दिल्ली के रंजीत नगर थाना पुलिस ने वैज्ञानिक जांच, तकनीकी निगरानी और लगातार तीन दिन तक सीसीटीवी फुटेज खंगालकर एक ब्लाइंड ड्रगिंग एंड थेफ्ट केस का खुलासा किया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी में इस्तेमाल ऑटो रिक्शा, नकदी, मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद किया है। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी अकेले यात्रियों को कोल्ड ड्रिंक में नशीली गोलियां मिलाकर बेहोश करते थे और फिर उनका सामान लूटकर सुनसान जगह छोड़ देते थे।
राजधानी दिल्ली में अकेले सफर करने वाले यात्रियों को निशाना बनाकर उन्हें कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाकर लूटने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए रंजीत नगर थाना पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला शुरुआत में पूरी तरह ब्लाइंड ड्रगिंग एंड थेफ्ट केस था, क्योंकि न तो पीड़ित आरोपियों को पहचानता था और न ही घटना में इस्तेमाल वाहन की कोई जानकारी उपलब्ध थी। लेकिन पुलिस ने वैज्ञानिक जांच, तकनीकी विश्लेषण और लगातार तीन दिन तक सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
पुलिस ने इस कार्रवाई में घटना में प्रयुक्त ऑटो रिक्शा, चोरी की नकदी, मोबाइल फोन, बैग और अन्य सामान बरामद किया है। जांच के दौरान बरामद मोबाइल फोन दो अन्य ड्रगिंग और लूट के मामलों से भी जुड़े पाए गए हैं।
क्या था पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार 27 जून 2026 को रंजीत नगर थाने में ई-एफआईआर संख्या 80052760/2026 दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह जनकीदास बस स्टैंड, नारायणा रोड पर वाहन का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने उससे ऑटो रिक्शा साझा करने का आग्रह किया।
यात्रा के दौरान एक अन्य युवक भी ऑटो में सवार हो गया। बातचीत के दौरान दोनों आरोपियों ने पीड़ित को विश्वास में लिया और उसे कोल्ड ड्रिंक पीने के लिए दी। पीड़ित ने जैसे ही कोल्ड ड्रिंक पी, कुछ ही देर में वह बेहोश हो गया।

बेहोशी की हालत का फायदा उठाकर आरोपियों ने उसका ओप्पो A सीरीज 5जी मोबाइल फोन, लगभग 15 हजार रुपये नकद, बैकपैक, अन्य बैग और कीमती सामान लूट लिया। इसके बाद उसे एक सुनसान स्थान पर छोड़कर फरार हो गए।
तीन दिन तक खंगाले गए सीसीटीवी फुटेज
मामले की गंभीरता को देखते हुए रंजीत नगर थाना पुलिस ने तत्काल विशेष जांच टीम गठित की। जांच थाना प्रभारी (SHO) के नेतृत्व और एसीपी पटेल नगर की निगरानी में शुरू की गई।
पुलिस टीम ने घटनास्थल से लेकर संभावित भागने के सभी रास्तों का भौतिक निरीक्षण किया। लगातार तीन दिनों तक जनकीदास बस स्टैंड, नारायणा रोड, शादीपुर फ्लाईओवर, पटेल रोड, मोती नगर, कीर्ति नगर और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया गया।
वैज्ञानिक जांच, तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय स्तर पर जुटाई गई सूचनाओं के आधार पर पुलिस घटना में इस्तेमाल ऑटो रिक्शा की पहचान करने में सफल रही।
ऑटो चालक तक पहुंची पुलिस, फिर खुली पूरी साजिश
सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने ऑटो रिक्शा चालक राज कुमार उर्फ राज, निवासी रोहिणी, दिल्ली को गिरफ्तार किया।
पूछताछ के दौरान राज कुमार ने अपने साथी कासिम उर्फ सलमान, निवासी बेगमपुर, मालवीय नगर, दिल्ली का नाम बताया। इसके बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया।
दोनों आरोपियों से पूछताछ में इस पूरे अपराध की साजिश और कार्यप्रणाली का खुलासा हुआ।

ऐसे चुनते थे अपने शिकार
पूछताछ में आरोपी कासिम ने बताया कि वे विशेष रूप से ऐसे यात्रियों को निशाना बनाते थे जो अकेले यात्रा कर रहे हों, जिनके पास बैग या सामान हो और जो मजदूर, दैनिक वेतनभोगी या बाहरी व्यक्ति दिखाई दें।
पहले वे उनसे दोस्ती का व्यवहार करते, फिर सफर के दौरान कोल्ड ड्रिंक में नशीली गोलियां मिलाकर पिला देते। पीड़ित के बेहोश होते ही उसका मोबाइल, नकदी, बैग और अन्य सामान लूट लेते और उसे किसी सुनसान स्थान पर छोड़कर फरार हो जाते।
पुलिस हिरासत के दौरान आरोपियों ने वह स्थान भी दिखाया जहां इस मामले के पीड़ित को बेहोशी की हालत में छोड़ा गया था।
बरामदगी में क्या-क्या मिला?
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर—
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घटना में इस्तेमाल ऑटो रिक्शा
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ओप्पो A 5G मोबाइल फोन
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इनफिनिक्स मोबाइल फोन
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9 हजार रुपये नकद
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काला बैकपैक
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गुलाबी रंग का छोटा बैग
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नीले रंग की प्लास्टिक तिरपाल
बरामद की है।

जांच के दौरान बरामद मोबाइल फोन का सत्यापन किया गया। इसमें सामने आया कि ये मोबाइल पश्चिम विहार ईस्ट और नारायणा थाना क्षेत्र में दर्ज दो अन्य ड्रगिंग एवं लूट के मामलों से भी जुड़े हुए हैं।
दिल्ली पुलिस ने इस संबंध में संबंधित थानों के जांच अधिकारियों को जानकारी उपलब्ध करा दी है, ताकि आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके।
कासिम निकला आदतन अपराधी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी कासिम उर्फ सलमान पहले भी कई गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल रह चुका है।
उसके खिलाफ वर्ष 2006, 2017 और 2019 में मॉडल टाउन, आदर्श नगर और बदरपुर थानों में नशीला पदार्थ देकर चोरी, लूट और आर्म्स एक्ट सहित कई मामले दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार उसके आपराधिक इतिहास से स्पष्ट होता है कि वह लंबे समय से इसी प्रकार के अपराधों में संलिप्त रहा है और यात्रियों को नशीला पदार्थ देकर लूटना उसकी अपराध करने की तयशुदा शैली बन चुकी थी।
दिल्ली पुलिस की लोगों से अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यात्रा के दौरान किसी भी अजनबी द्वारा दिए गए खाने-पीने के सामान, कोल्ड ड्रिंक या अन्य पेय पदार्थ का सेवन न करें। यदि कोई व्यक्ति जबरन मित्रता करने या खाने-पीने का सामान देने का प्रयास करे तो सतर्क रहें और तुरंत पुलिस को सूचना दें।
पुलिस का कहना है कि यात्रियों की थोड़ी-सी सावधानी ऐसे अपराधों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
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