उत्तर प्रदेश के MSME मंत्री राकेश सचान ने लखनऊ में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को निर्देश दिए कि 31 मार्च से पहले बजट का पूरा उपयोग किया जाए और लंबित परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जाए। बैठक में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और ओडीओपी योजना की प्रगति पर भी चर्चा हुई।
उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश में उद्यमिता और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में सोमवार को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने लखनऊ के निर्यात भवन, कैसरबाग में विभागीय योजनाओं के वित्तीय बजट (वर्ष 2025-26) की विस्तृत समीक्षा बैठक की।
बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभिन्न योजनाओं की प्रगति, बजट व्यय और लंबित परियोजनाओं की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वित्तीय वर्ष के समापन से पहले सभी योजनाओं में बजट का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
समयबद्ध तरीके से पूरा करें परियोजनाएं
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री राकेश सचान ने कहा कि विभागीय योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लंबित परियोजनाओं को तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए।
अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि 31 मार्च तक बजट के शेष हिस्से को भी खर्च करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है, ताकि निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरे किए जा सकें।

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना पर विशेष जोर
बैठक में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत पारंपरिक कारीगरों को प्रशिक्षण और आधुनिक टूलकिट उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
इस योजना के तहत बढ़ई, लोहार, कुम्हार, दर्जी, मोची सहित कई पारंपरिक कारीगरों को कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे अपने व्यवसाय को आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ा सकें।
मंत्री ने निर्देश दिया कि प्रशिक्षण और टूलकिट वितरण की प्रक्रिया को और तेज किया जाए, ताकि अधिक से अधिक कारीगरों को इसका लाभ मिल सके।
युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर
बैठक में मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत बड़ी संख्या में युवाओं को बैंक ऋण और मार्जिन मनी उपलब्ध कराई गई है, जिससे वे अपना व्यवसाय शुरू कर सकें।
मंत्री राकेश सचान ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार के अवसर भी मिलें, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
ओडीओपी योजना से बढ़ रही उद्यमिता
बैठक में एक जनपद एक उत्पाद (ODOP) योजना और ओडीओपी वित्त पोषण सहायता योजना की भी समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के तहत हजारों उद्यमियों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। इसके साथ ही प्रशिक्षण और टूलकिट कार्यक्रम के माध्यम से उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने का भी प्रयास किया जा रहा है।

औद्योगिक परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के निर्देश
मंत्री राकेश सचान ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि औद्योगिक आस्थानों, क्लस्टर पार्कों और यूनिटी मॉल जैसी परियोजनाओं की प्रगति में तेजी लाई जाए।
उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही स्थानीय उद्यमियों को भी नए व्यवसायिक अवसर मिलेंगे।
उद्यमिता से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार MSME क्षेत्र को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि उद्यमिता को प्रोत्साहन देकर युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
छह महीने में तैयार होगी कार्ययोजना
बैठक के अंत में मंत्री राकेश सचान ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए और अगले छह महीनों के भीतर लंबित परियोजनाओं को पूरा करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।
उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी और MSME क्षेत्र को और अधिक मजबूती मिलेगी।
COMMENTS