गौतम बुद्ध नगर में मिलावटी और घटिया खाद्य पदार्थों पर रोक लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जांच अभियान तेज कर दिया है। 18 अगस्त को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने नोएडा के सेक्टर-45 और सेक्टर-120 में थोक विक्रेताओं व डेयरी से पनीर और खोया के कुल तीन नमूने लिए। सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। विभाग ने आगे भी अभियान जारी रखने की बात कही है।
त्योहारों का मौसम नजदीक आते ही बाजार में दूध और दूध से बने उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ने लगती है। इसी बीच आम लोगों को शुद्ध और गुणवत्ता युक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जिले में जांच अभियान तेज कर दिया है।
आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश, लखनऊ तथा जिलाधिकारी के निर्देश पर विभाग की टीमें दूध और दूध से बने उत्पादों की गुणवत्ता की जांच के लिए लगातार नमूने एकत्र कर रही हैं।
इसी अभियान के तहत 18 अगस्त 2026 को नोएडा के अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई करते हुए पनीर और खोया के कुल तीन नमूने संग्रहित किए गए। इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। अब इनकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संबंधित खाद्य उत्पाद निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।
सेक्टर-45 की डाबर डेयरी से पनीर और खोया के नमूने
खाद्य विभाग की पहली टीम ने सेक्टर-45, नोएडा स्थित डाबर डेयरी पर पहुंचकर खाद्य पदार्थों की जांच की।
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा के अनुसार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुकेश कुमार, विजय बहादुर पटेल और अमर बहादुर सरोज की टीम ने डाबर डेयरी से पनीर का एक नमूना और खोया का एक नमूना संग्रहित किया।
दोनों नमूनों को नियमानुसार जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
खाद्य विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य केवल नमूने लेना नहीं, बल्कि बाजार में उपलब्ध दूध और दूध से बने उत्पादों की गुणवत्ता की निगरानी करना है, ताकि उपभोक्ताओं तक मानकों के अनुरूप खाद्य पदार्थ पहुंच सकें।

वहीं दूसरी टीम ने जोडियाक आम्रपाली मार्केट, सेक्टर-120, नोएडा में कार्रवाई की।
यहां खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओपी सिंह और विशाल गुप्ता की टीम ने नीरज गुप्ता पनीर विक्रेता से पनीर का एक नमूना लिया।
इस तरह दोनों स्थानों से मिलाकर विभाग की टीमों ने पनीर के दो और खोया का एक, यानी कुल तीन नमूने जांच के लिए संग्रहित किए हैं।
इन सभी नमूनों को प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। रिपोर्ट सामने आने के बाद यदि किसी नमूने में निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
नमूने की रिपोर्ट बताएगी गुणवत्ता की असली तस्वीर
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर अक्सर सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि बाजार में बिक रहा उत्पाद वास्तव में निर्धारित मानकों पर खरा उतर रहा है या नहीं।
खासकर पनीर और खोया जैसे दूध से बने उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर उपभोक्ताओं की चिंता बनी रहती है। ऐसे में खाद्य विभाग द्वारा लिए गए नमूनों की प्रयोगशाला जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
फिलहाल विभाग की ओर से लिए गए तीनों नमूनों को जांच के लिए भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने से पहले किसी भी उत्पाद को मिलावटी या मानक से बाहर बताना उचित नहीं होगा।
यही वजह है कि विभाग अब प्रयोगशाला रिपोर्ट का इंतजार करेगा और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने बताया कि जिले के लोगों को शुद्ध और गुणवत्ता युक्त दूध तथा दूध से बने उत्पाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लगातार नमूने संग्रहित करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि बाजार में उपलब्ध खाद्य एवं पेय पदार्थ निर्धारित मानकों के अनुरूप हों।
इसका मतलब साफ है कि आने वाले दिनों में जिले के अन्य बाजारों, डेयरी और खाद्य विक्रेताओं पर भी विभाग की नजर रह सकती है।
आम लोगों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह अभियान?
गौतम बुद्ध नगर तेजी से विकसित हो रहा जिला है और नोएडा-ग्रेटर नोएडा में बड़ी आबादी रहती है। रोजाना हजारों परिवार दूध, पनीर, खोया और दूसरे खाद्य उत्पाद खरीदते हैं।
ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की नियमित निगरानी सीधे आम उपभोक्ता के हित से जुड़ा विषय है।
विभाग का यह अभियान एक तरफ जहां खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन की निगरानी करेगा, वहीं दूसरी तरफ खाद्य कारोबारियों को भी गुणवत्ता बनाए रखने का संदेश देगा।
फिलहाल 18 अगस्त की कार्रवाई में कुल तीन नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। अब सबकी नजर इन नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट पर रहेगी। रिपोर्ट के आधार पर अगर किसी तरह की अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है।
खाद्य विभाग ने साफ कर दिया है कि यह कार्रवाई एक दिन तक सीमित नहीं रहने वाली। जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आगे भी जांच और नमूना संग्रह अभियान जारी रहेगा।
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