बिहार के सारण जिले में संदिग्ध जहरीली शराब पीने से पांच लोगों की मौत और चार लोगों की आंखों की रोशनी जाने का मामला सामने आया है। कई लोग अस्पताल और निजी क्लीनिकों में उपचार करा रहे हैं। हालांकि जिला प्रशासन ने अभी तक जहरीली शराब से मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
बिहार में एक बार फिर जहरीली शराब का कहर देखने को मिला है। सारण जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में संदिग्ध रूप से जहरीली शराब पीने से पांच लोगों की मौत हो गई है, जबकि चार लोगों की आंखों की रोशनी प्रभावित होने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा कई अन्य लोगों का इलाज निजी क्लीनिकों में चल रहा है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में डर और दहशत का माहौल है।
हालांकि जिला प्रशासन ने अब तक किसी भी मौत को जहरीली शराब से हुई मौत के रूप में आधिकारिक तौर पर स्वीकार नहीं किया है। प्रशासन का कहना है कि मौतों के वास्तविक कारण का पता पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।

अलग-अलग क्षेत्रों में हुई मौतें
जानकारी के अनुसार मशरक थाना क्षेत्र के पूरब टोला निवासी परशुराम महतो के पुत्र रघुवर महतो की 13 मार्च को इलाज के दौरान मौत हो गई। बताया जाता है कि रघुवर महतो पर शराब बेचने का भी आरोप था और पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार भी किया था। बीमार होने के बाद उन्हें इलाज के लिए छपरा रेफर किया गया, जहां छपरा सदर अस्पताल में उनकी मौत हो गई।
इससे पहले 11 मार्च को मशरक क्षेत्र के चंद्रमा महतो के पुत्र संतोष महतो की भी मौत हो गई थी। प्रशासन इस मौत को बीमारी से हुई मौत बता रहा है, जबकि परिजनों का दावा है कि संतोष महतो शराब पीकर घर लौटे थे और उसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी।
पानापुर क्षेत्र में भी दो संदिग्ध मौत
सारण जिले के पानापुर थाना क्षेत्र से भी दो संदिग्ध मौतों की खबर सामने आई है।
यहां धेनुकी गांव निवासी 50 वर्षीय सुकन नट की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रशासन इसे सामान्य मौत बता रहा है।
वहीं दूबौली गांव निवासी जगन्नाथ राय के 42 वर्षीय पुत्र धर्मेंद्र राय की 12 मार्च को इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि धर्मेंद्र राय ने जहरीली शराब पी थी, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। इस मामले में पुलिस ने भी जहरीली शराब पीने की आशंका जताई है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

13 मार्च को दो और मौतें
13 मार्च को दो और लोगों की मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी।
इनमें पंकज कुमार सिंह, पिता स्वर्गीय उमेश सिंह (निवासी मशरक पूरब टोला) और रघुवर महतो शामिल हैं।
इन लगातार मौतों के बाद ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं होने लगी हैं और पूरे इलाके में भय का माहौल बन गया है।
कई लोग अस्पताल में भर्ती
बताया जा रहा है कि कुछ अन्य लोगों की तबीयत भी शराब पीने के बाद बिगड़ गई थी।
इनमें से कुछ लोग सदर अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि कई अन्य निजी क्लीनिकों में इलाज करा रहे हैं।
अस्पताल में जिन लोगों का उपचार चल रहा है, उनमें शामिल हैं:
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पवन महतो, पिता गुरचरण महतो (पूरब टोला, मशरक)
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मिंटू महतो, पिता परशुराम महतो (पूरब टोला, मशरक)
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दूधनाथ शर्मा, पिता शिवजी शर्मा (किशनपुर, मशरक)
बताया जा रहा है कि इनमें से चार लोगों की आंखों की रोशनी भी प्रभावित हुई है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।

प्रशासन ने नहीं की पुष्टि
इस मामले में सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने कहा है कि अब तक जहरीली शराब से किसी की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि संतोष महतो की मौत बीमारी के कारण हुई थी, जबकि धर्मेंद्र राय की मौत पटना में इलाज के दौरान हुई।
जिलाधिकारी के अनुसार सभी शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है और विसरा को फोरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों का वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक बिगड़ती है तो तुरंत अस्पताल में इलाज कराएं।
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