उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजेश कुमार पाण्डेय ने अमृतसर, जालंधर कैंट और लुधियाना रेलवे स्टेशनों पर चल रहे रिडेवलपमेंट कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान यात्री सुविधाओं, स्वच्छता, संरक्षा, डिजिटल भुगतान व्यवस्था और परियोजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया।
त्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजेश कुमार पाण्डेय ने शुक्रवार को अमृतसर–जालंधर कैंट–लुधियाना रेलखंड का व्यापक निरीक्षण कर रेलवे की महत्वपूर्ण परियोजनाओं, यात्री सुविधाओं और संरक्षा व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने रेलवे अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी विकास कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं, ताकि यात्रियों को आधुनिक, सुरक्षित और सुगम रेल सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
यह निरीक्षण केवल स्टेशनों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे रेलखंड की परिचालन व्यवस्था, सिग्नल प्रणाली, ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन (ओएचई) और रेल पथ की स्थिति का भी विस्तृत मूल्यांकन किया गया। निरीक्षण के दौरान मंडल रेल प्रबंधक संजीव कुमार सहित उत्तर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
फुटप्लेट निरीक्षण के दौरान संरक्षा पर विशेष फोकस
महाप्रबंधक ने निरीक्षण यान से यात्रा करते हुए अमृतसर से लुधियाना के बीच ब्लॉक सेक्शन का फुटप्लेट निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने रेल पथ की गुणवत्ता, ट्रैक अनुरक्षण, ओएचई नेटवर्क, रेलवे यार्ड और सिग्नल प्रणाली का बारीकी से अवलोकन किया।

रेलवे सूत्रों के अनुसार, निरीक्षण का प्रमुख उद्देश्य संरक्षा मानकों की वास्तविक स्थिति का आकलन करना और परिचालन में आने वाली संभावित चुनौतियों की पहचान करना था। महाप्रबंधक ने अधिकारियों से संरक्षा संबंधी प्रक्रियाओं को और मजबूत करने तथा नियमित मॉनिटरिंग बढ़ाने के निर्देश दिए।
अमृतसर स्टेशन पर रिडेवलपमेंट कार्यों की समीक्षा
निरीक्षण की शुरुआत अमृतसर रेलवे स्टेशन से हुई, जहां महाप्रबंधक ने स्टेशन पर चल रहे रिडेवलपमेंट कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने यात्री सुविधाओं, प्रतीक्षालयों, स्वच्छता व्यवस्था, सर्कुलेटिंग एरिया और डिजिटल सेवाओं का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने यात्रियों की सुविधा और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल ट्रांजेक्शन को व्यापक स्तर पर लागू करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि नकदरहित भुगतान व्यवस्था से टिकटिंग, खानपान और अन्य सेवाओं में सुविधा बढ़ेगी तथा पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।
जालंधर कैंट स्टेशन पर विश्वस्तरीय सुविधाओं का आकलन
इसके बाद महाप्रबंधक ने जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पर चल रहे रिडेवलपमेंट कार्यों का विस्तृत निरीक्षण किया। यह स्टेशन उत्तर रेलवे की प्रमुख पुनर्विकास परियोजनाओं में शामिल है।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्टेशन के दोनों ओर बन रही नई इमारतों, विशाल कॉनकोर्स, आधुनिक कैफेटेरिया, पार्किंग व्यवस्था, प्लेटफॉर्म विकास कार्य, लिफ्ट, एस्केलेटर और फुट-ओवर-ब्रिज जैसी सुविधाओं का अवलोकन किया।

महाप्रबंधक ने वेटिंग हॉल, बुकिंग कार्यालय, आरक्षण केंद्र, सर्कुलेटिंग एरिया और अन्य यात्री सुविधाओं की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि परियोजना पूरी होने के बाद जालंधर कैंट स्टेशन यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराने में सक्षम होगा।
लुधियाना स्टेशन पर प्रगति की बारीकी से समीक्षा
निरीक्षण का अंतिम चरण लुधियाना रेलवे स्टेशन पर रहा। यहां महाप्रबंधक ने चल रहे रिडेवलपमेंट कार्यों की प्रगति का विस्तृत आकलन किया।
उन्होंने प्लेटफॉर्म क्षेत्र, यात्री प्रतीक्षालय, स्वच्छता व्यवस्था, प्रवेश-निकास मार्ग और निर्माणाधीन संरचनाओं का निरीक्षण किया। संबंधित अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने और यात्रियों को न्यूनतम असुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, लुधियाना स्टेशन का पुनर्विकास पूरा होने के बाद यह स्टेशन आधुनिक यात्री सुविधाओं, बेहतर भीड़ प्रबंधन और उन्नत कनेक्टिविटी के साथ क्षेत्र का प्रमुख रेल केंद्र बनकर उभरेगा।
अधिकारियों की बैठक में समयबद्ध कार्य पूरा करने के निर्देश
निरीक्षण के बाद महाप्रबंधक ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में विभिन्न निर्माण परियोजनाओं, यात्री सुविधा योजनाओं और संरक्षा संबंधी कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।
उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि परियोजनाओं के निष्पादन में आपसी समन्वय बढ़ाया जाए और तय समय सीमा के भीतर कार्य पूर्ण किए जाएं। साथ ही गुणवत्ता, संरक्षा और यात्री सुविधा से किसी प्रकार का समझौता न करने पर जोर दिया।

कर्मचारियों की सराहना, सेवा गुणवत्ता सुधारने पर जोर
महाप्रबंधक राजेश कुमार पाण्डेय ने निरीक्षण के दौरान रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि उत्तर रेलवे का लक्ष्य यात्रियों को सुरक्षित, बेहतर और सुगम रेल सेवाएं उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कर्मचारियों से सेवा गुणवत्ता में निरंतर सुधार, स्वच्छता मानकों के पालन और यात्रियों के साथ संवेदनशील व्यवहार बनाए रखने का आह्वान किया।
क्या संकेत देता है यह निरीक्षण?
रेलवे विशेषज्ञों का मानना है कि अमृतसर–जालंधर कैंट–लुधियाना रेलखंड उत्तर भारत के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में शामिल है। इस मार्ग पर तेजी से हो रहे रिडेवलपमेंट कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा यह संकेत देती है कि उत्तर रेलवे आने वाले वर्षों में इस कॉरिडोर को आधुनिक यात्री सुविधाओं, बेहतर संरक्षा और अधिक परिचालन क्षमता से लैस करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।
यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर ये परियोजनाएं पूरी होती हैं, तो अमृतसर, जालंधर और लुधियाना जैसे प्रमुख शहरों के लाखों यात्रियों को रेलवे यात्रा का कहीं अधिक आधुनिक और सुविधाजनक अनुभव मिल सकेगा।
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