ग्रेटर नोएडा में सूरजपुर पुलिस ने दोपहिया वाहन चोरी करने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर चोरी की 12 मोटरसाइकिल और 2 स्कूटी बरामद की हैं। बरामद वाहनों की कुल कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई गई है। आरोपियों के कब्जे से दो अवैध चाकू भी मिले हैं। पुलिस के मुताबिक गिरोह दिल्ली-NCR, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में रैकी कर वाहन चोरी करता था और चोरी की गाड़ियों को जंगल में छिपाकर बाद में मौका देखकर बेच देता था।
ग्रेटर नोएडा में चोरी की मोटरसाइकिलों का ऐसा ठिकाना सामने आया है, जिसे देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। बाहर से जंगल और कच्चा रास्ता नजर आने वाली जगह के पीछे चोरी की गाड़ियों का पूरा खेल चल रहा था। पुलिस के मुताबिक दिल्ली-NCR से चोरी की गई मोटरसाइकिलों और स्कूटी को यहां छिपाकर रखा जाता था और फिर मौका मिलते ही उन्हें ठिकाने लगा दिया जाता था।
सूरजपुर थाना पुलिस ने इस अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही और कब्जे से 12 मोटरसाइकिल और 2 स्कूटी बरामद हुई हैं। बरामद वाहनों की कुल कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा दो आरोपियों के पास से दो अवैध चाकू भी बरामद किए गए हैं।
लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से खुला राज
पुलिस के मुताबिक 6 सितंबर 2026 को लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से इस गिरोह तक पहुंच बनाई गई। इसके बाद पुलिस टीम ने गुलिस्तानपुर अंडरपास से एलजी कंपनी की तरफ जाने वाली सड़क पर घेराबंदी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिवम उर्फ शूटर, अभिषेक, अजीत कुमार और गौरव कुमार के रूप में हुई है।
पुलिस की कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चोरी की मोटरसाइकिलों को छिपाने की जगह के बारे में जानकारी दी। पुलिस आरोपियों की निशानदेही पर मोजरवियर गोलचक्कर से आगे सर्विस रोड पर रेलवे पुल के पास बने कच्चे रास्ते से जंगल में पहुंची। यहां चोरी की गई कई मोटरसाइकिलें छिपाकर रखी गई थीं।
इसके बाद पुलिस ने वहां से चोरी के वाहनों को बरामद किया।
दिल्ली-NCR में रैकी, फिर चोरी और जंगल में ठिकाना
पुलिस की पूछताछ में सामने आए गिरोह के कथित तरीके ने भी पूरे नेटवर्क की तस्वीर साफ की है। पुलिस के मुताबिक आरोपी दिल्ली, एनसीआर, नोएडा और ग्रेटर नोएडा इलाके में पहले रैकी करते थे।
जहां मौका मिलता, वहां दोपहिया वाहन चोरी कर लिए जाते थे। चोरी के बाद इन वाहनों को सीधे बेचने के बजाय गिरोह उन्हें रेलवे पुल के किनारे बने कच्चे रास्ते और जंगल में इकट्ठा करता था।
इसके बाद जरूरत और ग्राहक के हिसाब से चोरी की मोटरसाइकिलों को बेच दिया जाता था। इस तरह पुलिस से बचने के लिए गिरोह चोरी और बिक्री के बीच वाहनों को एक सुनसान जगह पर छिपाकर रखता था।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में 24 वर्षीय शिवम उर्फ शूटर शामिल है। वह मूल रूप से राजधानी पार्क, नांगलोई, दिल्ली का रहने वाला है और वर्तमान में सुत्याना, थाना ईकोटेक-3 क्षेत्र में रह रहा था।
दूसरा आरोपी 18 वर्षीय अभिषेक है। वह बदायूं जिले के टुकरी गांव का रहने वाला है और वर्तमान में हबीबपुर, ईकोटेक-3 में रह रहा था।
तीसरा आरोपी 23 वर्षीय अजीत कुमार है, जो बिहार के समस्तीपुर जिले के रघुनाथपुर का रहने वाला है और वर्तमान में हबीबपुर में रह रहा था।
चौथा आरोपी 19 वर्षीय गौरव कुमार है, जो कुलेसरा, थाना ईकोटेक-3 का निवासी बताया गया है।
12 बाइक और 2 स्कूटी बरामद
सूरजपुर पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और निशानदेही से 12 मोटरसाइकिल और 2 स्कूटी, यानी कुल 14 दोपहिया वाहन बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक इनकी कुल कीमत करीब 20 लाख रुपये है।
इसके अलावा आरोपी शिवम और अजीत के कब्जे से एक-एक अवैध चाकू बरामद हुआ है।
बरामद वाहनों की जांच के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इनमें से कौन-कौन से वाहन दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा या ग्रेटर नोएडा से चोरी किए गए थे और इस नेटवर्क में इनके अलावा और कितने लोग शामिल हैं।
पहले से दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक आरोपियों से जुड़े मामलों की जांच में कई मुकदमे भी सामने आए हैं। थाना ईकोटेक-3, गौतमबुद्धनगर में मु0अ0सं0 369/2026, धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज है।
इसके अलावा थाना कविनगर, कमिश्नरेट गाजियाबाद में मु0अ0सं0 486/2026, धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज है।
वहीं सूरजपुर थाने में मु0अ0सं0 503/2026, धारा 317(2)/317(5) बीएनएस और 4/25 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
अब आगे की जांच में खुलेगा नेटवर्क
फिलहाल चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस आगे की जांच कर रही है। सबसे बड़ा सवाल अब यह है कि आखिर चोरी की इन 14 गाड़ियों को कहां-कहां से चुराया गया था और इन्हें खरीदने-बेचने वाले नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं।
सूरजपुर पुलिस की इस कार्रवाई ने यह जरूर दिखा दिया है कि वाहन चोर गिरोह चोरी की गाड़ियों को ठिकाने लगाने के लिए सुनसान इलाकों को सुरक्षित अड्डे के तौर पर इस्तेमाल कर रहे थे। अब पुलिस की जांच इस गिरोह के बाकी कनेक्शन और चोरी के वाहनों के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने पर टिकी है।
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