उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ में भारत टैक्सी और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ किया। भारत टैक्सी में चालक जीरो कमीशन मॉडल के साथ जुड़ सकेंगे और सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा। वहीं कृषक समृद्धि योजना के तहत उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम्य विकास बैंक से मिलने वाले दीर्घकालिक कृषि ऋण की ब्याज दर 11 फीसदी से घटाकर 6 फीसदी की गई है। सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में पांच लाख लघु और सीमांत किसानों तक योजना का लाभ पहुंचाना है।
उत्तर प्रदेश में बुधवार को परिवहन और कृषि क्षेत्र से जुड़ी दो बड़ी पहलों की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय सहकारिता एवं नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल ने भारत टैक्सी और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का ई-पोर्टल, सहकारिता विभाग का उर्वरक सेतु मोबाइल एप और उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव डेटाबेस सेंटर यानी यूपीसीडीसी मोबाइल एप भी लॉन्च किया गया। भारत टैक्सी की सेवा लखनऊ के साथ गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में शुरू की गई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार यह देश का सहकारिता आधारित राइड-हेलिंग मॉडल है, जिसमें जीरो-कमीशन व्यवस्था पर जोर दिया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि टैक्सी, टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर चालक रजिस्ट्रेशन कराकर भारत टैक्सी से जुड़ सकेंगे। उनके मुताबिक चालकों को जीरो कमीशन मॉडल के साथ काम करने का अवसर मिलेगा और पांच लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा का लाभ दिया जाएगा।
भारत टैक्सी को केवल यात्रियों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने वाली सेवा के बजाय सहकारिता आधारित मॉडल के रूप में पेश किया गया है। केंद्र सरकार की ओर से भी भारत टैक्सी को चालक-केंद्रित सहकारी प्लेटफॉर्म बताया गया है, जिसमें ड्राइवरों को स्वामित्व और कमाई की व्यवस्था से जोड़ने पर जोर है।
लखनऊ एयरपोर्ट, लखनऊ मेट्रो और यातायात एवं सड़क सुरक्षा से जुड़ी संस्थाओं के साथ भारत टैक्सी के एमओयू का भी कार्यक्रम में आदान-प्रदान हुआ।

मुख्यमंत्री ने प्रयागराज महाकुंभ-2025 में रैपिडो सेवा का उदाहरण देते हुए कहा कि बड़ी संख्या में युवाओं ने बाइक के माध्यम से श्रद्धालुओं को संगम, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट तक पहुंचाने में भूमिका निभाई। उनके मुताबिक इससे यात्रियों को आवागमन की सुविधा मिली और यातायात पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ा।
योगी आदित्यनाथ ने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से भारत टैक्सी की तर्ज पर ग्रामीण बस सेवा को आगे बढ़ाने के निर्देश भी दिए। उनका कहना था कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा के साथ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
2017 से पहले की कानून-व्यवस्था पर सीएम का हमला
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश का जिक्र करते हुए कानून-व्यवस्था और सड़कों की स्थिति पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि उस दौर में टैक्सी और अन्य वाहनों के चालकों को आपराधिक तत्वों से परेशानी होती थी और वाहन चोरी की घटनाएं भी होती थीं।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि उस समय स्थिति ऐसी थी कि “टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर और फोर-व्हीलर छोड़िए”, भैंसा गाड़ी से उतरने पर भैंसा तक चोरी हो जाता था। उन्होंने उस समय की सड़कों की स्थिति पर भी तंज करते हुए कहा कि यह पता लगाना मुश्किल होता था कि सड़क में गड्ढा है या गड्ढे में सड़क।
मुख्यमंत्री ने वर्तमान व्यवस्था का उल्लेख करते हुए प्रदेश में कनेक्टिविटी और निगरानी व्यवस्था में बदलाव का दावा किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 14 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और चोरी की घटनाओं में कार्रवाई के लिए निगरानी तंत्र विकसित किया गया है। ये आंकड़े मुख्यमंत्री के भाषण में दिए गए दावे हैं।
किसानों के लिए 11 से 6 फीसदी हुई ब्याज दर
कार्यक्रम का दूसरा बड़ा केंद्र मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना रही। मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम्य विकास बैंक से किसानों को मिलने वाले ऋण की ब्याज दर 11 फीसदी से घटाकर 6 फीसदी कर दी गई है। योजना के तहत खेती-बाड़ी और कृषि मशीनरी जैसी जरूरतों के लिए दीर्घकालिक ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

