गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की सामूहिक आत्महत्या के मामले में पिता चेतन कुमार के बयान और पारिवारिक पृष्ठभूमि जांच एजेंसियों के लिए पहेली बनते जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की सामूहिक आत्महत्या के मामले में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे मृतक बच्चियों के पिता चेतन कुमार पर संदेह गहराता जा रहा है। पुलिस अब तक इसे आत्महत्या का मामला मान रही है, लेकिन पिता के बदलते बयान और पारिवारिक इतिहास ने केस को बेहद पेचीदा बना दिया है।
पिता चेतन कुमार का दावा है कि घर का माहौल बच्चों के अनुकूल था और उन्हें पूरी आज़ादी दी गई थी। उन्होंने बताया कि बेटियां अत्यधिक मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रही थीं, जिससे उनकी आंखें सूज गई थीं। इसी कारण उन्होंने फोन छीने थे। पिता के अनुसार, फोन छीने जाने से नाराज होकर बेटियों ने आत्महत्या कर ली।
पुलिस जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें डिप्रेशन में थीं और कोरियाई संस्कृति व एप्स को लेकर अत्यधिक लगाव रखती थीं। वे अपनी मां का फोन भी साथ लेकर गई थीं, लेकिन उसमें कोरियाई ऐप न चल पाने से वे और परेशान हो गई थीं। पुलिस मोबाइल फोनों की फॉरेंसिक जांच और आईएमईआई ट्रैकिंग कर रही है।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि चेतन कुमार की तीन पत्नियां हैं और तीनों सगी बहनें हैं। तीसरी पत्नी पहले उसकी कर्मचारी थी, जिससे बाद में उसने अरेंज मैरिज की। इसके अलावा, वर्ष 2015 में चेतन की एक लिव-इन पार्टनर ने साहिबाबाद के राजेंद्र नगर में फ्लैट से कूदकर आत्महत्या कर ली थी, जिसे इस केस से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
घटना वाली रात को लेकर भी पिता के बयान बदले हैं। पहले कहा गया कि पूरा परिवार एक कमरे में सोता था, लेकिन जांच में सामने आया कि उस रात वह तीसरी पत्नी के साथ अलग कमरे में था।
फिलहाल पुलिस को हत्या या आत्महत्या के लिए उकसाने के ठोस सबूत नहीं मिले हैं। सुसाइड नोट की लिखावट, उंगलियों के निशान और डिजिटल सबूत फॉरेंसिक जांच में हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी।
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