गौतमबुद्धनगर के बिसरख थाना पुलिस ने नकली सोना दिखाकर लोगों को ठगने और पैसों का लालच देकर ज्वैलरी हड़पने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने चार पुरुषों और एक महिला समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 5 किलो 224 ग्राम पीली धातु के दो मोतियों के गुच्छे, 3 किलो 338 ग्राम पीली धातु के सिक्के, 3 लाख रुपये नकद, 16 मोबाइल फोन, 9 बैट्री और एक अवैध चाकू बरामद किया गया है।
किसी अनजान व्यक्ति की मदद करने की अपील, उसके हाथ में पैसों से भरा बैग और फिर अचानक सोने की कीमत बताकर लालच देना—यह सब सुनने में भले ही किसी फिल्मी कहानी जैसा लगे, लेकिन बिसरख थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ इसी तरह कथित तौर पर ठगी की गई।
पुलिस के मुताबिक, मामला 10 जुलाई 2026 का है। पीड़िता की माता फ्यूजन होम्स सोसाइटी की मार्केट में गई थीं। इसी दौरान एक व्यक्ति उनके पास आकर बैठ गया। कुछ देर बाद दूसरा व्यक्ति भी वहां पहुंचा।
पुलिस के अनुसार दूसरे व्यक्ति ने कहानी शुरू की कि उसके मालिक ने उसे नौकरी से निकाल दिया है और वह अपने घर से पैसे लेकर आया है, जो उसके बैग में रखे हैं।
इसके बाद पहले से महिला के पास बैठे व्यक्ति ने कथित तौर पर कहा कि इस व्यक्ति की मदद करनी चाहिए और दोनों उसके पैसे आपस में बांट लेंगे। उसने महिला को भरोसे में लेने के लिए अपनी सोने की अंगूठी देने की बात कही और कहा कि महिला भी अपनी ज्वैलरी दे दें।
महिला कथित तौर पर इस झांसे में आ गईं और उन्होंने अपनी गले की चेन और कान के कुंडल उन लोगों को दे दिए।
इसके बाद दोनों आरोपी महिला को गुमराह कर मौके से फरार हो गए।
घटना की शिकायत मिलने पर बिसरख थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया और पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।

घटना के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि आरोपियों तक पहुंचा कैसे जाए। बिसरख पुलिस ने मामले की जांच के लिए इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, CCTV कैमरों की फुटेज और लोकल इंटेलिजेंस का सहारा लिया।
लगातार सुराग जुटाने के बाद पुलिस ने 14 अगस्त 2026 को कार्रवाई करते हुए नेफोवा छठ घाट की ग्रीन बेल्ट से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में चार पुरुष और एक महिला शामिल हैं।
पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने आम लोगों को नकली सोना दिखाकर और कागजों की गड्डी के ऊपर-नीचे असली नोट लगाकर भरोसे में लेने की बात बताई।
यानी देखने वाले को ऐसा लगता था कि उसके सामने बड़ी रकम रखी है, जबकि कथित तौर पर गड्डी के बीच में कागज रखे होते थे।
8 किलो से ज्यादा पीली धातु और 3 लाख रुपये बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में सामान बरामद किया है।
बरामदगी में शामिल हैं—
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पीली धातु के दो मोतियों के गुच्छे — वजन 5 किलो 224 ग्राम
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पीली धातु के सिक्के — वजन 3 किलो 338 ग्राम
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3 लाख रुपये नकद
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अलग-अलग कंपनियों के 10 कीपैड मोबाइल फोन
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कीपैड मोबाइल की 9 बैटरियां
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6 स्मार्टफोन
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एक अवैध चाकू
