उत्तर प्रदेश STF की प्रयागराज फील्ड यूनिट ने गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में वांछित और 50 हजार रुपये के इनामी अभियुक्त छैला बाबू सरोज को नई दिल्ली के सरोजनी नगर इलाके से गिरफ्तार किया है। STF के मुताबिक आरोपी एक संगठित गिरोह का सरगना है और उसके खिलाफ प्रयागराज व प्रतापगढ़ के विभिन्न थानों में चोरी, लूट, हथियार और अन्य धाराओं से जुड़े कुल सात मुकदमे दर्ज हैं।
लंबे समय से फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी अभियुक्त और कथित गैंग सरगना छैला बाबू सरोज को आखिरकार उत्तर प्रदेश STF ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। प्रयागराज के नवाबगंज थाने में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में वांछित चल रहे छैला बाबू की तलाश STF की टीम लगातार कर रही थी। जांच के दौरान उसकी लोकेशन नई दिल्ली में मिलने के बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे सरोजनी नगर थाना क्षेत्र से दबोच लिया।
STF के अनुसार, यह कार्रवाई 19 अगस्त 2026 को शाम करीब 6:40 बजे की गई। आरोपी को वरिन्दर कन्स्ट्रक्शन कम्पनी लिमिटेड के गेट के सामने सड़क पर, नेताजी नगर, थाना सरोजनी नगर, नई दिल्ली से गिरफ्तार किया गया।
गैंगस्टर एक्ट में था वांछित, 50 हजार का था इनाम
छैला बाबू सरोज के खिलाफ थाना नवाबगंज, कमिश्नरेट प्रयागराज में मु0अ0सं0 175/2026 दर्ज है। इस मामले में उसके खिलाफ धारा 2/3 उत्तर प्रदेश गिरोहबन्द एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई थी।
STF के मुताबिक इसी मुकदमे में छैला बाबू सरोज वांछित चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए उस पर 50 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया गया था।
काफी समय से फरार चल रहे पुरस्कार घोषित अभियुक्तों के खिलाफ STF की विभिन्न इकाइयों को अभिसूचना संकलन और कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में प्रयागराज फील्ड यूनिट ने छैला बाबू सरोज की गतिविधियों और संभावित ठिकानों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की।
दिल्ली में छिपकर रह रहा था आरोपी
STF की जांच के दौरान टीम को सूचना मिली कि छैला बाबू सरोज नई दिल्ली में कहीं छिपकर रह रहा है। सूचना को विकसित करने के बाद टीम ने उसके संभावित ठिकाने की पहचान की।
शैलेश प्रताप सिंह, पुलिस उपाधीक्षक, STF फील्ड इकाई प्रयागराज के पर्यवेक्षण और निरीक्षक जय प्रकाश राय के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। इसके बाद उपनिरीक्षक धर्मेन्द्र सिंह, मुख्य आरक्षी सुनील कुमार, राजेश कुमार, पंकज सिंह, सन्तोष कुमार और चालक अखण्ड प्रताप पाण्डेय की टीम दिल्ली पहुंची।
अभिसूचना के आधार पर टीम ने वरिन्दर कन्स्ट्रक्शन कम्पनी लिमिटेड के गेट के सामने सड़क पर निगरानी की और मौका मिलते ही छैला बाबू सरोज को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने बताई गिरोह की कहानी
STF के मुताबिक गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में छैला बाबू सरोज ने बताया कि वह मूल रूप से ग्राम बैरेज श्रंगवेरपुर, थाना नवाबगंज, प्रयागराज का रहने वाला है।
पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर बताया कि उसका एक संगठित गिरोह है और वह उसका सरगना है। STF के अनुसार, आरोपी ने वर्ष 2025 में अपने साथियों के साथ मिलकर कई चोरी और लूट की घटनाओं को अंजाम देने की बात बताई।
इन घटनाओं के संबंध में प्रयागराज के विभिन्न थानों में कई मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। STF के अनुसार आरोपी पूर्व में जेल भी जा चुका है।
आरोपी ने यह भी बताया कि वर्ष 2026 में नवाबगंज थाने में उसके और उसके एक साथी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज हुआ था। इसी मामले में वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
सात मुकदमों का सामने आया आपराधिक इतिहास
STF ने गिरफ्तार अभियुक्त का जो ज्ञात आपराधिक इतिहास साझा किया है, उसके मुताबिक छैला बाबू सरोज के खिलाफ वर्ष 2024 से 2026 के बीच कुल सात मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।
इनमें प्रयागराज के सराय इनायत थाने में वर्ष 2024 का मुकदमा संख्या 189/2024 शामिल है, जिसमें BNS की धारा 310(2)/317(3) और आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 लगाई गई है।
वर्ष 2025 में प्रतापगढ़ के सांगीपुर थाने में मुकदमा संख्या 134/2025 BNS की धारा 109(1)/351(3)/352 और आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के तहत दर्ज बताया गया है।
इसी वर्ष प्रयागराज के नवाबगंज थाने में मुकदमा संख्या 566/2025 धारा 309(4) BNS के तहत दर्ज है। नवाबगंज थाने में ही मुकदमा संख्या 170/2025 BNS की धारा 317(4) और आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के तहत दर्ज बताया गया है।
बहरिया थाना प्रयागराज में मुकदमा संख्या 136/2025 धारा 379/411 IPC और धारा 317(4) BNS से संबंधित है।
इसके अलावा मांडा थाना प्रयागराज में वर्ष 2026 का मुकदमा संख्या 41/2026 BNS की धारा 309(6)/317(2)/351(3) और आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के तहत दर्ज बताया गया है।
सातवां मुकदमा वही 175/2026 है, जो नवाबगंज थाने में उत्तर प्रदेश गिरोहबन्द एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम की धारा 2/3 के तहत दर्ज है और जिसमें छैला बाबू सरोज वांछित था।
दिल्ली में गिरफ्तारी के बाद प्रयागराज लाया जाएगा
गिरफ्तारी के बाद आरोपी छैला बाबू सरोज को थाना सरोजनी नगर, नई दिल्ली में दाखिल किया गया। इसके बाद संबंधित न्यायालय के समक्ष समय से प्रस्तुत करने और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उसे थाना नवाबगंज, कमिश्नरेट प्रयागराज में दाखिल किया गया।
STF के मुताबिक आगे की विधिक कार्रवाई स्थानीय थाना स्तर से की जाएगी।
फिलहाल 50 हजार रुपये के इस इनामी आरोपी की दिल्ली से गिरफ्तारी को प्रयागराज STF की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। एक तरफ जहां STF ने फरार आरोपी को उसके ठिकाने तक पहुंचकर गिरफ्तार किया, वहीं उसके खिलाफ दर्ज पुराने मुकदमों और गैंगस्टर एक्ट के मामले के चलते अब आगे की कानूनी प्रक्रिया पर भी नजर रहेगी।
नोट: आरोपी के खिलाफ दर्ज आरोप और पूछताछ में सामने आई बातें पुलिस/STF के आधिकारिक विवरण पर आधारित हैं। किसी मामले में दोष सिद्ध होना न्यायालय के अंतिम निर्णय पर निर्भर करता है।
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