नोएडा प्राधिकरण की 223वीं बोर्ड बैठक में वित्तीय प्रगति, रुकी रियल एस्टेट परियोजनाओं, किसानों के मुआवजे, कचरा प्रबंधन, औद्योगिक नीति और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। सबसे बड़ा बदलाव आपसी समझौते से जमीन खरीदने वाले किसानों के मुआवजे में हुआ है, जिसे बढ़ाकर ₹6,459 प्रति वर्गमीटर किया गया है।
नोएडा में विकास की रफ्तार को और तेज करने के साथ-साथ किसानों, फ्लैट खरीदारों, उद्योगों और शहर की नागरिक सुविधाओं से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए हैं। 5 सितंबर 2026 को नोएडा प्राधिकरण की 223वीं बोर्ड बैठक प्राधिकरण सभागार, मुख्य प्रशासनिक भवन-ए, सेक्टर-96 में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त और नोएडा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री दीपक कुमार ने की।
बैठक में नोएडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्ण करूणेश, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एन.जी. रवि, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेन्द्र भाटिया समेत बोर्ड के अन्य सदस्यों ने हिस्सा लिया।
बैठक में लिए गए फैसलों को देखें तो तस्वीर साफ है—एक तरफ पुरानी अटकी परियोजनाओं को गति देने की कोशिश है, तो दूसरी तरफ कचरा प्रबंधन, सड़क निर्माण, नर्सरी विकास और किसानों को लेकर नीतिगत बदलाव किए गए हैं।
वित्तीय और भौतिक प्रगति की समीक्षा
बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में 31 अगस्त 2026 तक प्राधिकरण की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की समीक्षा की। विभागवार प्राप्तियों, भुगतान और प्रमुख विकास कार्यों की स्थिति पर चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
लंबे समय की नागरिक सेवाओं के लिए Corpus Fund
शहर की जलापूर्ति, सफाई, सार्वजनिक स्वास्थ्य और नागरिक अवस्थापना के रखरखाव को भविष्य में आर्थिक मजबूती देने के लिए One-Time Lease Rent–Corpus Fund (OTLR-CF) की Standard Operating Procedures को मंजूरी दी गई।
इसके तहत एकमुश्त भूभाटक से मिलने वाली गैर-आवर्ती आय का व्यवस्थित लेखांकन, निवेश, उपयोग और निगरानी की जाएगी। मकसद साफ है—शहर के जरूरी रखरखाव कार्यों के लिए भविष्य में वित्तीय संसाधनों की कमी न हो।

पुरानी और लंबे समय से अटकी रियल एस्टेट परियोजनाओं को लेकर भी बोर्ड ने प्रगति की समीक्षा की। शासनादेश 21 दिसंबर 2023 के तहत लागू नीति के अंतर्गत 25 प्रतिशत देय धनराशि जमा करने वाले 23 आवंटियों को बाकी 75 प्रतिशत राशि जमा करने के नोटिस जारी किए गए हैं।
भुगतान के अनुपात में रजिस्ट्रियों की अनुमति भी दी गई है। अब तक 36 परियोजनाओं से ₹540.75 करोड़ और अन्य आंशिक भुगतानों को मिलाकर कुल ₹561.35 करोड़ जमा हो चुके हैं। बोर्ड ने लंबित परियोजनाओं में वसूली तेज करने और फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री जल्द कराने के निर्देश दिए।
उद्योगों के लिए नोएडा-ग्रेटर नोएडा में एकरूप नीति
औद्योगिक इकाइयों से जुड़े नियमों को लेकर भी बड़ा कदम उठाया गया है। Unified Regulations, 2025 के तहत अंतरण शुल्क, इकाई को क्रियाशील करने की समय सीमा और अन्य शुल्क व प्रक्रियाओं को तर्कसंगत और एकरूप बनाने पर विचार के लिए नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों की समिति गठित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
इसका उद्देश्य दोनों प्राधिकरण क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयों के लिए अधिक समान और स्पष्ट व्यवस्था तैयार करना है।
पुलिस कमिश्नरेट के लिए सेक्टर-153 में जमीन
गौतमबुद्धनगर पुलिस आयुक्त कार्यालय के उपयोग के लिए सेक्टर-153 में करीब 13,347.18 वर्गमीटर भूमि आवंटित करने का निर्णय भी बोर्ड बैठक में लिया गया।
नोएडा में 100 TPD Waste-to-Energy Facility
