भारतीय रेलवे की महत्वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत दिल्ली मंडल के मोदीनगर रेलवे स्टेशन का ₹25.75 करोड़ की लागत से व्यापक पुनर्विकास पूरा हो गया है। नए स्टेशन भवन, 12 मीटर चौड़े फुट ओवर ब्रिज, लिफ्ट, आधुनिक प्रतीक्षालय, दिव्यांग-अनुकूल सुविधाओं और आकर्षक लैंडस्केपिंग के साथ स्टेशन अब यात्रियों को पहले से कहीं बेहतर और सुरक्षित यात्रा अनुभव प्रदान करेगा।
भारतीय रेलवे लगातार अपने स्टेशनों को आधुनिक, सुरक्षित और यात्री-अनुकूल बनाने की दिशा में बड़े कदम उठा रहा है। इसी कड़ी में दिल्ली मंडल के मोदीनगर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। लगभग ₹25.75 करोड़ की लागत से किए गए इस पुनर्विकास का उद्देश्य केवल स्टेशन की सुंदरता बढ़ाना नहीं, बल्कि यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना, यात्रा अनुभव को बेहतर बनाना और स्टेशन को शहर के समग्र विकास से जोड़ना भी है।
भारतीय रेलवे की महत्वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन योजना देशभर के रेलवे स्टेशनों को आधुनिक स्वरूप देने वाली एक प्रमुख परियोजना है। इस योजना का उद्देश्य केवल भवनों का नवीनीकरण नहीं, बल्कि रेलवे स्टेशनों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करना है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और तकनीकी रूप से उन्नत वातावरण मिल सके।
मोदीनगर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास में स्टेशन परिसर के लगभग हर महत्वपूर्ण हिस्से को आधुनिक स्वरूप दिया गया है। सबसे पहले स्टेशन भवन का व्यापक नवीनीकरण किया गया है, जिससे इसका बाहरी और आंतरिक स्वरूप अधिक आकर्षक और आधुनिक दिखाई देता है। स्टेशन भवन पर विशेष फसाड लाइटिंग की व्यवस्था की गई है, जिससे रात के समय स्टेशन की भव्यता और भी अधिक निखरकर सामने आती है।

यात्रियों की आवाजाही को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए स्टेशन पर 12 मीटर चौड़ा नया फुट ओवर ब्रिज (FOB) बनाया गया है। इससे यात्रियों को एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक जाने में आसानी होगी और भीड़भाड़ के दौरान भी आवागमन सुचारु बना रहेगा।
स्टेशन परिसर में आने वाले यात्रियों और वाहन चालकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नया पार्किंग क्षेत्र विकसित किया गया है। इसके साथ ही नया सर्कुलेटिंग एरिया तैयार किया गया है, जिससे वाहनों की आवाजाही व्यवस्थित होगी और स्टेशन के बाहर लगने वाले जाम की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।
यात्रियों के आराम को प्राथमिकता देते हुए स्टेशन पर नया आधुनिक प्रतीक्षालय और नए शौचालय ब्लॉक भी बनाए गए हैं। इन सुविधाओं को स्वच्छता, आराम और उपयोगिता के आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित किया गया है, जिससे यात्रियों को लंबे इंतजार के दौरान बेहतर अनुभव मिल सके।

रेलवे ने प्लेटफॉर्म की गुणवत्ता में भी व्यापक सुधार किया है। प्लेटफॉर्म शेल्टर का विस्तार और आधुनिकीकरण किया गया है ताकि यात्रियों को बारिश और धूप से बेहतर सुरक्षा मिल सके। साथ ही प्लेटफॉर्म सतह को भी उन्नत किया गया है, जिससे यात्रियों की आवाजाही अधिक सुरक्षित और सुगम हो सके।
इस पुनर्विकास परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक है दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सुविधाओं का विकास। भारतीय रेलवे ने स्टेशन को पूरी तरह सुगम्य (Accessible) बनाने पर विशेष ध्यान दिया है। इसके तहत स्टेशन पर एंट्री रैंप, टैक्टाइल पाथवे, सुगम्य शौचालय, विशेष वाटर बूथ, दिव्यांग-अनुकूल पार्किंग और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की गई हैं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दिव्यांगजन बिना किसी बाधा के स्टेशन का उपयोग कर सकें।
इसके अलावा स्टेशन पर दो आधुनिक लिफ्ट भी स्थापित की गई हैं। इन लिफ्टों का सबसे अधिक लाभ बुजुर्ग यात्रियों, दिव्यांगजनों, गर्भवती महिलाओं और भारी सामान लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों को मिलेगा। इससे प्लेटफॉर्म बदलने की प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और सुरक्षित हो जाएगी।

स्टेशन परिसर को केवल सुविधाजनक ही नहीं बल्कि आकर्षक बनाने के लिए व्यापक लैंडस्केपिंग (भूदृश्यीकरण) का कार्य भी किया गया है। हरित क्षेत्र, पौधारोपण और सौंदर्यीकरण के माध्यम से स्टेशन को अधिक स्वच्छ, व्यवस्थित और पर्यावरण-अनुकूल स्वरूप दिया गया है।
भारतीय रेलवे के अनुसार अमृत भारत स्टेशन योजना का उद्देश्य केवल स्टेशन भवनों का विकास करना नहीं, बल्कि रेलवे स्टेशनों को आसपास के शहरी क्षेत्रों के साथ बेहतर ढंग से जोड़ना भी है। इसी सोच के तहत स्टेशन तक पहुंचने वाली सड़कों, फुटपाथों और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि यात्रियों को स्टेशन तक पहुंचने और वहां से अपने गंतव्य तक जाने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
अमृत भारत स्टेशन योजना के माध्यम से देशभर के रेलवे स्टेशनों को चरणबद्ध तरीके से आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य यात्रियों को अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना है। साथ ही यह पहल स्थानीय आर्थिक गतिविधियों, व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
मोदीनगर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास इसी व्यापक विजन का हिस्सा है। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर यात्री सुविधाएं, दिव्यांग-अनुकूल व्यवस्थाएं और आकर्षक स्टेशन परिसर न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएंगे बल्कि यह स्टेशन दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक केंद्र के रूप में भी विकसित होगा।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि आने वाले समय में ऐसे आधुनिक स्टेशन भारतीय रेलवे की नई पहचान बनेंगे, जहां यात्रियों को केवल यात्रा नहीं बल्कि एक बेहतर, सुरक्षित और सुविधाजनक अनुभव मिलेगा।
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