गाजियाबाद के हिंदी भवन में उत्तर प्रदेश के नागरिक सुरक्षा एवं होमगार्ड विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति ने 400 से अधिक सिविल डिफेंस वार्डनों और स्वयंसेवकों के साथ संवाद किया। कार्यक्रम में होमगार्ड कल्याण, जेल सुधार, सिविल डिफेंस विस्तार, सम्मान समारोह और समाज सेवा में स्वयंसेवकों की भूमिका पर विस्तृत चर्चा हुई।
नागरिक सुरक्षा और समाज सेवा को नई दिशा देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के नागरिक सुरक्षा एवं होमगार्ड विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मवीर प्रजापति ने सोमवार, 13 जुलाई 2026 को गाजियाबाद के हिंदी भवन में आयोजित एक विशेष संवाद कार्यक्रम में सिविल डिफेंस के वार्डनों और स्वयंसेवकों से सीधा संवाद किया। यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक बैठक नहीं रहा, बल्कि स्वयंसेवकों के अनुभव, सुझाव और सरकार की योजनाओं को साझा करने का ऐसा मंच बना, जिसमें 400 से अधिक वार्डनों और स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत राज्य मंत्री धर्मवीर प्रजापति के स्वागत से हुई। डिप्टी कंट्रोलर अनुराधा सिंह और चीफ वार्डन ललित जायसवाल ने उन्हें पुष्पगुच्छ और पौधा भेंट कर औपचारिक स्वागत किया। इसी अवसर पर सिटी मजिस्ट्रेट सतीश चंद त्रिपाठी तथा होमगार्ड कमांडेंट अमित कुमार वर्मा का भी पुष्पगुच्छ और पौधा देकर अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम का संचालन गरिमामय वातावरण में हुआ। डिप्टी कंट्रोलर अनुराधा सिंह ने मुख्य अतिथि एवं मंचासीन अधिकारियों का स्वागत करते हुए सिविल डिफेंस की भूमिका और स्वयंसेवकों के योगदान पर प्रकाश डाला। इसके बाद सहायक डिप्टी कंट्रोलर नेम सिंह ने राज्य मंत्री धर्मवीर प्रजापति के सार्वजनिक जीवन, प्रशासनिक अनुभव और विभिन्न विभागों में उनके योगदान का संक्षिप्त परिचय उपस्थित स्वयंसेवकों को कराया।

हिंदी भवन का सभागार पूरी तरह भरा हुआ था, जहां लगभग 400 से अधिक वार्डन एवं स्वयंसेवकों को राज्य मंत्री के विचार सुनने का अवसर मिला। अपने संबोधन में धर्मवीर प्रजापति ने अपने सार्वजनिक जीवन और मंत्री पद के दौरान किए गए कई महत्वपूर्ण कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि कारागार मंत्री के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने जेलों में बंद महिला कैदियों के साथ रहने वाले बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों की व्यवस्था कराई, ताकि वे शिक्षा से वंचित न रहें।
उन्होंने यह भी बताया कि अंग्रेजों के समय से लागू पुराने जेल मैनुअल में आवश्यक बदलाव कराए गए, जिससे अनेक आजीवन कारावास भुगत रहे कैदियों को राहत मिली। मंत्री ने कहा कि उन्होंने जेलों में कैदियों से नियमित संवाद स्थापित किया, जिससे कई कठोर अपराधियों के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला। उनका मानना था कि सुधार की संभावना हर व्यक्ति में होती है और संवाद उसके लिए सबसे प्रभावी माध्यम है।
अपने संबोधन के दौरान उन्होंने एक और महत्वपूर्ण पहल का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि ऐसे 6,000 से अधिक गरीब कैदियों, जो केवल जुर्माने की राशि जमा न कर पाने के कारण जेल में बंद थे, उन्हें आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर रिहाई दिलाने का कार्य भी किया गया। उन्होंने इसे मानवता और न्याय व्यवस्था के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास बताया।

होमगार्ड विभाग से जुड़ी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि राज्य सरकार ने होमगार्ड जवानों के लिए ₹5 लाख तक की कैशलेस मेडिकल बीमा सुविधा उपलब्ध कराई है। इसके अतिरिक्त किसी भी स्थान पर ड्यूटी के दौरान दुर्घटना होने पर ₹5 लाख की अनुग्रह राशि तथा बैंक के माध्यम से ₹35 लाख तक की अतिरिक्त आर्थिक सहायता की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि इन निर्णयों का उद्देश्य होमगार्ड कर्मियों और उनके परिवारों को सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
राज्य मंत्री ने सिविल डिफेंस के वार्डनों और स्वयंसेवकों को समाज में उनकी भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अनेक सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन, नागरिक सुरक्षा, जनजागरूकता और सामाजिक सहयोग के क्षेत्र में सिविल डिफेंस की पहचान और मजबूत होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उनके कार्यकाल में प्रदेश के सभी जिलों में सिविल डिफेंस की स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति संभव हुई है, जिससे नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को व्यापक आधार मिला है।

कार्यक्रम में सिटी मजिस्ट्रेट सतीश चंद त्रिपाठी ने भी संबोधित किया। उन्होंने गाजियाबाद सिविल डिफेंस की सक्रियता और सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि स्वयंसेवकों ने विभिन्न अवसरों पर प्रशासन का प्रभावी सहयोग किया है। उन्होंने मंत्री धर्मवीर प्रजापति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका स्वयंसेवकों के बीच आकर संवाद करना संगठन के लिए प्रेरणादायक है।
इस अवसर पर डिवीजनल वार्डन सुधीर कुमार, ए.के. ठाकुर, सुजीत कुमार प्रसाद, दीपक अग्रवाल और हर्ष वर्मा ने भी राज्य मंत्री के समक्ष वार्डनों और स्वयंसेवकों की भावनाओं, अपेक्षाओं और सुझावों को विस्तार से रखा। उन्होंने सिविल डिफेंस के कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की।
कार्यक्रम के दौरान 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस पर पुलिस लाइन में आयोजित परेड में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सिविल डिफेंस गाजियाबाद के वार्डनों को राज्य मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने अपने करकमलों से प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस सम्मान समारोह ने उपस्थित स्वयंसेवकों का उत्साह और मनोबल बढ़ाया।

समारोह में भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल ने भी पुष्पगुच्छ भेंट कर राज्य मंत्री का स्वागत किया। इसके अलावा बी.के. शर्मा ने भी उनका अभिनंदन किया।
कार्यक्रम के समापन चरण में डिप्टी कंट्रोलर अनुराधा सिंह और चीफ वार्डन ललित जायसवाल ने राज्य मंत्री धर्मवीर प्रजापति को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। वहीं सहायक डिप्टी कंट्रोलर नेम सिंह ने सिटी मजिस्ट्रेट सतीश चंद त्रिपाठी को तथा स्टाफ ऑफिसर राजेंद्र शर्मा ने होमगार्ड कमांडेंट अमित कुमार वर्मा को स्मृति चिन्ह प्रदान किया।
अंत में चीफ वार्डन ललित जायसवाल ने मुख्य अतिथि, मंचासीन अधिकारियों, भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल तथा सभी उपस्थित वार्डनों और स्वयंसेवकों का औपचारिक धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम का समापन किया। यह संवाद कार्यक्रम सिविल डिफेंस संगठन और शासन-प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय तथा जनसेवा की भावना को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
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