्मियों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होने का अवसर भी देती है।
डॉ. हेमंत सहनी ने बताया क्यों जरूरी है ऐसा स्वास्थ्य अभियान
इस अवसर पर शारदा स्कूल ऑफ डेंटल साइंसेज के डीन डॉ. हेमंत सहनी ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम केवल अस्पतालों, क्लीनिकों और स्वास्थ्य संस्थानों तक सीमित नहीं रहने चाहिए।

स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच उन लोगों तक भी होनी चाहिए, जो समाज के लिए अग्रिम पंक्ति में सेवाएं दे रहे हैं। अग्निशमन कर्मी और अन्य आपातकालीन सेवा से जुड़े लोग लगातार चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करते हैं। ऐसे में उनके और उनके परिवारों के स्वास्थ्य की देखभाल भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
डॉ. हेमंत सहनी ने कहा कि अच्छा मौखिक स्वास्थ्य समग्र स्वास्थ्य का एक अनिवार्य हिस्सा है। दांतों और मसूड़ों की उचित देखभाल से कई स्वास्थ्य समस्याओं को समय रहते पहचाना जा सकता है और लोगों को बेहतर जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित किया जा सकता है।
उन्होंने इस तरह के सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों को स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
डॉ. स्वाति शर्मा के नेतृत्व में पहुंची विशेषज्ञ टीम
इस विशेष दंत स्वास्थ्य शिविर का नेतृत्व शारदा स्कूल ऑफ डेंटल साइंसेज के जन स्वास्थ्य दंत चिकित्सा विभाग की प्रमुख डॉ. स्वाति शर्मा ने किया।
उनके साथ विशेषज्ञ टीम में डॉ. शैलेश, डॉ. फैसल नूर, नितिका, न्यायिर, पूजा, प्रज्ञा, द्राखशन, दीक्षा, चिराग और प्रियांशु चौहान शामिल रहे।
टीम ने अग्निशमन कर्मियों और उनके परिवार के सदस्यों के दांतों की जांच की और उन्हें व्यक्तिगत स्तर पर आवश्यक मार्गदर्शन दिया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि दंत समस्याओं को शुरुआती चरण में पहचानना बेहद जरूरी है।
कई बार लोग दर्द या गंभीर परेशानी होने तक दंत चिकित्सक के पास नहीं जाते, लेकिन नियमित जांच से दांतों और मसूड़ों से जुड़ी समस्याओं का समय रहते पता लगाया जा सकता है।

इस शिविर की खास बात यह रही कि इसमें केवल स्वास्थ्य जांच तक ही सीमित नहीं रहा गया। प्रतिभागियों को मौखिक स्वच्छता के प्रति जागरूक करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
दंत चिकित्सकों की टीम ने लोगों से बातचीत कर उन्हें बताया कि रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतें दांतों के स्वास्थ्य पर बड़ा प्रभाव डालती हैं। नियमित ब्रशिंग, उचित सफाई और समय पर दंत जांच से कई समस्याओं से बचा जा सकता है।
विशेषज्ञों ने निवारक देखभाल पर जोर देते हुए कहा कि बीमारी होने के बाद उपचार कराने से बेहतर है कि पहले से ही स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां अपनाई जाएं।
फ्रंटलाइन कर्मियों के कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
सेक्टर-2 स्थित अग्निशमन केंद्र में आयोजित यह विशेष दंत स्वास्थ्य शिविर फ्रंटलाइन सेवा कर्मियों के स्वास्थ्य और कल्याण की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
अग्निशमन कर्मी अक्सर दूसरों की सुरक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं। आग की भीषण घटनाओं से लेकर दुर्घटनाओं और अन्य आपात स्थितियों तक, उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में उनके स्वास्थ्य और उनके परिवारों के लिए इस प्रकार के शिविर निश्चित रूप से उपयोगी साबित हो सकते हैं।
शारदा स्कूल ऑफ डेंटल साइंसेज की इस पहल ने यह संदेश भी दिया कि स्वास्थ्य सेवाओं को केवल संस्थानों की चारदीवारी तक सीमित रखने के बजाय समाज के विभिन्न वर्गों और सेवा क्षेत्रों तक पहुंचाना जरूरी है।
सेक्टर-2 अग्निशमन केंद्र में आयोजित यह शिविर इसी सोच का एक उदाहरण बना, जहां लोगों की जान बचाने वाले कर्मियों के स्वास्थ्य और मुस्कान की सुरक्षा के लिए विशेषज्ञ दंत चिकित्सकों की टीम स्वयं उनके बीच पहुंची।
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