उत्तर प्रदेश STF ने लंबे समय से फरार चल रहे एक लाख रुपये के इनामी अपराधी कलुआ उर्फ कालिया को आगरा से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर हत्या, लूट, डकैती और बड़े पैमाने पर भैंस चोरी जैसे गंभीर अपराध दर्ज हैं। पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
आगरा में STF का बड़ा ऑपरेशन, एक लाख का इनामी कलुआ गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। हरदोई जिले के थाना मल्लावां में दर्ज चोरी के मुकदमे में वांछित और एक लाख रुपये के इनामी अपराधी कलुआ उर्फ कालिया को आगरा से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और कई जिलों में सक्रिय संगठित गिरोह का हिस्सा बताया जा रहा है।
एसटीएफ के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान कलुआ उर्फ कालिया पुत्र लाल मोहम्मद निवासी नरदई, थाना कासगंज नगर, जनपद कासगंज के रूप में हुई है। उसे आगरा के थाना छत्ता क्षेत्र स्थित हाथी घाट यमुना किनारा रेलवे ब्रिज के नीचे से 20 मई 2026 की रात करीब 8:15 बजे गिरफ्तार किया गया।
मुखबिर की सूचना पर STF ने बिछाया जाल
एसटीएफ को पिछले काफी समय से सूचना मिल रही थी कि प्रदेश के कई जिलों में फरार और इनामी अपराधी दोबारा सक्रिय होकर बड़ी आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। इसी क्रम में STF फील्ड यूनिट आगरा को विशेष निगरानी और सूचना जुटाने के निर्देश दिए गए थे।
अपर पुलिस अधीक्षक राकेश के पर्यवेक्षण में STF की टीम लगातार अभियुक्त की तलाश में जुटी हुई थी। टीम में उपनिरीक्षक राजीव चौधरी, उपनिरीक्षक दिनेश गौतम, मुख्य आरक्षी अरविन्द सिंह, प्रशांत कुमार सिंह, अमित चौहान, कृष्णवीर सिंह तथा आरक्षी प्रदीप चौधरी और दयाल सिंह शामिल थे।
इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक लाख का इनामी अपराधी कलुआ हाथी घाट क्षेत्र में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही STF टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को दबोच लिया।
पूछताछ में खुला अपराधों का काला साम्राज्य
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में कलुआ ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि वह अपने रिश्तेदारों और परिवार के लोगों के साथ मिलकर एक बड़ा गिरोह चलाता था। यह गैंग हत्या, डकैती, लूट, चोरी और विशेष रूप से भैंस चोरी की वारदातों को अंजाम देता था।
आरोपी ने दावा किया कि उसके गिरोह से करीब 1000 से लेकर लगभग 3000 लोग जुड़े हुए थे, जो अलग-अलग जिलों में रहकर भैंस चोरी और लूट की घटनाएं करते थे। STF अब इस खुलासे के बाद गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है।
मथुरा में 7 भैंसें लूटने की वारदात
पूछताछ में कलुआ ने वर्ष 2017 की एक बड़ी घटना का भी जिक्र किया। उसने बताया कि 14 और 15 जनवरी 2017 की रात को उसने अपने साथियों के साथ मिलकर मथुरा जिले के थाना बलदेव क्षेत्र के गांव छैला में वारदात को अंजाम दिया था।
उस दौरान मोहन सिंह अपने पशुओं के पास सो रहे थे। बदमाशों ने उन पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया और सात भैंसों को वाहन में लादकर फरार हो गए थे। इस मामले में थाना बलदेव में धारा 395 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था।
अलीगढ़ में घर में घुसकर हमला और लूट
कलुआ ने वर्ष 2020 की एक और बड़ी वारदात कबूल की। उसने बताया कि 25 और 26 दिसंबर 2020 की रात उसने अपने साथियों के साथ मिलकर अलीगढ़ के गांधी पार्क क्षेत्र में घर में घुसकर हमला किया था।
इस दौरान परिवार के लोगों के साथ मारपीट की गई, एक व्यक्ति को गंभीर रूप से घायल किया गया और 11 भैंसें, एक पड़वा, वाहन, अंगूठी, जेवरात और 46 हजार रुपये लूट लिए गए थे। इस मामले में 16 लोगों के नाम सामने आए थे।
हत्या के मामले में भी जा चुका है जेल
कलुआ का नाम मैनपुरी जिले के थाना भोगांव में दर्ज हत्या के एक मामले में भी सामने आ चुका है। 5 दिसंबर 2018 को आसिफ नामक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। विवेचना के दौरान कलुआ का नाम प्रकाश में आया और उसे जेल भेजा गया था।
हरदोई में तमंचे के बल पर भैंस चोरी
STF के मुताबिक, 26 नवंबर 2020 को हरदोई जिले के नया गांव, थाना मल्लावां क्षेत्र में आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक व्यक्ति की कनपटी पर तमंचा लगाकर भैंस चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। इस घटना में टाटा 407 और कार का इस्तेमाल किया गया था।
लंबा है आपराधिक इतिहास
कलुआ उर्फ कालिया पर कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ हरदोई, मथुरा और कासगंज समेत कई जिलों में चोरी, गैंगस्टर एक्ट और अन्य संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
STF अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य अपराधियों की तलाश की जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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