नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026 की शुरुआत की गई। उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक श्री राजेश कुमार पाण्डेय ने अधिकारियों और रेलकर्मियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई और अजमेरी गेट की ओर श्रमदान में हिस्सा लिया। इस दौरान यात्रियों के बीच स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए नुक्कड़ नाटक भी आयोजित किया गया।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को सुबह का माहौल कुछ अलग नजर आया। आम दिनों की तरह यात्रियों की आवाजाही जारी थी, लेकिन स्टेशन परिसर में स्वच्छता और नागरिक जिम्मेदारी का संदेश देने के लिए रेलवे प्रशासन की ओर से विशेष अभियान शुरू किया गया। मौका था ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026’ के शुभारंभ का।
अभियान की शुरुआत उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक श्री राजेश कुमार पाण्डेय ने की। उन्होंने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। इस दौरान स्वच्छ रेलवे स्टेशन और स्वच्छ भारत के लक्ष्य में यात्रियों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया गया।
कार्यक्रम में श्री पुष्पेश रमण त्रिपाठी, मंडल रेल प्रबंधक, दिल्ली सहित उत्तर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
स्वच्छता अभियान की शुरुआत केवल शपथ तक सीमित नहीं रही। महाप्रबंधक राजेश कुमार पाण्डेय और उत्तर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के अजमेरी गेट की ओर श्रमदान में भी हिस्सा लिया।

अधिकारियों के श्रमदान का उद्देश्य रेलवे परिसर में स्वच्छता को लेकर कर्मचारियों के साथ-साथ यात्रियों को भी प्रत्यक्ष संदेश देना था। रेलवे प्रशासन का मानना है कि सार्वजनिक स्थानों की साफ-सफाई केवल सरकारी विभागों या सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों की भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जैसे व्यस्त रेलवे परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री आते-जाते हैं। ऐसे में स्वच्छता बनाए रखने के लिए यात्रियों की आदतों और व्यवहार में बदलाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यात्रियों के बीच नुक्कड़ नाटक से दिया स्वच्छता का संदेश
अभियान के दौरान यात्रियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटक का भी आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य किसी औपचारिक भाषण के बजाय मनोरंजक और प्रभावी तरीके से यात्रियों तक स्वच्छता का संदेश पहुंचाना था।
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से यात्रियों को सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा न फैलाने, स्वच्छता बनाए रखने और रेलवे परिसर को साफ रखने में सहयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
रेलवे प्रशासन की ओर से यह संदेश दिया गया कि अगर यात्रियों में स्वच्छता के संस्कार विकसित किए जाएं, तो स्वच्छ भारत के लक्ष्य को और अधिक प्रभावी ढंग से हासिल किया जा सकता है।

सिर्फ सफाई नहीं, जिम्मेदारी की आदत विकसित करने पर जोर
‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान को रेलवे प्रशासन केवल सफाई अभियान के तौर पर नहीं देख रहा है। इसके पीछे यात्रियों के व्यवहार में स्वच्छता को लेकर जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का उद्देश्य भी जुड़ा है।
रेलवे स्टेशनों पर रोजाना लाखों यात्रियों की आवाजाही होती है। ऐसे में स्टेशन परिसर को स्वच्छ रखना रेल प्रशासन के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी है। लेकिन अधिकारियों के मुताबिक यात्रियों का सहयोग मिलने पर इस काम को ज्यादा प्रभावी बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान इसी बात पर जोर दिया गया कि सार्वजनिक स्थानों को अपना समझकर उनकी स्वच्छता बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। यात्रियों में अगर शुरुआत से ही स्वच्छता को लेकर जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित हो, तो इसका असर रेलवे स्टेशनों से आगे समाज के दूसरे सार्वजनिक स्थानों पर भी दिखाई दे सकता है।
स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम के माध्यम से रेल प्रशासन ने यात्रियों से अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील की है।

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