सरकार ने आने वाले वर्षों में पांच लाख लघु और सीमांत किसानों को योजना का लाभ देने का लक्ष्य रखा है। कार्यक्रम में लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र और चेक भी दिए गए।
मंच से पांच किसानों को मिला ऋण
मुख्यमंत्री ने कृषक समृद्धि योजना के पांच लाभार्थियों को ऋण वितरित किया। इनमें अनिल कुमार सिंह को 6 लाख रुपये, अंकुश कुमार को 5 लाख रुपये, अवधेश कुमार को 4.50 लाख रुपये, बाबूलाल राजपूत को 3 लाख रुपये और संजय को 2 लाख रुपये का ऋण शामिल रहा।
वहीं भारत टैक्सी के पांच सारथियों—सुमनदीप कौर, अमित कुमार अग्रवाल, अमरीश सोनकर, शशांक पांडेय और पंकज कुमार वर्मा—को मंच पर शेयर प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
सहकारिता राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार जेपीएस राठौर ने मुख्यमंत्री को उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम के लाभांश के रूप में 2.69 करोड़ रुपये का चेक भी सौंपा।
मुख्यमंत्री ने सरकार के पिछले वर्षों के कृषि कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2017 के बाद 86 लाख लघु और सीमांत किसानों के 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक के ऋण माफ किए गए।

उन्होंने सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना, अर्जुन सहायक, बाणसागर और मध्य गंगा परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले करीब साढ़े नौ वर्षों में 24 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा से जोड़ा गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि 16 लाख से अधिक निजी ट्यूबवेल वाले किसानों को मुफ्त बिजली दी जा रही है और नहर तथा सरकारी ट्यूबवेल से सिंचाई भी मुफ्त है।
गन्ना भुगतान से सहकारी बैंकों तक का आंकड़ा
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रदेश में 122 चीनी मिलें चल रही हैं और पिछले नौ वर्षों में किसानों को 3.30 लाख करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान किया गया है। उन्होंने पिछली सरकारों के दौरान 29 चीनी मिलों के बंद होने और 21 मिलों की बिक्री का आरोप भी लगाया।
सहकारिता क्षेत्र पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले 16 सहकारी बैंक निष्क्रिय हो गए थे, जबकि अब इनमें से 15 बैंक मुनाफे में आ चुके हैं। पैक्स की ब्याज मुक्त कैश क्रेडिट सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 15 लाख रुपये किए जाने और सहकारिता से 54 लाख नए सदस्यों के जुड़ने का भी उन्होंने उल्लेख किया।

केंद्रीय राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि भारत टैक्सी अब उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख शहरों में सेवा दे रही है। उनके अनुसार देश में यह मॉडल करीब 15 शहरों तक पहुंच चुका है और पिछले छह महीनों में ड्राइवरों के खातों में 100 करोड़ रुपये से अधिक राशि पहुंची है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में करीब 40 हजार ड्राइवरों के पंजीकरण का भी दावा किया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में करीब 42 हजार सहकारी समितियां काम कर रही हैं और पैक्स कंप्यूटरीकरण तथा ग्रामीण बैंकों के डिजिटलीकरण को आगे बढ़ाया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भारत टैक्सी को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने वाली पहल बताया। कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सहकारिता राज्यमंत्री जेपीएस राठौर, परिवहन राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
भारत टैक्सी और अडानी एयरपोर्ट लखनऊ, उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन तथा यातायात एवं सड़क सुरक्षा विभाग के बीच एमओयू का आदान-प्रदान भी हुआ। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि जीरो-कमीशन मॉडल और सस्ती कृषि ऋण व्यवस्था जमीन पर चालकों और किसानों तक किस तरह पहुंचती है।
COMMENTS