दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने द्वारका के बामनौली में एक्सपायरी फूड और कोल्ड ड्रिंक को दोबारा पैक कर बेचने वाले संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। भारी मात्रा में सामान और मशीनें जब्त, तीन आरोपी गिरफ्तार।
राजधानी दिल्ली के द्वारका इलाके में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक्सपायरी फूड और पेय पदार्थों को नई पैकेजिंग और फर्जी डेट लगाकर बाजार में बेचा जा रहा था। Delhi Police की क्राइम ब्रांच ने इस संगठित रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और बड़ी मात्रा में नकली और छेड़छाड़ किए गए खाद्य उत्पाद बरामद किए हैं।
संगठित रैकेट का पर्दाफाश
क्राइम ब्रांच की WR-II यूनिट को 29 मार्च 2026 को गुप्त सूचना मिली थी कि द्वारका के बामनौली गांव में एक अवैध गोदाम में एक्सपायरी या नजदीकी एक्सपायरी वाले फूड और कोल्ड ड्रिंक प्रोडक्ट्स को नई तारीख लगाकर बाजार में बेचा जा रहा है। इतना ही नहीं, इन उत्पादों को निर्यात करने की भी तैयारी की जा रही थी।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर अक्षय गहलौत के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई, जिसमें एसआई राहुल कुमार सहित कई पुलिसकर्मी शामिल थे। इस ऑपरेशन की निगरानी एसीपी भगवती प्रसाद द्वारा की जा रही थी।
गोदाम पर छापा और गिरफ्तारी
पुलिस टीम ने द्वारका सेक्टर-28 स्थित बामनौली गांव के एक गोदाम पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान वहां बड़ी मात्रा में मल्टीनेशनल ब्रांड के कोल्ड ड्रिंक और खाद्य पदार्थ पाए गए।
मौके से दो व्यक्तियों—शिवम सिंह और लोकेश कुमार—को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे यह काम कमल मुद्गिल के निर्देश पर कर रहे थे, जो इस पूरे रैकेट का मुख्य सरगना है। कुछ ही देर बाद कमल मुद्गिल भी मौके पर पहुंचा, जिसे पुलिस ने तुरंत गिरफ्तार कर लिया।

FSSAI की टीम भी पहुंची मौके पर
छापेमारी के दौरान FSSAI के अधिकारियों को भी बुलाया गया। उन्होंने मौके पर लाइसेंस की जांच की और खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए। जांच में पाया गया कि उत्पादों पर फर्जी बैच नंबर और एक्सपायरी डेट दर्ज की गई थी।
इसके बाद सभी संदिग्ध उत्पादों को जब्त कर लिया गया और मामले में एफआईआर संख्या 67/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया।
भारी मात्रा में नकली सामान बरामद
छापेमारी के दौरान निम्नलिखित सामान बरामद हुआ—
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Thums Up: 25 बॉक्स (600 कैन)
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Sprite: 35 बॉक्स (840 कैन)
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Limca: 20 बॉक्स (480 कैन)
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Coca-Cola: 35 बॉक्स (1176 कैन)
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ब्रांडेड बिस्किट (छेड़छाड़ की गई पैकेजिंग के साथ)
इसके अलावा, अपराध में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी बरामद किए गए—
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Domino Printing Machine (Ax 350i) – फर्जी तारीख प्रिंट करने के लिए
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थिनर केमिकल – पुरानी तारीख मिटाने के लिए
कैसे काम करता था यह रैकेट?
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी बेहद सुनियोजित तरीके से इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहे थे—
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बाजार से एक्सपायरी या जल्द एक्सपायर होने वाले उत्पाद खरीदते थे
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थिनर से पुराने मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट मिटाते थे
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Domino मशीन से नई फर्जी डेट प्रिंट करते थे
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उत्पादों को दोबारा पैक कर बाजार में सप्लाई करते थे
यह पूरा नेटवर्क उपभोक्ताओं को धोखा देने और अवैध मुनाफा कमाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा था।

आरोपी कौन हैं?
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है—
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कमल मुद्गिल (56 वर्ष), निवासी गुरुग्राम
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शिवम सिंह (27 वर्ष), निवासी ड्वारका
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लोकेश कुमार (35 वर्ष), निवासी पालम गांव
सार्वजनिक स्वास्थ्य पर बड़ा खतरा
यह रैकेट न केवल उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी कर रहा था, बल्कि उनके स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रहा था। एक्सपायरी खाद्य पदार्थों का सेवन कई बीमारियों का कारण बन सकता है।
पुलिस के अनुसार, समय रहते इस गिरोह का भंडाफोड़ कर बड़ी मात्रा में असुरक्षित उत्पादों को बाजार में पहुंचने से रोक दिया गया।
आगे की जांच जारी
फिलहाल पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि—
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इस रैकेट में और कौन-कौन शामिल है
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उत्पादों की सप्लाई कहां-कहां की जा रही थी
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क्या इसमें अन्य कंपनियों या एजेंसियों की संलिप्तता है
द्वारका में सामने आया यह मामला न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि उपभोक्ता सुरक्षा के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि संगठित अपराधी किस तरह लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
हालांकि, दिल्ली पुलिस की समय पर की गई कार्रवाई ने एक बड़े खतरे को टाल दिया है और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा की है।
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