मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर आयोजित ‘श्रमवीर गौरव समारोह 2026’ में श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा, आवास, बीमा, डॉरमेट्री, कैंटीन और ईएसआईसी अस्पतालों जैसी बड़ी योजनाओं की घोषणा की। सीएम ने साफ कहा कि “काम किया है तो पूरा दाम भी मिलेगा, मजदूरी रोकने वालों पर सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।”
अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर राजधानी लखनऊ में आयोजित ‘श्रमवीर गौरव समारोह 2026’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के श्रमिकों के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का विकास तभी सार्थक होगा जब श्रमिक वर्ग सुरक्षित, सम्मानित और आर्थिक रूप से सशक्त होगा। इसी लक्ष्य के साथ राज्य सरकार श्रमिक परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा, आवास, बीमा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने का व्यापक अभियान चला रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक प्रदेश के 12 लाख 26 हजार निर्माण श्रमिकों को आयुष्मान कार्ड की सुविधा दी जा चुकी है। इसके तहत प्रत्येक परिवार को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शेष 15 लाख 83 हजार श्रमिकों को भी जल्द इस योजना से जोड़ा जाएगा। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के करीब 1 करोड़ श्रमिक परिवारों, यानी लगभग 5 करोड़ लोगों तक स्वास्थ्य सुरक्षा पहुंचाना है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के सम्मान को राष्ट्र निर्माण से जोड़ते हुए कहा कि श्रमिकों के पसीने से ही नया भारत तैयार हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज श्रमिक केवल मजदूर नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था के वास्तविक शिल्पकार हैं। मुख्यमंत्री ने अटल आवासीय विद्यालयों के मेधावी छात्रों को सम्मानित करते हुए कहा कि श्रमिकों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य देना सरकार की प्राथमिकता है।
सीएम योगी ने कहा कि पहले श्रमिक दूसरों के लिए मकान, सड़क और अस्पताल बनाते थे लेकिन खुद उनके पास रहने के लिए घर और इलाज की सुविधा नहीं होती थी। अब स्थिति बदल रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत उत्तर प्रदेश में 65 लाख परिवारों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा प्रदेश में 2 करोड़ 61 लाख शौचालयों का निर्माण किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने श्रमिकों को ‘वन नेशन-वन राशन कार्ड’ की सुविधा देकर उन्हें देशभर में कहीं भी राशन प्राप्त करने का अधिकार दिया है। प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना के तहत 7 लाख से अधिक श्रमिकों को पेंशन योजना से जोड़ा गया है जबकि अटल पेंशन योजना में प्रदेश के 93 लाख लाभार्थी शामिल हैं।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मजदूरी भुगतान को लेकर भी सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा,
“अगर किसी ने काम कराया है तो मजदूरी भी पूरी देनी होगी। यदि कोई मजदूरी नहीं देगा तो सरकार उसका काम तमाम करेगी।”
सीएम ने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान दुर्घटना में मृत्यु होने पर श्रमिक परिवार को 5 लाख रुपये तक की सहायता तथा दिव्यांग होने पर 2 लाख रुपये तक की मदद दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पहले ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी।

मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त डॉरमेट्री बनाने की घोषणा भी की। इन डॉरमेट्री में सस्ती और पौष्टिक भोजन देने वाली कैंटीन, स्वच्छ शौचालय, स्नानघर, सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे और अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के 41 जनपदों में 116 ईएसआईसी औषधालय संचालित हैं और शेष 34 जिलों में भी जल्द एक-एक ईएसआईसी औषधालय स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही ग्रेटर नोएडा और गोरखपुर में बड़े ईएसआईसी अस्पताल बनाए जाएंगे। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क में 300 बेड के अस्पताल के लिए 7 एकड़ भूमि आवंटित की गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने औद्योगिक विकास और श्रमिक हितों को एक-दूसरे का पूरक बताते हुए कहा कि औद्योगिक अशांति किसी भी हालत में नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि जहां औद्योगिक अशांति होती है वहां अंत में केवल खंडहर बचते हैं। उन्होंने श्रमिकों से किसी भी बहकावे में न आने की अपील की।
सीएम ने बताया कि पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में 18,000 नए उद्योग स्थापित हुए हैं, जिससे 65 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य नहीं बल्कि देश का ग्रोथ इंजन बन चुका है।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, बृजेश पाठक, श्रम मंत्री अनिल राजभर, श्रम राज्य मंत्री मनोहर लाल मन्नू कोरी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार, श्रम आयुक्त मार्कंडेय शाही सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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