उत्तर प्रदेश STF ने फर्जी आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज तैयार करने वाले कथित गिरोह के सरगना इम्तियाज सिद्दीकी राइन और उसके साथी मो. तलहा खान को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। दोनों मुंबई के पायधुनी थाने में दर्ज मुकदमे में वांछित थे। STF के मुताबिक, आरोपी बिना जरूरी दस्तावेज के आधार में बदलाव और फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार करने का काम करते थे।
लखनऊ की रात… दुबग्गा इलाके की एक सड़क… और मुंबई पुलिस को लंबे समय से जिस शख्स की तलाश थी, वह अचानक STF के घेरे में आ गया। मामला सिर्फ फर्जी कागज बनाने तक सीमित नहीं था। आरोप है कि यह गिरोह आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र और दूसरे महत्वपूर्ण दस्तावेजों में अनधिकृत तरीके से बदलाव करता था।
उत्तर प्रदेश STF ने 22 सितंबर 2026 की रात लखनऊ के दुबग्गा थाना क्षेत्र से गिरोह के कथित सरगना इम्तियाज सिद्दीकी राइन और उसके साथी मो. तलहा खान को गिरफ्तार किया। दोनों मुंबई के पायधुनी थाने में दर्ज एक मामले में वांछित थे। गिरफ्तारी के बाद दोनों को मुंबई पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई वहीं की जा रही है।
दुबग्गा में रात 10 बजे हुई गिरफ्तारी
STF के मुताबिक, दोनों आरोपियों को अवध किचन होटल के पास, बेगरिया रोड, थाना दुबग्गा, लखनऊ से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तारी की तारीख 22 सितंबर 2026 और समय करीब रात 10 बजे बताया गया है।
मुंबई के पायधुनी थाने में इस मामले में मु0अ0सं0 948/2026 दर्ज है। इसमें BNS की धारा 318(4), 338, 336(2), 336(3), 340(2), 341(1), 61(2), 3/5 तथा IT Act की धारा 66B और 66A के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
मुंबई पुलिस को जब आरोपियों के उत्तर प्रदेश में होने की जानकारी मिली तो उसने यूपी STF से सहयोग मांगा था।
STF और मुंबई पुलिस ने मिलकर बिछाया जाल
अभियुक्तों की तलाश के लिए STF उत्तर प्रदेश की फील्ड यूनिट अयोध्या की टीम अभिसूचना जुटा रही थी। यह कार्रवाई पुलिस उपाधीक्षक प्रमेश कुमार शुक्ल के पर्यवेक्षण में की जा रही थी।
उप निरीक्षक सौरभ मिश्रा के नेतृत्व में मुख्य आरक्षी नीरज सिंह और मुख्य आरक्षी चन्द्र प्रकाश STF टीम में शामिल थे। मुंबई पुलिस की ओर से API किरन मांदरे, पुलिस हवलदार खान और पुलिस सिपाही लोके भी टीम के साथ थे।
जांच के दौरान सूचना मिली कि मुंबई पुलिस के मुकदमे में वांछित दोनों आरोपी दुबग्गा थाना क्षेत्र में मौजूद हैं। इसके बाद STF और मुंबई पुलिस ने स्थानीय पुलिस की मदद से संयुक्त कार्रवाई की और दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
कैसे चलता था कथित फर्जी दस्तावेज का खेल?
STF के मुताबिक, पूछताछ में इम्तियाज सिद्दीकी ने बताया कि उसका जन्म अयोध्या में हुआ था। शुरुआती 5 से 7 साल अयोध्या में रहने के बाद वह मुंबई चला गया और वहीं शिक्षा प्राप्त की।

आरोपी के मुताबिक, शुरुआत में वह स्थानीय स्तर पर लोगों के पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस आदि बनवाने का काम करता था। इसके बदले उसे अच्छी रकम मिलती थी। बाद में उसने अपना जन सेवा केंद्र खोल लिया।
यहीं से कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने का नेटवर्क आगे बढ़ा।
STF के अनुसार, कुछ समय बाद उसकी मुलाकात रामजीत नाम के व्यक्ति से हुई। आरोप है कि रामजीत ने उसे अनधिकृत आधार कार्ड सुधार सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराया। इस सॉफ्टवेयर के जरिए वह बिना जरूरी दस्तावेज लिए लोगों की इच्छा के मुताबिक आधार कार्ड में बदलाव कर देता था।
5 से 10 हजार रुपये में आधार-पैन में बदलाव का दावा
पूछताछ में आरोपी ने STF को बताया कि एक आधार कार्ड और पैन कार्ड में बदलाव करने के बदले उसे कथित तौर पर 5 से 10 हजार रुपये मिलते थे।
काम बढ़ने के बाद उसने इस काम में मो. तलहा खान को भी लगा दिया।
STF के मुताबिक, आरोपी फर्जी जन्म प्रमाण पत्र भी तैयार करता था। इन कथित फर्जी जन्म प्रमाण पत्रों के आधार पर आगे आधार कार्ड और पैन कार्ड तैयार या संशोधित किए जाते थे।
गिरफ्तारी से बचने के लिए इम्तियाज मुंबई से उत्तर प्रदेश आ गया था और यहां अलग-अलग जगहों पर रह रहा था।
इम्तियाज पर पहले भी दर्ज हैं मुकदमे
STF के अनुसार, इम्तियाज सिद्दीकी राइन के खिलाफ मुंबई में पहले से भी मामले दर्ज हैं।
उसके आपराधिक इतिहास में मु0अ0सं0 1409/2025, थाना डीबी मार्ग, मुंबई शामिल है, जिसमें BNS की धारा 337/3/5 दर्ज है।
इसके अलावा मु0अ0सं0 44/2025, क्राइम ब्रांच यूनिट सेकेंड, मुंबई में BNS की धारा 318(4), 338, 336(2), 336(3), 340(2), 319(2), 3/5 और पासपोर्ट एक्ट की धारा 3A के तहत मामला दर्ज बताया गया है।
वर्तमान मु0अ0सं0 948/2026, पायधुनी थाने में दर्ज मामला भी इसी आपराधिक इतिहास में शामिल है।
वहीं मो. तलहा खान के खिलाफ पायधुनी थाने में मुकदमा संख्या 948/2026 और डीबी मार्ग थाने में मुकदमा संख्या 1409/2025 दर्ज बताया गया है।
मुंबई पुलिस के सुपुर्द दोनों आरोपी
गिरफ्तारी के बाद STF ने इम्तियाज सिद्दीकी राइन और मो. तलहा खान को मुंबई पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। अब दोनों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई संबंधित पुलिस द्वारा की जा रही है।
STF की यह कार्रवाई ऐसे गिरोहों पर कार्रवाई के लिहाज से महत्वपूर्ण है, क्योंकि आधार, जन्म प्रमाण पत्र और पैन जैसे दस्तावेज किसी व्यक्ति की पहचान और सरकारी रिकॉर्ड से सीधे जुड़े होते हैं।
हालांकि, आरोपियों से पूछताछ में सामने आई बातों और पुलिस द्वारा लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी।
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