शामली के चर्चित हरियाणवी सिंगर और यूट्यूबर अंकित बालियान हत्याकांड में पुलिस ने फरार दो कथित शूटरों सत्यम कादियान और आर्यन सिंधू पर इनाम बढ़ाकर एक-एक लाख रुपये कर दिया है। पुलिस के मुताबिक दोनों की तलाश कई राज्यों में की जा रही है। मामले में दो अन्य कथित शूटर मोहित और सुमित एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं। जांच में GPS से रेकी, CCTV फुटेज, सिम और कथित गैंग कनेक्शन जैसी कड़ियां भी सामने आई हैं।
हरियाणवी सिंगर और यूट्यूबर अंकित बालियान की हत्या की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस मामले की परतें खुलती जा रही हैं। 26 अगस्त को जिम से बाहर निकलते समय हुई ताबड़तोड़ फायरिंग में अंकित की हत्या के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। अब इस हत्याकांड में फरार चल रहे दो कथित शूटरों सत्यम कादियान और आर्यन सिंधू पर इनाम बढ़ाकर एक-एक लाख रुपये कर दिया गया है।
यानी दोनों को पकड़वाने के लिए कुल दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस ने दोनों की तलाश के लिए उत्तर प्रदेश के साथ-साथ दूसरे राज्यों में भी दबिश तेज कर दी है।
मामले में अब तक दो कथित शूटर मोहित और सुमित पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं। दोनों हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले बताए गए हैं और पुलिस के मुताबिक उनका आपराधिक रिकॉर्ड भी था। इसी मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी भी सामने आई है।
लेकिन चार कथित शूटरों में से दो के अभी भी फरार होने से पुलिस की चुनौती खत्म नहीं हुई है।
50 हजार से बढ़ाकर 1-1 लाख हुआ इनाम
एसपी एनपी सिंह के मुताबिक फरार दोनों शूटरों पर पहले 50-50 हजार रुपये का इनाम था, जिसे अब बढ़ाकर एक-एक लाख रुपये कर दिया गया है।
पुलिस की पांच टीमें सत्यम और आर्यन की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं। उनकी तलाश हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और पंजाब तक की जा रही है।
पुलिस को आशंका है कि दोनों लगातार अपना ठिकाना बदल रहे हैं। इसी वजह से जांच टीमों को अलग-अलग संभावित स्थानों पर भेजा गया है।
पुलिस की नजर सिर्फ दोनों शूटरों पर नहीं है। जांच अब उन लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है जिन्होंने कथित तौर पर इस पूरी वारदात में रेकी, सिम और अन्य लॉजिस्टिक मदद उपलब्ध कराई हो सकती है।
GPS ने खोली रेकी की नई कहानी
जांच में एक महत्वपूर्ण कड़ी GPS डिवाइस से जुड़ी सामने आई है।
पुलिस को शक है कि अंकित की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उसकी गाड़ी पर GPS डिवाइस लगाया गया था। पुलिस ने GPS खरीदने वाले व्यक्ति तक पहुंचने का दावा किया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
अगर जांच में यह बात पुष्ट होती है तो इससे यह संकेत मिल सकता है कि अंकित की हत्या अचानक नहीं हुई थी, बल्कि वारदात से पहले उसकी गतिविधियों की निगरानी और रेकी की गई थी।
पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। इसके अलावा जांच में कथित तौर पर रेकी करने वाले लोगों, सिम उपलब्ध कराने वालों और GPS बेचने वाले व्यक्ति की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
इस हत्याकांड में कथित गोगी गैंग का नाम भी लगातार चर्चा में है। सोशल मीडिया पर गोगी गैंग के नाम से एक पोस्ट सामने आई थी, जिसमें अंकित की हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था।
पोस्ट में अंकित पर गैंग के विरोधियों के संपर्क में होने और गैंग से जुड़ी घटना पर गाना बनाने जैसे आरोप लगाए गए थे।
हालांकि, पुलिस सोशल मीडिया पर सामने आई इस पोस्ट की प्रामाणिकता और इसके पीछे मौजूद लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। अभी इसे अंतिम रूप से हत्या की जिम्मेदारी स्वीकार करने वाला प्रमाण नहीं माना जा सकता।
जांच एजेंसियां जेल में बंद कुछ कथित गैंगस्टरों और विदेश में मौजूद बताए जा रहे गैंग नेटवर्क की भूमिका को भी खंगाल रही हैं।
यानी पुलिस की जांच अब सिर्फ शूटरों तक सीमित नहीं है। सवाल यह है कि हत्या की साजिश किसने रची, आदेश किसने दिया और हथियार तथा अन्य मदद किसने उपलब्ध कराई?
गैंगस्टर राकेश उर्फ पप्पू ने जताई सुरक्षा की चिंता
मामले में नाम सामने आए गैंगस्टर राकेश उर्फ पप्पू की भूमिका को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है। वह फिलहाल करनाल जेल में बंद बताया जा रहा है।
रिपोर्टों के मुताबिक शामली पुलिस उसे पूछताछ के लिए अपनी कस्टडी में लेने की कोशिश कर रही है। इसी बीच आरोपी ने अपने वकील के जरिए पुलिस कस्टडी के दौरान सुरक्षा को लेकर आशंका जताई है।
उसकी ओर से हथकड़ी-बेड़ियां लगाए जाने, पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी और सुरक्षा व्यवस्था की मांग किए जाने की जानकारी सामने आई है।
अब पुलिस की पूछताछ और अदालत की प्रक्रिया से यह स्पष्ट होगा कि इस आरोपी की हत्याकांड में वास्तविक भूमिका क्या है।
परिवार से मिले मंत्री कपिलदेव, सरकार ने दिया सख्त कार्रवाई का भरोसा
अंकित बालियान हत्याकांड को लेकर सरकार की ओर से भी सख्त रुख का संदेश दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को मामले में कड़ा एक्शन लेने के निर्देश दिए हैं।
बुधवार को योगी सरकार के मंत्री कपिलदेव शामली के बंतीखेड़ा गांव पहुंचे और अंकित बालियान के परिवार से मुलाकात की।
उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
परिवार की नाराजगी और लगातार उठ रहे सवालों के बीच सरकार की इस पहल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दो शूटर मारे गए, लेकिन कहानी अभी बाकी है
पुलिस ने जिस तेजी से कार्रवाई करते हुए दो कथित शूटरों को मुठभेड़ में मार गिराया, उसके बावजूद हत्याकांड की जांच अभी निर्णायक मोड़ पर नहीं पहुंची है।
सत्यम कादियान और आर्यन सिंधू की गिरफ्तारी अब पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। उनके पकड़े जाने के बाद ही यह पता चलने की उम्मीद है कि अंकित की हत्या की पूरी योजना कैसे बनी और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
दूसरी ओर GPS, CCTV, सिम और कथित गैंग नेटवर्क की जांच यह संकेत दे रही है कि पुलिस इस मामले को केवल गोली चलाने वालों तक सीमित नहीं रखना चाहती।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—अंकित बालियान की हत्या के पीछे सिर्फ चार शूटर थे या उनके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था?
फरार दोनों शूटरों पर इनाम बढ़ने के बाद पुलिस का शिकंजा और कस गया है। आने वाले दिनों में उनकी गिरफ्तारी इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की जांच की सबसे अहम कड़ी साबित हो सकती है।
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