उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में ऑटोमोबाइल लोडिंग में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए 32% वृद्धि हासिल की है। नए टर्मिनलों के संचालन और बेहतर लॉजिस्टिक्स के चलते रेलवे को ₹324 करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है।
उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में ऑटोमोबाइल लोडिंग के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में इस वर्ष ऑटोमोबाइल लोडिंग में 32 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि राजस्व में 36.47 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। इस उपलब्धि के साथ रेलवे का राजस्व ₹324.10 करोड़ से अधिक हो गया है।
भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री उत्पादन के मामले में दुनिया की चौथी सबसे बड़ी इंडस्ट्री है और इसके सुचारु संचालन के लिए मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की आवश्यकता होती है। ऐसे में रेलवे ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण और भरोसेमंद परिवहन माध्यम बनकर उभरा है।
हरियाणा में स्थित प्रमुख ऑटोमोबाइल निर्माता मारुति सुजुकी गुरुग्राम, मानेसर और खरखौदा में अपनी विनिर्माण इकाइयों का संचालन करती है। इन संयंत्रों से देश के विभिन्न हिस्सों तक वाहनों की ढुलाई के लिए रेलवे एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स पार्टनर की भूमिका निभा रहा है।
वर्तमान में दिल्ली मंडल फर्रुखनगर, गुड़गांव, पटली, मानेसर और राजलूगढ़ी से ऑटोमोबाइल लोडिंग का संचालन कर रहा है। वहीं बल्लभगढ़ टर्मिनल से जेसीबी और ट्रैक्टर जैसे भारी वाहनों की लोडिंग भी की जा रही है।
ऑटोमोबाइल लोडिंग बढ़ाने के लिए नई पहल
ऑटोमोबाइल लोडिंग को बढ़ावा देने के लिए रेलवे ने इस वित्तीय वर्ष में कई महत्वपूर्ण पहल की हैं।
सबसे प्रमुख कदम मानेसर (MSGM GCT) टर्मिनल का उद्घाटन रहा, जिसे 17 जून 2025 को माननीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हरी झंडी दिखाकर शुरू किया। उद्घाटन के दिन ही यहां से पहली ट्रेन को रवाना किया गया था। फरवरी 2026 तक इस टर्मिनल से कुल 611 रेक लोड किए जा चुके हैं।
इसके अलावा राजलूगढ़ी (PCRG/RUG) टर्मिनल से ऑटोमोबाइल लोडिंग की शुरुआत 25 जुलाई 2025 को हुई थी, जब पहला रेक NDV के लिए रवाना किया गया। फरवरी 2026 तक इस टर्मिनल से 13 रेक लोड किए जा चुके हैं।
रेलवे ने परिवहन सुविधा को और विस्तारित करते हुए 1 अक्टूबर 2025 से अनंतनाग (जम्मू और कश्मीर) के लिए भी गाड़ियों की लोडिंग शुरू कर दी है। इससे पहली बार घाटी तक वाहनों का रेल मार्ग से परिवहन संभव हो सका है।
रिकॉर्ड उपलब्धियां
नए टर्मिनलों के जुड़ने से दिल्ली मंडल ने ऑटोमोबाइल लोडिंग में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं।
एक महीने में सबसे ज्यादा लोडिंग
• अक्टूबर 2025 में 237 रेक लोड किए गए, जो अब तक का रिकॉर्ड है।
• फरवरी 2026 में 234 रेक लोड किए गए, जो दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा।

एक दिन में सबसे ज्यादा लोडिंग
• 14 नवंबर 2025 को 13 रेक और 360 वैगन लोड किए गए, जो अब तक का सर्वोच्च रिकॉर्ड है।
• 7 अक्टूबर 2025 को 12 रेक और 320 वैगन लोड किए गए, जो दूसरा सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड रहा।
लोडिंग और राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी
अप्रैल से फरवरी की अवधि में पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1639 रेक लोड किए गए थे। वहीं इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 2170 रेक तक पहुंच गई है।
इसी तरह राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले वर्ष अप्रैल से फरवरी तक रेलवे को ₹237.48 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ था, जबकि इस वर्ष यह बढ़कर ₹324.10 करोड़ हो गया है।
पर्यावरण के अनुकूल परिवहन
रेलवे के माध्यम से वाहनों का परिवहन पर्यावरण के अनुकूल, सुरक्षित और किफायती माना जाता है। इससे हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव कम होता है और बड़ी संख्या में वाहनों को देश के विभिन्न हिस्सों तक आसानी से पहुंचाया जा सकता है।
उत्तर रेलवे की इस पहल से ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के साथ रेलवे की साझेदारी और मजबूत होने की उम्मीद है, जिससे आने वाले वर्षों में माल ढुलाई और राजस्व दोनों में और अधिक वृद्धि संभव है।
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