नोएडा में लगातार बारिश और अतिवृष्टि के बाद नोएडा प्राधिकरण ने जलभराव और जलनिकासी व्यवस्था का ग्राउंड पर जायजा लिया। मुख्य कार्यपालक अधिकारी के निर्देश पर महाप्रबंधक (सिविल) ए.के. अरोड़ा ने सेक्टर-105, झट्टा अंडरपास, फेस-2, सेक्टर-148, 150, 152 और ग्राम सफीपुर समेत कई क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। झट्टा अंडरपास के आसपास जलस्तर बढ़ने पर पम्प चालू कराकर सुरक्षा की दृष्टि से अस्थायी रूप से आवागमन प्रतिबंधित किया गया। वहीं सेक्टर-105 में स्वच्छता एवं वृक्षारोपण अभियान के दौरान करीब 160 किलोग्राम कूड़ा हटाया गया। प्राधिकरण ने जलभराव की स्थिति पर लगातार निगरानी और जरूरत पड़ने पर टास्क फोर्स के जरिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
नोएडा। लगातार हो रही बारिश और अतिवृष्टि को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने जलभराव और नागरिक सुविधाओं की स्थिति का जायजा लेने के लिए विभिन्न आवासीय, संस्थागत और औद्योगिक क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्य कार्यपालक अधिकारी के निर्देश पर प्राधिकरण के महाप्रबंधक (सिविल) ए.के. अरोड़ा ने शुक्रवार को कई क्षेत्रों का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने और जलभराव की स्थिति में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान वर्क सर्किल-8 के वरिष्ठ प्रबंधक रोहित सिंह, वर्क सर्किल-7 के वरिष्ठ प्रबंधक डी.एल. वर्मा, प्रबंधक मनीषा सिंह सहित संबंधित अवर अभियंता और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
सेक्टर-105 में चला सफाई और वृक्षारोपण अभियान
निरीक्षण के दौरान सेक्टर-105 में स्वच्छता एवं वृक्षारोपण अभियान भी आयोजित किया गया। अभियान में सेक्टर के निवासियों के साथ स्कूली बच्चों ने भी हिस्सा लिया।
प्राधिकरण के अनुसार अभियान के दौरान सेक्टर-105 के सेंट्रल पार्क को गार्बेज मुक्त किया गया और करीब 160 किलोग्राम कूड़ा हटाया गया। अभियान का उद्देश्य बारिश के मौसम में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना रहा।
इस अभियान में दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अनीश दयाल, भारत सरकार के पूर्व गृह सचिव एवं पूर्व वरिष्ठ आईएएस अधिकारी प्रदीप कुमार, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दीपक दत्तात्रेय, उद्यान विभाग के निदेशक आनंद मोहन सिंह और उप निदेशक प्रशान्त सिंह सहित अन्य लोगों ने भी भाग लिया।
झट्टा अंडरपास पर बढ़े जलस्तर के बाद आवागमन रोका
7 अगस्त 2026 को हुई अतिवृष्टि के बाद झट्टा अंडरपास की स्थिति का भी अधिकारियों ने निरीक्षण किया। प्राधिकरण के मुताबिक अत्यधिक बारिश के कारण अंडरपास के आसपास की भूमि का जलस्तर बढ़ गया था।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अंडरपास के पम्प चालू कराए गए और एहतियातन कुछ समय के लिए वहां आवागमन प्रतिबंधित किया गया। अधिकारियों को जलस्तर पर लगातार नजर रखने और स्थिति सामान्य होने तक आवश्यक सुरक्षा उपाय जारी रखने के निर्देश दिए गए।
फेस-2 में मुख्य मार्गों पर नहीं मिला जलभराव
औद्योगिक क्षेत्र फेस-2 के निरीक्षण के दौरान प्राधिकरण अधिकारियों ने मुख्य मार्गों का जायजा लिया। प्राधिकरण की ओर से बताया गया कि निरीक्षण के दौरान मुख्य मार्गों पर कहीं भी जलभराव नहीं पाया गया।
इसके अलावा अधिकारियों ने सेक्टर-148, सेक्टर-150, सेक्टर-152 और ग्राम सफीपुर का भी स्थलीय निरीक्षण किया। बारिश के दौरान इन क्षेत्रों में जलनिकासी और जलभराव की स्थिति को लेकर संबंधित कर्मचारियों को लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
जलभराव पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश
नोएडा प्राधिकरण ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को सभी सेक्टरों में बारिश के दौरान निरंतर निगरानी रखने को कहा है। किसी भी स्थान पर जलभराव की सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राधिकरण के अनुसार जरूरत पड़ने पर टास्क फोर्स की मदद से जलभराव और जलनिकासी से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान कराया जाएगा।
बारिश ने फिर बढ़ाई नालों और ड्रेनेज व्यवस्था की चुनौती
नोएडा में मानसून के दौरान जलभराव एक महत्वपूर्ण नागरिक समस्या बन जाता है। ऐसे में प्राधिकरण की ओर से किए जा रहे स्थलीय निरीक्षण का उद्देश्य संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान कर समय रहते जलनिकासी व्यवस्था को सक्रिय रखना है।
हालांकि, प्राधिकरण ने निरीक्षण के दौरान कई प्रमुख क्षेत्रों में स्थिति सामान्य होने का दावा किया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि आने वाले दिनों में यदि बारिश का दौर जारी रहता है, तो शहर की ड्रेनेज व्यवस्था कितनी प्रभावी साबित होती है और संवेदनशील इलाकों में जलभराव की समस्या को कितनी तेजी से नियंत्रित किया जाता है।
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