गाजियाबाद कलेक्ट्रेट में आयोजित जनता दर्शन के दौरान जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ ने आम लोगों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों का मौके पर समाधान कराया। इसी दौरान कैंसर पीड़ित युवक के इलाज के लिए पहुंचे एक पिता की मदद करते हुए डीएम ने रेड क्रॉस के माध्यम से 50 हजार रुपये का चेक सौंपा।
गाजियाबाद में जनता दर्शन के दौरान दिखी संवेदनशील प्रशासन की तस्वीर, कैंसर पीड़ित युवक की मदद को आगे आए डीएम
गाजियाबाद कलेक्ट्रेट में आयोजित जनता दर्शन के दौरान गुरुवार को प्रशासन का एक मानवीय चेहरा देखने को मिला। जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार माँदड़ ने न सिर्फ आम लोगों की समस्याएं सुनीं बल्कि कई मामलों में मौके पर ही समाधान कर राहत भी दिलाई। इसी दौरान एक ऐसा भावुक पल भी सामने आया जिसने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया।
जब एक पिता अपने कैंसर पीड़ित बेटे के इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर जिलाधिकारी के सामने पहुंचा, तो डीएम ने तुरंत संवेदनशीलता दिखाते हुए सहायता का हाथ बढ़ाया। प्रशासन की इस पहल की लोगों ने खुलकर सराहना की।
कलेक्ट्रेट में लगा जनता दर्शन
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ द्वारा कलेक्ट्रेट कार्यालय में जनता दर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जिलेभर से आए लोगों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें डीएम के सामने रखीं।
जनसुनवाई में राजस्व विभाग, जीडीए, नगर निगम, विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, निर्माण विभाग समेत कई विभागों से संबंधित शिकायतें और प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए।

कलेक्ट्रेट परिसर में सुबह से ही लोगों की भीड़ दिखाई दी। कोई जमीन विवाद को लेकर पहुंचा था तो कोई बिजली, पानी और निर्माण कार्यों से जुड़ी शिकायत लेकर आया था।
अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
जनता दर्शन के दौरान जिलाधिकारी ने जिला स्तरीय अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि आम जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए।
उन्होंने कहा कि सभी जिला स्तरीय अधिकारी प्रत्येक कार्य दिवस पर सुबह 10 बजे से 12 बजे तक जन शिकायतें सुनेंगे। साथ ही अधिकारी जूम के माध्यम से लाइव भी रहेंगे, ताकि शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
डीएम ने कहा कि लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण ही प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
कई मामलों का मौके पर हुआ समाधान
जनता दर्शन के दौरान कई शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। जिलाधिकारी ने जूम कॉल के जरिए संबंधित अधिकारियों से सीधे संपर्क किया और उन्हें शिकायतों के बारे में जानकारी देते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
कुछ मामलों में लोगों को तुरंत राहत मिलने पर उनके चेहरों पर संतोष भी दिखाई दिया। कई फरियादियों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पहली बार उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुना गया।
कैंसर पीड़ित बेटे के लिए मदद मांगने पहुंचा पिता
जनता दर्शन के दौरान सबसे भावुक क्षण तब आया जब उमाशंकर मिश्र नाम के व्यक्ति ने जिलाधिकारी को एक प्रार्थना पत्र सौंपा।
उन्होंने बताया कि उनके पुत्र विकास मिश्र कैंसर से पीड़ित हैं और उनका इलाज चल रहा है। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण इलाज का खर्च उठाना मुश्किल हो रहा है।

पिता की बात सुनते ही जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया।
रेड क्रॉस से दिलाई 50 हजार रुपये की सहायता
डीएम ने बिना देर किए रेड क्रॉस के माध्यम से कैंसर पीड़ित युवक के इलाज के लिए 50 हजार रुपये का चेक उपलब्ध कराया।
इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री राहत कोष से अतिरिक्त आर्थिक सहायता दिलाने के लिए भी तत्काल आवेदन प्रक्रिया शुरू कराई गई।
मदद मिलने के बाद परिवार की आंखों में राहत और भावुकता दोनों दिखाई दी। वहां मौजूद लोगों ने भी प्रशासन के इस मानवीय कदम की सराहना की।
किसान ने भी जताया आभार
जनता दर्शन के दौरान मोदीनगर निवासी एक किसान ने भी अपनी समस्या का समाधान होने पर जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया।
किसान ने कहा कि उसकी समस्या का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हुआ है और उसे न्याय मिला है। उन्होंने कहा—
“डीएम साहब सभी की मदद करते हैं। मैं उनका दिल से धन्यवाद करता हूं।”
किसान की यह बात सुनकर वहां मौजूद अन्य लोगों में भी प्रशासन के प्रति भरोसा दिखाई दिया।

प्रशासन की कार्यशैली की हो रही चर्चा
गाजियाबाद में पिछले कुछ समय से जनता दर्शन कार्यक्रम को लेकर लोगों में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। आम लोग अब अपनी शिकायतें सीधे प्रशासन के सामने रख पा रहे हैं।
विशेष रूप से डिजिटल माध्यम यानी जूम के जरिए अधिकारियों की लाइव मॉनिटरिंग को प्रशासन की नई और प्रभावी पहल माना जा रहा है।
लोगों का कहना है कि इससे शिकायतों का समाधान तेजी से हो रहा है और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय हो रही है।
“संवेदनशील प्रशासन” की बनी मिसाल
जनता दर्शन के दौरान जिस तरह जिलाधिकारी ने एक कैंसर पीड़ित युवक की मदद के लिए तुरंत कदम उठाया, उसने प्रशासन के संवेदनशील चेहरे को सामने ला दिया।
आज के दौर में जहां अक्सर लोग सरकारी दफ्तरों में सुनवाई न होने की शिकायत करते हैं, वहीं गाजियाबाद में सामने आई यह तस्वीर लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
फिलहाल जिला प्रशासन का कहना है कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण आगे भी इसी तरह जारी रहेगा, ताकि लोगों को राहत मिल सके और प्रशासन पर भरोसा मजबूत हो।
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