भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण अभियान को 17 जुलाई को एक और बड़ी गति मिलने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशभर में 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे। इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में उत्तरी रेलवे के 11 स्टेशन शामिल हैं। हरियाणा का कुरुक्षेत्र एलिवेटेड रेलवे ट्रैक और नया रेलवे स्टेशन भी इसी अवसर पर राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा। इससे पहले मई 2025 में प्रधानमंत्री 103 अमृत भारत स्टेशनों का उद्घाटन कर चुके हैं। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर में 1,300 से अधिक रेलवे स्टेशनों का चरणबद्ध पुनर्विकास किया जा रहा है।
भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण अभियान में 17 जुलाई एक महत्वपूर्ण तारीख बनने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशभर में पुनर्विकसित 75 अमृत भारत रेलवे स्टेशनों का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे। इस राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत उत्तरी रेलवे के 11 स्टेशन भी राष्ट्र को समर्पित किए जाएंगे,
जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन – पंजाब
अंब अंदौरा रेलवे स्टेशन – हिमाचल प्रदेश
आनंदपुर साहिब रेलवे स्टेशन – पंजाब
धरमपुर रेलवे स्टेशन – उत्तर प्रदेश
हर्रावाला रेलवे स्टेशन – देहरादून, उत्तराखंड
कालका रेलवे स्टेशन – हरियाणा
मोदीनगर रेलवे स्टेशन – उत्तर प्रदेश
शामली रेलवे स्टेशन – उत्तर प्रदेश
नरवाना रेलवे स्टेशन – हरियाणा
श्री मुक्तसर साहिब रेलवे स्टेशन – पंजाब
मोहाली (एस.ए.एस. नगर) रेलवे स्टेशन – पंजाब
जिनमें हरियाणा का बहुप्रतीक्षित कुरुक्षेत्र एलिवेटेड रेलवे ट्रैक और नया एलिवेटेड स्टेशन प्रमुख परियोजनाओं में शामिल है।
यह कार्यक्रम केवल एक स्टेशन के उद्घाटन तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय रेलवे को आधुनिक, सुरक्षित, यात्री-अनुकूल और स्थानीय सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने की व्यापक योजना का हिस्सा है। इससे पहले 22 मई 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशभर के 103 पुनर्विकसित अमृत भारत स्टेशनों का उद्घाटन कर चुके हैं। वर्तमान में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर में 1,300 से अधिक रेलवे स्टेशनों का चरणबद्ध पुनर्विकास किया जा रहा है।
कुरुक्षेत्र को मिलेगी वर्षों पुरानी समस्या से राहत
17 जुलाई को उद्घाटन होने वाला कुरुक्षेत्र का एलिवेटेड रेलवे ट्रैक शहर की सबसे बड़ी आधारभूत परियोजनाओं में गिना जा रहा है। लगभग सात वर्षों में तैयार हुई यह परियोजना शहर के बीचों-बीच रेलवे फाटकों पर लगने वाले लंबे जाम से स्थायी राहत दिलाएगी।

पिहोवा रोड से कुरुक्षेत्र ब्लॉक सेक्शन तक बने इस एलिवेटेड ट्रैक की कुल लंबाई 5.9 किलोमीटर है, जबकि मुख्य एलिवेटेड पुल 4.8 किलोमीटर लंबा है। पूरे ढांचे को 213 पिलरों पर तैयार किया गया है। इसके अलावा मजबूत नींव के लिए 1,296 फाउंडेशन पाइल और लगभग 450 बीम का निर्माण किया गया है।
मेट्रो जैसी सुविधाओं वाला नया स्टेशन
पुराने थानेसर रेलवे स्टेशन की जगह आधुनिक एलिवेटेड स्टेशन बनाया गया है। स्टेशन में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए टिकट काउंटर, प्रतीक्षालय, बैठने की व्यवस्था, रैंप, सीढ़ियां और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। स्टेशन का डिजाइन आधुनिक रेलवे टर्मिनल की तर्ज पर तैयार किया गया है।
446.84 करोड़ रुपये की लागत से तैयार परियोजना
इस परियोजना की शुरुआती अनुमानित लागत करीब 225 करोड़ रुपये थी, लेकिन डिजाइन में बदलाव और स्टेशन के विस्तार के बाद कुल लागत बढ़कर 446.84 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। इसमें हरियाणा सरकार ने 206 करोड़ रुपये का योगदान दिया, जबकि शेष राशि रेल मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराई गई।

5 रेलवे फाटकों से मिलेगी स्थायी मुक्ति
कुरुक्षेत्र-जींद रेलवे लाइन पर पिहोवा रोड से पुराने बस अड्डे तक मात्र तीन किलोमीटर के दायरे में पांच प्रमुख रेलवे फाटक हैं। ट्रेन गुजरने के दौरान सभी फाटक एक साथ बंद हो जाते थे, जिससे शहर के मुख्य बाजार, अस्पताल, बस अड्डा और विश्वविद्यालय क्षेत्र में लंबे समय तक ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती थी।
एलिवेटेड ट्रैक शुरू होने के बाद रेल यातायात पूरी तरह ऊपर से संचालित होगा और सड़क यातायात बाधित नहीं होगा। इससे हजारों दैनिक यात्रियों, छात्रों, व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
2019 में रखा गया था शिलान्यास
हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की इस संयुक्त परियोजना का शिलान्यास तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 22 अगस्त 2019 को किया था। प्रारंभिक लक्ष्य जून 2023 तक परियोजना पूरी करने का था, लेकिन तकनीकी और निर्माण संबंधी कारणों से इसमें समय लगा और अब लगभग सात वर्ष बाद यह परियोजना पूरी तरह तैयार है।

प्रधानमंत्री के उद्घाटन से पहले रेलवे 9 जुलाई को एलिवेटेड ट्रैक का अंतिम सुरक्षा और स्पीड ट्रायल करेगा। वरिष्ठ रेलवे अधिकारी परियोजना का निरीक्षण कर सभी तकनीकी मानकों की समीक्षा करेंगे, ताकि उद्घाटन के बाद रेल संचालन पूरी तरह सुरक्षित और सुचारु रूप से शुरू किया जा सके।
अमृत भारत स्टेशन योजना से बदल रही रेलवे की तस्वीर
अमृत भारत स्टेशन योजना भारतीय रेलवे की सबसे महत्वाकांक्षी पुनर्विकास योजनाओं में से एक है। इस योजना के तहत देशभर के 1,300 से अधिक रेलवे स्टेशनों को आधुनिक यात्री सुविधाओं, बेहतर कनेक्टिविटी, ऊर्जा-कुशल अवसंरचना, दिव्यांगजन-अनुकूल सुविधाओं और स्थानीय सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। रेलवे का उद्देश्य छोटे और मध्यम श्रेणी के स्टेशनों को भी विश्वस्तरीय सुविधाओं से जोड़ना है।
17 जुलाई का यह राष्ट्रीय कार्यक्रम केवल नए स्टेशन और ट्रैक के उद्घाटन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण अभियान में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। विशेष रूप से कुरुक्षेत्र के लिए यह परियोजना वर्षों पुरानी ट्रैफिक समस्या का समाधान करने के साथ-साथ शहर के विकास और बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
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