कुल मिलाकर पीली धातु का वजन 8 किलो 562 ग्राम बताया गया है।
हालांकि बरामद धातु की वास्तविक प्रकृति और उसकी कीमत का निर्धारण संबंधित जांच/परीक्षण के आधार पर ही स्पष्ट होगा।

पूछताछ में मुख्य आरोपी किशोर राय और अन्य आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे लोगों को नकली सोना दिखाकर अपने जाल में फंसाते थे।
पुलिस के अनुसार गिरोह का तरीका यह था कि पहले सामने वाले व्यक्ति को पीली धातु दिखाकर उसे असली सोना होने का भरोसा दिलाया जाता था। इसके बाद कागजों की गड्डी के ऊपर और नीचे असली नोट लगाकर ऐसी तस्वीर बनाई जाती थी कि सामने वाले को बड़ी रकम का लालच दिखाई दे।
फिर सोने के बदले पैसे देने के लिए तैयार किया जाता था।
इस तरह कथित तौर पर लालच और भरोसे दोनों का इस्तेमाल कर लोगों को ठगी का शिकार बनाया जाता था।
गिरफ्तार आरोपियों में 42 साल का मुख्य आरोपी भी शामिल
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है—
1. किशोर राय, पुत्र सेवा राम, उम्र करीब 42 वर्ष। मूल निवासी जैन नगर, थाना उत्तर, जिला फिरोजाबाद। वर्तमान पता युसुफपुर चक, शाहबेरी, थाना बिसरख, गौतमबुद्धनगर।
2. विशाल राय, पुत्र धर्मा, उम्र करीब 21 वर्ष। निवासी जैन नगर, थाना उत्तर, फिरोजाबाद और वर्तमान पता युसुफपुर चक, शाहबेरी, थाना बिसरख।
3. संजू राय, पुत्र भाल चन्द्र, उम्र करीब 30 वर्ष। निवासी जैन नगर, थाना उत्तर, फिरोजाबाद और वर्तमान पता युसुफपुर चक, शाहबेरी, थाना बिसरख।
4. सेवा राम राय, पुत्र हीरा लाल, उम्र करीब 60 वर्ष। निवासी जैन नगर, थाना उत्तर, फिरोजाबाद और वर्तमान पता युसुफपुर चक, शाहबेरी, थाना बिसरख।
5. मीना, पत्नी सेवा राम, उम्र करीब 56 वर्ष। निवासी जैन नगर, थाना उत्तर, फिरोजाबाद और वर्तमान पता युसुफपुर चक, शाहबेरी, थाना बिसरख।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में संजू राय के कब्जे से एक अवैध चाकू भी बरामद हुआ है। इसके आधार पर मामले में आर्म्स एक्ट की धारा भी जोड़ी गई है।
इस मामले में थाना बिसरख पर मु0अ0सं0 556/26 दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक मुकदमे में धारा 318(3), 317(2) BNS और 4/25 आर्म्स एक्ट लगाई गई हैं।
अब सवाल सिर्फ एक महिला से हुई ठगी का नहीं
पुलिस की इस कार्रवाई से एक गिरोह का खुलासा जरूर हुआ है, लेकिन इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल लोगों को दिए जाने वाले उस लालच का है, जिसके जरिए कथित टप्पेबाज अपना शिकार चुनते हैं।
कभी नकली सोना, कभी कागजों के बीच रखे नोट और कभी अचानक किसी अनजान व्यक्ति की मदद के नाम पर शुरू होने वाली बातचीत—ऐसे तरीके आम लोगों को कुछ ही मिनटों में अपने जाल में फंसा सकते हैं।
बिसरख पुलिस की कार्रवाई ने यह जरूर दिखाया है कि CCTV, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और स्थानीय सूचना तंत्र के जरिए ऐसे मामलों की कड़ियां जोड़ी जा सकती हैं। अब आगे की जांच में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि गिरफ्तार आरोपियों ने इससे पहले कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और गिरोह में इनके अलावा और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
फिलहाल पांच आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं, बड़ी मात्रा में पीली धातु और नकदी बरामद हो चुकी है, लेकिन इस कहानी की बाकी कड़ियां अभी जांच के घेरे में हैं।
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