लखीमपुर खीरी में सोमवार को शहर के बीचोंबीच स्थित चिल्ड्रेन एकेडमी में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक युवक ने स्कूल की दूसरी मंजिल पर पहुंचकर 26 वर्षीय शिक्षिका निशात फातिमा को गोली मार दी। इसके तुरंत बाद युवक ने खुद को भी गोली मार ली। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय स्कूल में करीब 350 बच्चे मौजूद थे और परीक्षाएं चल रही थीं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
लखीमपुर खीरी में सोमवार की सुबह एक सामान्य स्कूल दिवस अचानक खौफनाक वारदात में बदल गया। शाहपुरा कोठी चौराहे के पास स्थित चिल्ड्रेन एकेडमी में करीब साढ़े 11 बजे गोलियों की आवाज सुनाई दी। स्कूल में उस समय करीब 350 बच्चे मौजूद थे और परीक्षाएं चल रही थीं।
कुछ ही क्षणों के भीतर हुई दो गोलियों ने पूरे स्कूल परिसर को दहला दिया। बच्चों में चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। किसी को शुरुआत में समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है।
बताया जा रहा है कि 28 वर्षीय सऊद अंसारी, निवासी नौरंगाबाद, सोमवार सुबह स्कूल परिसर में दाखिल हुआ था। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक उसने स्कूल में मौजूद 26 वर्षीय शिक्षिका निशात फातिमा से बातचीत की। इसके बाद दोनों स्कूल की दूसरी मंजिल पर पहुंचे, जहां नर्सरी और सीनियर नर्सरी की कक्षाएं संचालित होती हैं।
पहले बातचीत... फिर अचानक चली गोली
घटना से पहले कुछ समय तक सऊद अंसारी और निशात फातिमा के बीच बातचीत होती रही। इस दौरान स्कूल का स्टाफ भी वहां पहुंचने लगा था। सब कुछ सामान्य बातचीत जैसा दिखाई दे रहा था, लेकिन अगले ही पल स्थिति अचानक बदल गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बातचीत के दौरान युवक ने अपने पास मौजूद तमंचे से शिक्षिका पर गोली चला दी। गोली लगने से निशात फातिमा वहीं गिर पड़ीं। इससे पहले कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते या युवक को रोक पाते, उसने खुद को भी गोली मार ली।
एक के बाद एक दो गोलियां चलने की आवाज पूरे स्कूल में गूंज उठी।
छोटे बच्चों से भरे स्कूल में अचानक हुई इस घटना ने भय का माहौल पैदा कर दिया। कई बच्चे सहम गए। स्कूल परिसर में कुछ देर के लिए भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। शिक्षक और स्टाफ बच्चों को संभालने की कोशिश में जुट गए।
दोनों की मौके पर ही मौत
घटना के तुरंत बाद स्कूल में मौजूद लोगों ने दोनों को देखने और मदद पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। शिक्षिका निशात फातिमा और युवक सऊद अंसारी, दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
वारदात की सूचना पुलिस को दी गई। खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हलचल मच गई और अधिकारी मौके पर पहुंचने लगे।
मौके पर डीएम अंजनी कुमार सिंह, एसपी डॉ. ख्याति गर्ग, सीओ सिटी विवेक तिवारी समेत भारी पुलिस बल पहुंचा। पुलिस ने स्कूल परिसर को सुरक्षित करते हुए घटनास्थल की जांच शुरू की।
फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाने का काम किया, ताकि गोलीकांड से जुड़ी परिस्थितियों और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा जा सके।

अब इस पूरी घटना में सबसे बड़ा सवाल सिर्फ यह नहीं है कि गोली क्यों चली, बल्कि यह भी है कि युवक हथियार लेकर स्कूल परिसर के अंदर तक कैसे पहुंच गया।
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि सऊद अंसारी स्कूल में किस उद्देश्य से आया था। वह शिक्षिका से मिलने क्यों आया था? दोनों के बीच किस विषय पर बातचीत हो रही थी? बातचीत के दौरान ऐसा क्या हुआ कि युवक ने अचानक गोली चला दी? और सबसे अहम, उसके पास हथियार कहां से आया?
इन सवालों के जवाब अभी जांच के दायरे में हैं।
एसपी डॉ. ख्याति गर्ग के मुताबिक शिक्षिका और युवक दोनों की मौके पर ही मौत हुई है। वारदात के पीछे क्या कारण था, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस युवक के स्कूल में प्रवेश करने से लेकर शिक्षिका से बातचीत और फिर गोली चलने तक की पूरी कड़ी को खंगाल रही है।
350 बच्चों की मौजूदगी ने बढ़ाई चिंता
इस घटना ने स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस समय यह वारदात हुई, उस समय स्कूल में करीब 350 बच्चे मौजूद बताए जा रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या छोटे बच्चों की थी। परीक्षाएं चल रही थीं और स्कूल सामान्य गतिविधियों के साथ संचालित हो रहा था।
ऐसे में किसी बाहरी व्यक्ति का हथियार लेकर स्कूल परिसर में प्रवेश करना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। यह भी जांच का विषय है कि युवक स्कूल के अंदर किस रास्ते से पहुंचा और प्रवेश के दौरान उसकी जांच या निगरानी की क्या व्यवस्था थी।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। वारदात के पीछे की वजह, युवक और शिक्षिका के बीच संबंध या बातचीत की प्रकृति तथा स्कूल में हथियार लेकर पहुंचने की पूरी परिस्थितियां जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी।
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