कचरा प्रबंधन को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसला हुआ। सेक्टर-145 में सूखे और RDF कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए 100 TPD क्षमता की thermolysis आधारित Integrated Waste-to-Energy and Resource Recovery Facility स्थापित की जाएगी।
इसके लिए EOI/RFP के माध्यम से एजेंसी का चयन किया जाएगा। इससे सूखे कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के साथ ऊर्जा और संसाधन रिकवरी की दिशा में भी काम आगे बढ़ेगा।
बिटुमिन महंगा हुआ तो सड़क निर्माण की दरें भी बदलेंगी
मध्य-पूर्व में संघर्ष के चलते बिटुमिन की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि को देखते हुए सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाली बिटुमिन आधारित मदों की दरों के पुनर्निर्धारण और शासनादेश के अनुसार मूल्य समायोजन को मंजूरी दी गई।
प्राधिकरण के मुताबिक इससे निविदाओं में भागीदारी बढ़ाने, मानसून के बाद सड़क कार्य समय पर शुरू कराने और निर्माण गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

सेक्टर-8 स्थित उद्यान खंड-प्रथम की लगभग 8 एकड़ नर्सरी को Build-up, Operation and Maintenance यानी BOM आधार पर विकसित किया जाएगा।
EOI/RFP के माध्यम से एजेंसी का चयन होगा। लक्ष्य नर्सरी को आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने के साथ नागरिकों को विभिन्न प्रकार के पौधों की एकीकृत सुविधा उपलब्ध कराना है।
सहकारी समितियों के फ्लैट खरीदारों को राहत
सहकारी आवासीय समितियों के ग्रुप हाउसिंग भूखंडों पर बने फ्लैटों के वर्तमान कब्जेदार यानी Subsequent Members के लिए भी नीति को मंजूरी दी गई है।
समिति की NOC, अंतरण शुल्क और निर्धारित प्रमाण-पत्रों के आधार पर त्रिपक्षीय उप-पट्टा प्रलेख पंजीकृत किया जा सकेगा। इससे वैध कब्जेदारों को संपत्ति संबंधी दस्तावेज मिलेंगे, स्टाम्प ड्यूटी सुनिश्चित होगी और लंबे समय से लंबित मामलों का समाधान हो सकेगा।
किसानों के लिए सबसे बड़ा फैसला—मुआवजा ₹6,459 प्रति वर्गमीटर
बोर्ड बैठक का सबसे महत्वपूर्ण फैसला किसानों से आपसी समझौते के आधार पर जमीन खरीदने से जुड़ा रहा।
नोएडा के समग्र विकास में किसानों की भागीदारी को देखते हुए अब ऐसी भूमि के लिए ₹6,459 प्रति वर्गमीटर मुआवजा और 5 प्रतिशत विकसित आबादी भूखंड का लाभ देने पर सहमति बनी है।
पहले ₹5,324 प्रति वर्गमीटर का लाभ 5 प्रतिशत आबादी भूखंड के बिना और ₹4,224 प्रति वर्गमीटर का लाभ 5 प्रतिशत आबादी भूखंड के साथ दिया जाता था।
अब प्रचलित दर में एकमुश्त करीब 53 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए ₹6,459 प्रति वर्गमीटर निर्धारित किया गया है।
न्यू नोएडा में भी किसानों के लिए अलग व्यवस्था
DNGIR यानी न्यू नोएडा के लिए भी किसानों की जमीन खरीद को लेकर व्यवस्था तय की गई है।
फेस-1 और फेस-2 में आपसी समझौते से भूमि खरीद के लिए प्रतिकर दर और 6 प्रतिशत आबादी भूखंड का लाभ ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के अनुरूप दिया जाएगा।
वहीं फेस-3 और फेस-4 में प्रतिकर दर और 7 प्रतिशत आबादी भूखंड का लाभ यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के अनुरूप दिया जाएगा।
प्राधिकरण का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को सिर्फ उनकी जमीन की कीमत देना नहीं, बल्कि उन्हें नोएडा और न्यू नोएडा के विकास तथा भविष्य की आर्थिक समृद्धि में सहभागी बनाना है।
कुल मिलाकर 223वीं बोर्ड बैठक में लिए गए फैसले शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर कचरा प्रबंधन, उद्योग, रियल एस्टेट और किसान हितों तक फैले हुए हैं। अब असली चुनौती इन फैसलों को जमीन पर समयबद्ध तरीके से लागू करने की होगी।
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