SSC कांस्टेबल GD 2026 परीक्षा पांच जिलों में रद्द होने के बाद प्रयागराज में अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा। परीक्षा केंद्र पर जमकर तोड़फोड़ हुई और सड़क जाम कर प्रदर्शन किया गया। छात्रों का आरोप है कि क्षमता से ज्यादा अभ्यर्थियों को बुलाया गया था।
SSC कांस्टेबल GD 2026 परीक्षा को लेकर सोमवार को प्रयागराज में भारी हंगामा देखने को मिला। तकनीकी कारणों से परीक्षा रद्द होने के बाद गुस्साए अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र पर जमकर तोड़फोड़ की और सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान परीक्षा केंद्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस को मौके पर पहुंचकर हालात संभालने पड़े।
जानकारी के अनुसार, कर्मचारी चयन आयोग (SSC) द्वारा आयोजित कांस्टेबल GD 2026 परीक्षा प्रयागराज समेत पांच जिलों में रद्द कर दी गई। आयोग ने तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए परीक्षा स्थगित करने का फैसला लिया। जिन जिलों में परीक्षा रद्द की गई उनमें प्रयागराज, कानपुर, लखनऊ, गोरखपुर और बिहार का मुजफ्फरपुर शामिल हैं।
परीक्षा देने पहुंचे थे हजारों अभ्यर्थी
सोमवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थी प्रयागराज के अंदावा स्थित परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देने पहुंचे थे। कई छात्र दूर-दराज के जिलों से भीषण गर्मी में सफर करके परीक्षा केंद्र तक पहुंचे थे। लेकिन परीक्षा शुरू होने से पहले ही जब उन्हें पता चला कि दूसरी और तीसरी पाली की परीक्षा स्थगित कर दी गई है, तो छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ ही देर में परीक्षा केंद्र के बाहर और अंदर हंगामे की स्थिति बन गई। नाराज छात्रों ने परीक्षा कक्ष में रखे कंप्यूटर, लैपटॉप, CPU, कुर्सियां और अन्य फर्नीचर तोड़ दिए। कई जगहों पर सामान बिखरा नजर आया। परीक्षा केंद्र के कर्मचारी भी अचानक हुए इस हंगामे से घबरा गए।

छात्रों ने लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना था कि परीक्षा केंद्र की क्षमता कम होने के बावजूद जरूरत से ज्यादा छात्रों को बुला लिया गया। छात्रों का आरोप था कि जब बैठने और परीक्षा कराने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी, तो आखिर इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र क्यों आवंटित किया गया।
एक छात्र ने कहा कि “हम लोग कई सौ किलोमीटर दूर से परीक्षा देने आए थे। भीषण गर्मी में घंटों यात्रा करके पहुंचे और यहां आकर पता चला कि परीक्षा नहीं होगी। यह छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।”
छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि परीक्षा रद्द होने की सूचना समय पर नहीं दी गई। अगर पहले जानकारी मिल जाती, तो उन्हें इतनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
क्षमता से ज्यादा अभ्यर्थियों का आवंटन
जानकारी के मुताबिक, SSC मध्य क्षेत्र में परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी बेंगलुरु की कंपनी एडूक्विटी करियर टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड को दी गई थी।
अंदावा स्थित आईटेक जोन सेंटर पर दूसरी और तीसरी पाली की परीक्षा के लिए कुल 650 कंप्यूटर सिस्टम उपलब्ध थे। लेकिन दूसरी पाली में 505 की जगह 1035 अभ्यर्थियों को और तीसरी पाली में 495 की जगह 1034 अभ्यर्थियों को केंद्र आवंटित कर दिया गया।
केंद्र व्यवस्थापकों का कहना है कि उन्हें सोमवार को ही ईमेल के जरिए अभ्यर्थियों की संख्या की जानकारी मिली थी। क्षमता से अधिक छात्रों के पहुंचने के बाद व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गई और अफरा-तफरी मच गई।

सड़क जाम कर किया प्रदर्शन
परीक्षा रद्द होने और अव्यवस्था से नाराज छात्रों ने परीक्षा केंद्र के बाहर सड़क पर चक्का जाम कर दिया। इससे इलाके में लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। कई वाहन घंटों जाम में फंसे रहे।
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को मौके पर बुलाया गया। ट्रेनी IPS ईश्वर लाल गुर्जर, एसीपी थरवई अरुण पाराशर, एसीपी फूलपुर विवेक यादव और सराय इनायत थाना अध्यक्ष संजय गुप्ता पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को समझाने की कोशिश की और काफी देर बाद जाम खुलवाकर यातायात सामान्य कराया।
एक छात्र हिरासत में
हंगामे के दौरान एक छात्र को पुलिस ने हिरासत में भी लिया। बताया जा रहा है कि वह परीक्षा केंद्र से लैपटॉप लेकर भाग रहा था। पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ शुरू कर दी है।
हालांकि कई छात्रों का कहना था कि गुस्सा और अव्यवस्था के कारण हालात बेकाबू हो गए थे। उनका कहना है कि यदि परीक्षा प्रबंधन सही तरीके से किया जाता, तो ऐसी स्थिति नहीं बनती।
SSC और परीक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद SSC की परीक्षा व्यवस्था और प्रबंधन पर सवाल उठने लगे हैं। अभ्यर्थियों और अभिभावकों का कहना है कि इतनी बड़ी भर्ती परीक्षा में इस तरह की लापरवाही गंभीर चिंता का विषय है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन परीक्षाओं के दौरान क्षमता, तकनीकी संसाधन और अभ्यर्थियों की संख्या का सही आंकलन बेहद जरूरी होता है। छोटी सी चूक हजारों छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर सकती है।
फिलहाल अभ्यर्थी अब नई परीक्षा तिथि का इंतजार कर रहे हैं, जबकि प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है।
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