गाजियाबाद में आयोजित किसान दिवस में किसानों ने उर्वरक, सड़क, प्रदूषण और कृषि योजनाओं से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए। प्रशासन ने लंबित शिकायतों के निस्तारण के लिए एक सप्ताह की समयसीमा तय की, जबकि रबी फसलों के लिए ऑनलाइन बीज बुकिंग और ई-लॉटरी की जानकारी भी साझा की गई।
किसान दिवस के मंच पर इस बार केवल औपचारिक बैठक नहीं हुई, बल्कि किसानों ने अपनी समस्याओं को खुलकर प्रशासन के सामने रखा। उर्वरकों की उपलब्धता से लेकर जर्जर सड़क, प्रदूषण, लंबित शिकायतें और रबी फसलों के बीज वितरण तक कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के अंत में प्रशासन ने साफ संदेश दिया कि किसानों की समस्याओं को अब लंबित नहीं रखा जाएगा और संबंधित विभागों को एक सप्ताह के भीतर शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करना होगा।
विकास भवन स्थित दुर्गावती देवी सभागार में आयोजित किसान दिवस की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी ने की। कार्यक्रम में उप कृषि निदेशक श्री आशीष कुमार सिंह सहित कृषि, सहकारिता, लोक निर्माण, प्रदूषण नियंत्रण, सिंचाई, विद्युत, पशुपालन और अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं भारतीय किसान यूनियन के प्रतिनिधियों सहित 150 से अधिक किसानों ने बैठक में भाग लेकर अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं।
बैठक की शुरुआत पिछली किसान दिवस बैठक में प्राप्त शिकायतों की समीक्षा से हुई। उप कृषि निदेशक श्री आशीष कुमार सिंह ने बताया कि पिछली बैठक में कुल 31 शिकायतें दर्ज हुई थीं। इनमें से 22 शिकायतों का निस्तारण कर संबंधित विभागों से आख्या प्राप्त हो चुकी है, जबकि 9 शिकायतों पर अभी भी रिपोर्ट लंबित है।
इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को कड़ी चेतावनी देते हुए निर्देश दिए कि लंबित शिकायतों का एक सप्ताह के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। साथ ही संबंधित किसान और उप कृषि निदेशक को आवश्यक दस्तावेजों के साथ कार्रवाई रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए तथा शिकायतकर्ता को भी उसकी प्रति दी जाए।

उर्वरकों की उपलब्धता पर किसानों की चिंता
बैठक में भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष श्री बिजेन्द्र सिंह ने सहकारी समितियों में उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को लेकर किसानों की समस्याएं उठाईं। इस पर सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक (सहकारिता) के प्रतिनिधि श्री जालन्दर प्रसाद ने जानकारी दी कि जनपद की सभी सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में यूरिया, डीएपी और एनपीके उपलब्ध हैं।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि वर्तमान समय में जनपद में—
-
यूरिया – 6416.170 मीट्रिक टन
-
डीएपी – 1899.120 मीट्रिक टन
-
एनपीके – 338.140 मीट्रिक टन
उपलब्ध है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। यदि किसी किसान को उर्वरक वितरण में समस्या आती है तो वह जिला कृषि अधिकारी कार्यालय के हेल्पलाइन नंबर 0120-4914646 पर संपर्क कर सकता है।
बैठक में भोजपुर सहकारी समिति में उर्वरक वितरण को लेकर शिकायत भी सामने आई, जिस पर अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए गए।
सड़क और पुलिया की बदहाल स्थिति भी बनी मुद्दा
किसान श्री सदाकत अली (उर्फ छोटे चौधरी) ने मेरठ एक्सप्रेसवे के नीचे ग्राम रसूलपुर सिकरोड़ा स्थित पुलिया और सड़क की खराब स्थिति का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि लंबे समय से सड़क जर्जर होने के कारण किसानों और ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है।
इस पर लोक निर्माण विभाग (खंड-2) के अधिशासी अभियंता ने जानकारी दी कि मरम्मत कार्य शुरू हो चुका है और इसे एक सप्ताह के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।
प्रदूषण पर भी उठे सवाल
बैठक के दौरान किसान श्री चौधरी दक्ष नागर ने लोनी क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ते प्रदूषण का असर खेती और लोगों के स्वास्थ्य दोनों पर पड़ रहा है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशन में गठित संयुक्त टीम लगातार निरीक्षण कर रही है। दिसंबर 2025 से अब तक 338 प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों की बिजली काटकर उनकी उत्पादन गतिविधियां बंद कराई जा चुकी हैं। अधिकारियों ने कहा कि आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।

रबी फसलों के बीजों की ऑनलाइन बुकिंग शुरू
बैठक में किसानों को रबी सत्र 2026-27 के लिए अनुदानित बीज वितरण की प्रक्रिया भी समझाई गई। अधिकारियों ने बताया कि अब किसान ऑनलाइन बुकिंग और ई-लॉटरी के माध्यम से बीज प्राप्त कर सकते हैं।
प्रमुख तिथियां
तोरिया
-
ऑनलाइन बुकिंग: 2 जुलाई से 16 अगस्त 2026
-
ई-लॉटरी: 17 अगस्त 2026
चना, मटर, मसूर, राई, सरसों एवं अलसी
-
ऑनलाइन बुकिंग: 10 जुलाई से 10 सितंबर 2026
-
ई-लॉटरी: 11 सितंबर 2026
गेहूं एवं जौ
-
ऑनलाइन बुकिंग: 10 जुलाई से 30 सितंबर 2026
-
ई-लॉटरी: 1 अक्टूबर 2026
अधिकारियों ने किसानों को सलाह दी कि वे कृषि विभाग की वेबसाइट पर समय रहते पंजीकरण कराएं या अपने निकटतम राजकीय कृषि बीज भंडार पर जाकर आवेदन करें।

बैठक के समापन पर मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। प्रत्येक विभाग समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित करे। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत पर भेजी जाने वाली रिपोर्ट का स्वयं परीक्षण किया जाए, ताकि किसानों को वास्तविक राहत मिल सके।
अब किसानों की नजर कार्रवाई पर
किसान दिवस की बैठक में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं और निर्देश जरूर दिए गए, लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या एक सप्ताह बाद किसानों की शिकायतें वास्तव में सुलझ जाएंगी या फिर यह बैठक भी केवल सरकारी रिकॉर्ड का हिस्सा बनकर रह जाएगी? किसान उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार प्रशासन अपने वादों को जमीन पर उतारेगा और खेती से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित करेगा।
COMMENTS