Friday, May 22, 2026

दिल्ली में हुआ बड़ा रेल हादसा तो क्या है तैयारी? शकूर बस्ती में मचा हड़कंप, NDRF-रेलवे ने दिखाया रेस्क्यू का रियल ट्रायल

उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल, एनडीआरएफ की 16वीं वाहिनी और सिविल अथॉरिटीज ने संयुक्त मॉक ड्रिल में आपदा प्रबंधन की परखी ताकत, बेपटरी कोच में फंसे यात्रियों को निकालने का लाइव अभ्यास।

Bahrampur , Latest Updated On - May 16 2026 | 11:13:00 AM
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दिल्ली मंडल, उत्तर रेलवे ने शकूर बस्ती मैकेनिकल सिक लाइन डिपो में एनडीआरएफ, आरपीएफ, जीआरपी, सिविल डिफेंस और मेडिकल टीमों के साथ संयुक्त मॉक अभ्यास आयोजित किया। इस दौरान रेल दुर्घटना जैसी स्थिति बनाकर राहत और बचाव कार्यों का परीक्षण किया गया। मॉक ड्रिल में यात्रियों की निकासी, मेडिकल सहायता, सुरक्षा व्यवस्था और आपदा प्रतिक्रिया की तैयारियों का व्यापक आकलन किया गया।

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राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब शकूर बस्ती मैकेनिकल सिक लाइन डिपो में रेल दुर्घटना जैसी आपात स्थिति तैयार की गई। उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल द्वारा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 16वीं वाहिनी और सिविल अथॉरिटीज के साथ संयुक्त मॉक अभ्यास आयोजित किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य किसी भी बड़ी रेल दुर्घटना की स्थिति में राहत एवं बचाव तैयारियों का आकलन करना था।

मॉक ड्रिल के दौरान एक रेलवे कोच को कृत्रिम रूप से बेपटरी किया गया, जिससे वास्तविक हादसे जैसा दृश्य तैयार हो गया। जैसे ही दुर्घटना की सूचना रेलवे कंट्रोल कार्यालय को मिली, तत्काल राहत एवं बचाव एजेंसियों को सक्रिय कर दिया गया।



कंट्रोल रूम से जारी हुआ अलर्ट, तुरंत रवाना हुई राहत टीमें

दुर्घटना की सूचना मिलते ही रेलवे कंट्रोल कार्यालय ने सेल्फ प्रोपेल्ड एक्सीडेंट रिलीफ मेडिकल वैन (SPARMV), एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन (ART), रेलवे सुरक्षा बल (RPF), गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (GRP), सिविल डिफेंस, एनडीआरएफ और अन्य सिविल अथॉरिटीज को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया।

सबसे पहले आरपीएफ, दिल्ली पुलिस और जीआरपी के जवान मौके पर पहुंचे। उन्होंने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर सुरक्षा व्यवस्था संभाली। इसके बाद मेडिकल टीमों, एम्बुलेंस और राहत दलों ने घटनास्थल पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया।


वरिष्ठ रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे, बनाया गया मिनी कंट्रोल रूम

मॉक अभ्यास के दौरान दिल्ली मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) श्री पुष्पेश रमण त्रिपाठी, अपर मंडल रेल प्रबंधक (परिचालन) श्री त्रिभुवन मिश्रा, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे।


दुर्घटनास्थल पर सभी विभागों के समन्वय से एक मिनी कंट्रोल रूम स्थापित किया गया, जहां से पूरे राहत एवं बचाव अभियान की निगरानी की गई। अधिकारियों ने अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर हर गतिविधि पर नजर रखी।


पलटे हुए कोच में घुसी एनडीआरएफ टीम, यात्रियों को बचाने का शुरू हुआ ऑपरेशन

एनडीआरएफ और सिविल डिफेंस की बचाव टीमों ने पलटे हुए कोच में प्रवेश कर अंदर फंसे यात्रियों की स्थिति का आकलन किया। टीम ने वेस्टिब्यूल के जरिए सिंगल एंट्री पॉइंट से कोच में प्रवेश किया और यात्रियों की संख्या, लोकेशन और सुरक्षित निकासी के विकल्पों का अध्ययन किया।

जहां संभव हुआ, वहां यात्रियों को कोच के अंदर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अत्याधुनिक रेस्क्यू तकनीकों का इस्तेमाल किया गया।


कोच काटकर बनाया गया रास्ता, रेस्क्यू ऑपरेशन ने खींचा ध्यान

मॉक ड्रिल का सबसे अहम हिस्सा वह रहा जब एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन और एनडीआरएफ की टीमों ने यात्रियों को बाहर निकालने के लिए कोल्ड कटिंग और अब्रेसिव कटिंग तकनीक का इस्तेमाल किया।

इन तकनीकों के जरिए कोच के हिस्सों को काटकर सुरक्षित रास्ता तैयार किया गया ताकि फंसे हुए यात्रियों को जल्द से जल्द बाहर निकाला जा सके। यह अभ्यास पूरी तरह वास्तविक आपदा प्रबंधन की तरह संचालित किया गया।


आरपीएफ ने संभाली सुरक्षा, लगातार होती रही अनाउंसमेंट

रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों ने यात्रियों की सहायता के साथ-साथ घटनास्थल की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाली। पूरे इलाके को टेप लगाकर सील किया गया और आम लोगों को दुर्घटनास्थल से दूर रहने के लिए लगातार अनाउंसमेंट किए गए


इसके अलावा यात्रियों के सामान की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न फैले।


मेडिकल टीम ने तैयार की घायलों की सूची

मेडिकल टीम ने घायल यात्रियों की सूची तैयार की, जिसमें उनकी चोटों की स्थिति और जिस अस्पताल में उन्हें इलाज के लिए भेजा गया उसकी जानकारी दर्ज की गई।

हर घायल यात्री की जेब में पहचान संबंधी एक स्लिप रखी गई, जिसमें उसका नाम और जरूरी विवरण दर्ज था। इसका उद्देश्य प्राथमिक उपचार और अस्पताल में भर्ती के दौरान मरीजों की सही पहचान सुनिश्चित करना था।


रेलवे ने बताया- किसी भी आपदा से निपटने को पूरी तरह तैयार

इस संयुक्त मॉक अभ्यास के जरिए उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल ने यह संदेश दिया कि रेलवे किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, एनडीआरएफ, सिविल अथॉरिटीज, मेडिकल टीमों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय से बड़े हादसों में राहत एवं बचाव कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

अधिकारियों ने कहा कि ऐसे मॉक अभ्यास भविष्य में भी जारी रहेंगे ताकि आपदा की स्थिति में यात्रियों की जान बचाने और नुकसान को कम करने के लिए सभी एजेंसियां हर समय तैयार रहें।

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