उत्तर प्रदेश ने बिजली आपूर्ति के क्षेत्र में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाते हुए 31,804 मेगावाट की पीक डिमांड को सफलतापूर्वक पूरा किया। ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि प्रदेश अब देश में सबसे अधिक बिजली आपूर्ति करने वाला राज्य बन चुका है। गांवों से लेकर शहरों तक निर्बाध बिजली पहुंचाने का अभियान लगातार जारी है।
ऊर्जा क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की बड़ी छलांग, देश में सबसे अधिक बिजली आपूर्ति करने वाला राज्य बना यूपी
उत्तर प्रदेश ने ऊर्जा क्षेत्र में एक नई ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए पूरे देश में अपनी अलग पहचान बना ली है। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ती बिजली मांग के बीच प्रदेश ने 31,804 मेगावाट की रिकॉर्ड पीक डिमांड को सफलतापूर्वक पूरा कर नया इतिहास रच दिया है। यह उपलब्धि केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के किसी भी राज्य द्वारा अब तक की गई सबसे अधिक बिजली आपूर्ति मानी जा रही है।
शनिवार रात 10 बजकर 39 मिनट पर यह रिकॉर्ड दर्ज किया गया, जब पूरे प्रदेश में बिजली की मांग अपने चरम पर थी। इसके बावजूद बिजली विभाग ने बिना किसी बड़े संकट के पूरे सिस्टम को संभालते हुए रिकॉर्ड स्तर पर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की।
ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने बताया बड़ी उपलब्धि
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने इस उपलब्धि को प्रदेश सरकार की योजनाबद्ध कार्यप्रणाली और बिजली विभाग के कर्मचारियों की मेहनत का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर घर, हर गांव और हर शहर तक निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली पहुंचाना है।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया गया है। इसी का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक बिजली आपूर्ति करने वाला राज्य बन चुका है।
उन्होंने कहा कि केवल शहरों में ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी निर्धारित रोस्टर से आगे बढ़कर व्यापक स्तर पर बिजली उपलब्ध कराई गई है। कई गांवों में 22 से 22.5 घंटे तक लगातार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई, जिससे आम लोगों को गर्मी में बड़ी राहत मिली।
गर्मी के बीच बड़ी राहत बनी बिजली व्यवस्था
मई की भीषण गर्मी के बीच उत्तर प्रदेश में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। एयर कंडीशनर, कूलर और कृषि कार्यों में बढ़ती बिजली खपत के कारण प्रदेश में पीक डिमांड नए स्तर पर पहुंच गई थी।
ऐसे समय में रिकॉर्ड 31,804 मेगावाट बिजली आपूर्ति ने न केवल शहरी क्षेत्रों बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी लोगों को राहत पहुंचाई। किसान, व्यापारी, छात्र और छोटे उद्योगों से जुड़े लोगों को लगातार बिजली मिलने से कामकाज प्रभावित नहीं हुआ।
ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि पहले जहां घंटों बिजली कटौती होती थी, वहीं अब लंबे समय तक बिजली मिलने से जीवन काफी आसान हुआ है। खेती-किसानी से लेकर घरेलू जरूरतों तक हर क्षेत्र में इसका असर दिखाई दे रहा है।
ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी बिजली मांग को सफलतापूर्वक पूरा करना उत्तर प्रदेश की ऊर्जा क्षमता और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर को दर्शाता है। यह उपलब्धि प्रदेश को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रदेश सरकार लगातार बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने, नई ट्रांसमिशन लाइनें बिछाने और पुराने सिस्टम को आधुनिक बनाने पर काम कर रही है। इसके साथ ही बिजली चोरी रोकने और तकनीकी नुकसान कम करने के लिए भी अभियान चलाए जा रहे हैं।
ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के अनुसार भविष्य में बढ़ती मांग को देखते हुए कई नई परियोजनाओं पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।
भ्रम फैलाने वालों को मंत्री का जवाब
ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने बिजली व्यवस्था को लेकर भ्रम फैलाने वालों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग राजनीतिक कारणों से प्रदेश की बिजली व्यवस्था पर सवाल उठाते हैं, जबकि वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश में सबसे अधिक बिजली उपलब्ध कराने वाला राज्य बन चुका है और यह आंकड़े खुद इसकी गवाही दे रहे हैं।
मंत्री ने यह भी कहा कि तकनीकी, प्राकृतिक या मानवजनित कारणों से कहीं-कहीं स्थानीय स्तर पर बाधाएं आ सकती हैं, लेकिन बिजली विभाग की टीमें तुरंत उन्हें ठीक करने में जुट जाती हैं।
दिन-रात काम कर रहे विद्युत कर्मचारी
ऊर्जा मंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी और कठिन परिस्थितियों में भी हजारों विद्युतकर्मी लगातार मैदान में रहकर बिजली व्यवस्था को संभाल रहे हैं।
कई बार आंधी, बारिश या तकनीकी खराबी के बावजूद कर्मचारी रात-दिन काम करके बिजली आपूर्ति बहाल करते हैं। मंत्री ने कहा कि जनता को भी बिजली कर्मियों के प्रयासों को समझना चाहिए और उनका सहयोग करना चाहिए।
प्रदेश की विकास यात्रा में बिजली बनी मजबूत आधार
विशेषज्ञ मानते हैं कि किसी भी राज्य के विकास में मजबूत बिजली व्यवस्था की सबसे अहम भूमिका होती है। उद्योग, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि सभी क्षेत्र बिजली पर निर्भर हैं।
उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड बिजली आपूर्ति से यह संकेत भी मिला है कि प्रदेश तेजी से आधुनिक और विकसित राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। लगातार बेहतर हो रही बिजली व्यवस्था से निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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