दिल्ली मंडल में कार्यरत ट्रैक मेंटेनर-II स्व. राकेश कुमार के निधन के बाद उनके परिवार को एसबीआई द्वारा ₹1 करोड़ की बीमा राशि प्रदान की गई। उनकी पत्नी श्रीमती मोनिका को अनुकंपा के आधार पर रेलवे में नियुक्ति भी दी गई।
दुखद हादसे के बाद भी संस्थागत संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई ने एक रेलवे कर्मचारी के परिवार को बड़ी आर्थिक राहत दी है। दिल्ली मंडल के इंजीनियरिंग विभाग में कार्यरत ट्रैक मेंटेनर-II स्वर्गीय राकेश कुमार के परिवार को ₹1 करोड़ की आकस्मिक बीमा राशि प्रदान की गई है।
स्व. राकेश कुमार, जो ADEN/रोहतक के अधीन कार्यरत थे, का 13 दिसंबर 2025 को ड्यूटी से इतर एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में निधन हो गया था। वे अपने पीछे पत्नी श्रीमती मोनिका और तीन नाबालिग बेटियों को छोड़ गए। उनका वेतन खाता State Bank of India में था और वे रेलवे सैलरी पैकेज योजना के अंतर्गत कवर थे, जिसमें आकस्मिक जीवन बीमा का प्रावधान शामिल है।
निधन की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन ने ₹1 करोड़ के आकस्मिक बीमा दावे की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी। रेलवे अधिकारियों, एसबीआई के प्रतिनिधियों और संबंधित बीमा कंपनी के समन्वित एवं गंभीर प्रयासों से यह दावा शीघ्रता से निपटाया गया। बीमा की पूरी राशि ₹1 करोड़ सीधे लाभार्थी श्रीमती मोनिका के बैंक खाते में जमा कर दी गई।

इस अवसर पर दिल्ली मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) Pushpesh Raman Tripathi ने श्रीमती मोनिका को ₹1 करोड़ का सांकेतिक चेक प्रदान किया। कार्यक्रम में एसबीआई की उप महाप्रबंधक (डीजीएम) सुश्री सुचित्रा जैन और सुश्री ज्योस्तना रानी मोहारा सहित दिल्ली मंडल और बैंक के वरिष्ठ अधिकारी, यूनियन एवं एसोसिएशन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
सिर्फ बीमा भुगतान ही नहीं, बल्कि रेलवे प्रशासन ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए श्रीमती मोनिका के अनुकंपा नियुक्ति के मामले को भी प्राथमिकता से निपटाया। आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद उन्हें रेलवे में एक पद पर नियुक्त किया गया। नियुक्ति पत्र भी डीआरएम द्वारा औपचारिक रूप से सौंपा गया। इसके अतिरिक्त, स्व. राकेश कुमार के सभी सेटलमेंट देयकों का भुगतान भी उनकी पत्नी को कर दिया गया है।
यह पूरा प्रकरण रेलवे सैलरी पैकेज योजना की प्रभावशीलता और कर्मचारी हितों के प्रति रेलवे प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आकस्मिक परिस्थितियों में कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना इस योजना का प्रमुख उद्देश्य है।
स्व. राकेश कुमार के परिवार को मिली यह आर्थिक सहायता न केवल तत्काल राहत प्रदान करती है, बल्कि उनकी पत्नी और बेटियों के भविष्य को भी सुरक्षित बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। कठिन समय में संस्थागत सहयोग ने एक परिवार को संभलने का अवसर दिया है।
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