प्रयागराज में उत्तर प्रदेश STF ने हत्या के मामले में वांछित और 50 हजार रुपये के इनामी अभियुक्त रवि पासी को गिरफ्तार किया है। STF के मुताबिक आरोपी नवाबगंज थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 404/2025 में वांछित था। पूछताछ में उसने रणधीर यादव के अपहरण और हत्या की घटना में शामिल होने की बात बताई। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ प्रयागराज, प्रतापगढ़ और रायबरेली के विभिन्न थानों में कुल 19 मुकदमे दर्ज हैं।
उत्तर प्रदेश STF को फरार और इनामी अपराधियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई में एक और सफलता मिली है। 50 हजार रुपये के इनामी अभियुक्त रवि पासी को STF की प्रयागराज फील्ड यूनिट ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी थाना नवाबगंज, कमिश्नरेट प्रयागराज में दर्ज हत्या के मुकदमे में वांछित चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था।
STF के मुताबिक रवि पासी की गिरफ्तारी 22 सितंबर 2026 को शाम 6:05 बजे प्रयागराज के सिविल लाइंस इलाके में एजी ऑफिस चौराहा स्थित चाय की दुकान के सामने से की गई। पुलिस टीम को आरोपी के बारे में सूचना मिली थी, जिसके बाद घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया गया।
हत्या के मुकदमे में था 50 हजार का इनाम
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान रवि पासी पुत्र कल्लू पासी उर्फ हरिओम पासी के रूप में हुई है। वह प्रयागराज के धूमनगंज थाना क्षेत्र स्थित ग्राम नीवा में नेहरू पार्क के पास अय्यप्पा मंदिर के बगल का रहने वाला बताया गया है।
STF के अनुसार रवि पासी थाना नवाबगंज में दर्ज मु0अ0सं0 404/2025 में वांछित था। इस मामले में धारा 103/140(1)/61(2)/238ए बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज है। आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
STF को पिछले कुछ समय से फरार और पुरस्कार घोषित अपराधियों के संबंध में सूचनाएं मिल रही थीं। इसी क्रम में विभिन्न STF इकाइयों को सूचना जुटाने और कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
STF की टीम ने ऐसे दबोचा
प्रयागराज STF फील्ड यूनिट के पुलिस उपाधीक्षक शैलेश प्रताप सिंह के पर्यवेक्षण और निरीक्षक जय प्रकाश राय के नेतृत्व में टीम अभिसूचना संकलन कर रही थी।
22 सितंबर को उपनिरीक्षक विनय तिवारी के साथ मुख्य आरक्षी किपन चन्द्र, प्रवीण जायसवाल, आरक्षी अजीत राय और चालक आरक्षी अखण्ड प्रताप पाण्डेय सिविल लाइंस क्षेत्र में आपराधिक अभिसूचना जुटाने के लिए भ्रमणशील थे। इसी दौरान टीम को रवि पासी के एजी ऑफिस चौराहे के आसपास मौजूद होने की सूचना मिली। सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए STF ने उसे चाय की दुकान के सामने से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सामने आई रणधीर यादव हत्याकांड की कहानी
STF के मुताबिक पूछताछ में रवि पासी ने 22 अगस्त 2025 की घटना के बारे में जानकारी दी। पुलिस के अनुसार आरोपी ने बताया कि उसने अपने सहयोगियों राम सिंह और उदय सिंह समेत अन्य लोगों के साथ मिलकर नवाबगंज क्षेत्र के हथगंहा मोहम्मदपुर निवासी रणधीर यादव का कथित तौर पर अपहरण किया था।
STF के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि रणधीर यादव की हत्या फाफामऊ पुल के पास की गई। इसके बाद शव को बम्हरौली रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर रख दिया गया। पुलिस के मुताबिक ट्रेन आने के बाद शव कई हिस्सों में कट गया और आरोपी वहां से फरार हो गए।
इस मामले में रणधीर यादव की पत्नी की ओर से थाना नवाबगंज में मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस की जांच के बाद इस घटना में शामिल बताए गए कुछ अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। रवि पासी तब से गिरफ्तारी से बचने के लिए इधर-उधर छिपता फिर रहा था।
लूट और चोरी के कई मामलों में भी नाम
STF के अनुसार पूछताछ में रवि पासी ने अपने खिलाफ दर्ज अन्य आपराधिक मामलों के बारे में भी जानकारी दी। पुलिस का कहना है कि उसके खिलाफ प्रयागराज, प्रतापगढ़ और रायबरेली के विभिन्न थानों में लूट, चोरी और अन्य आपराधिक धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं।
STF द्वारा उपलब्ध कराए गए आपराधिक इतिहास के अनुसार रवि पासी के खिलाफ कुल 19 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें धूमनगंज, अतरसुइया, पूरामुफ्ती, बहरिया और अन्य प्रयागराज के थाने शामिल हैं। इसके अलावा प्रतापगढ़ के संग्रामगढ़ और फतनपुर तथा रायबरेली के ऊंचाहार थाने में भी उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।
उसके आपराधिक इतिहास में लूट, चोरी का माल रखने, धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज, गैंगस्टर एक्ट, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट जैसी धाराओं में दर्ज मुकदमे शामिल हैं।
19 मुकदमों में हत्या का मामला भी शामिल
STF के अनुसार रवि पासी के खिलाफ दर्ज मामलों में वर्ष 2017 से लेकर 2025 तक के मुकदमे शामिल हैं। इनमें धूमनगंज में 2017 का लूट का मामला, प्रतापगढ़ के संग्रामगढ़ में 2020 के मुकदमे, रायबरेली के ऊंचाहार में चोरी से संबंधित मामला और प्रयागराज के विभिन्न थानों में 2021-23 के कई मुकदमे शामिल हैं।
वर्ष 2022 में अतरसुइया थाने में उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। वर्ष 2022 में ही गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मामला दर्ज बताया गया है। वर्ष 2023 में बहरिया थाने में हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज हुआ था।
2025 में प्रतापगढ़ के फतनपुर थाने में भी उसके खिलाफ मामले दर्ज हुए। इनमें आर्म्स एक्ट और बीएनएस की धाराएं शामिल हैं। सबसे नया और गंभीर मामला नवाबगंज का मु0अ0सं0 404/2025 है, जिसमें वह हत्या और अपहरण से संबंधित धाराओं में वांछित था।
अब स्थानीय पुलिस करेगी आगे की कार्रवाई
STF के मुताबिक गिरफ्तार रवि पासी को नवाबगंज थाने में दर्ज मुकदमे में दाखिल किया जाएगा। इसके बाद आगे की विधिक कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा की जाएगी।
अब पुलिस पूछताछ के जरिए यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि रणधीर यादव हत्याकांड में अन्य आरोपियों की भूमिका क्या थी और घटना के पीछे पूरी परिस्थितियां क्या थीं। साथ ही आरोपी के पुराने आपराधिक मामलों और उसके संपर्क में रहे लोगों की भी जानकारी जुटाई जा सकती है।
STF की यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब पुलिस और STF की टीमें फरार एवं इनामी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभिसूचना जुटा रही हैं। रवि पासी की गिरफ्तारी के बाद अब रणधीर यादव हत्याकांड की जांच में आगे की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जाएगी।
COMMENTS