राज्यसभा की 37 सीटों के लिए नामांकन के आखिरी दिन बिहार की राजनीति में बड़ा मोड़ देखने को मिल सकता है। खबर है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए नामांकन कर सकते हैं, जिसके बाद बिहार में पहली बार बीजेपी का मुख्यमंत्री बनने की संभावना पर चर्चा तेज हो गई है।
बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव? नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा से बढ़ा सस्पेंस
राज्यसभा की 37 सीटों के लिए नामांकन दाखिल करने का गुरुवार 5 मार्च आखिरी दिन है। लेकिन इस प्रक्रिया ने बिहार की राजनीति में एक बड़े राजनीतिक बदलाव की अटकलों को जन्म दे दिया है। खबर है कि बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार आज राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल कर सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो करीब दो दशक बाद बिहार की सत्ता में बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार आज सुबह करीब 11:30 बजे बिहार विधानसभा पहुंचकर राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे। उनके साथ जेडीयू के उम्मीदवार रामनाथ ठाकुर भी नामांकन भरेंगे। बताया जा रहा है कि इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रह सकते हैं, जिससे इस घटनाक्रम को और राजनीतिक महत्व मिल गया है।
बिहार में पहली बार बन सकता है बीजेपी का मुख्यमंत्री
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की संभावनाओं के बीच बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अगर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर दिल्ली की राजनीति में सक्रिय होते हैं, तो बिहार में पहली बार बीजेपी का मुख्यमंत्री बन सकता है।
बताया जा रहा है कि इस मुद्दे पर आज अमित शाह और एनडीए के नेताओं के बीच महत्वपूर्ण बैठक भी हो सकती है। इस बैठक में बिहार में नई सरकार के गठन और नेतृत्व को लेकर रणनीति तय की जा सकती है।
अभी बिहार सरकार में बीजेपी के दो उपमुख्यमंत्री—सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा—हैं। नई सरकार बनने की स्थिति में बीजेपी मुख्यमंत्री पद संभाल सकती है, जबकि जेडीयू को डिप्टी सीएम पद दिया जा सकता है। हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि नई सरकार में एक डिप्टी सीएम होगा या दो।

मुख्यमंत्री की रेस में कौन-कौन?
अगर बिहार में बीजेपी मुख्यमंत्री बनाती है तो पार्टी के कई नेता इस पद की दौड़ में माने जा रहे हैं। इनमें सबसे आगे केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय का नाम बताया जा रहा है। यादव समुदाय से आने वाले नित्यानंद राय को संगठन और चुनावी रणनीति में मजबूत माना जाता है।
दूसरा बड़ा नाम सम्राट चौधरी का है, जो फिलहाल बिहार के उपमुख्यमंत्री हैं और कुशवाहा समुदाय से आते हैं। बिहार बीजेपी में उनका मजबूत राजनीतिक प्रभाव माना जाता है।
इसके अलावा राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि बीजेपी किसी अति-पिछड़े वर्ग की महिला नेता को मुख्यमंत्री बनाकर बड़ा राजनीतिक दांव भी खेल सकती है। मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री चयन के दौरान पार्टी द्वारा चौंकाने वाले फैसलों को देखते हुए बिहार में भी ऐसा संभव माना जा रहा है।
जेडीयू में भी हलचल
बुधवार को पटना में नीतीश कुमार ने जेडीयू विधायकों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की थी। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में यह फैसला लिया गया कि नीतीश कुमार अब राष्ट्रीय राजनीति में अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।
हालांकि जेडीयू की ओर से अभी तक इस विषय पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पार्टी के नेता फिलहाल चुप्पी साधे हुए हैं, जिससे राजनीतिक सस्पेंस और बढ़ गया है।
37 सीटों के लिए नामांकन का आखिरी दिन
राज्यसभा चुनाव के लिए देश के 10 राज्यों की 37 सीटों पर चुनाव होना है और आज नामांकन दाखिल करने का आखिरी दिन है। ऐसे में बिहार से नीतीश कुमार के नामांकन की खबर ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या नीतीश कुमार वाकई राज्यसभा का रास्ता चुनेंगे और अगर ऐसा होता है तो क्या बिहार को पहली बार बीजेपी का मुख्यमंत्री मिलेगा। आने वाले कुछ घंटे बिहार की राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं।
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