ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 11 से 13 अगस्त तक आयोजित होने वाले 'इंडिया बायोएनर्जी एंड टेक एक्सपो-2026' की तैयारियां तेज हो गई हैं। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, स्वच्छता, चिकित्सा सेवाओं और वीवीआईपी मूवमेंट सहित सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में देश और दुनिया के प्रमुख विशेषज्ञ, उद्योगपति और निवेशक शामिल होंगे।
उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए आने वाले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। 11 से 13 अगस्त तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित होने वाला इंडिया बायोएनर्जी एंड टेक एक्सपो-2026 वैश्विक स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा और हरित प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलने जा रहा है।
इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन और प्रदर्शनी में देश-विदेश के विशेषज्ञ, उद्योगपति, निवेशक, नीति निर्माता और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े प्रमुख लोग एक मंच पर एकत्रित होंगे। कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में इंडिया एक्सपो मार्ट में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, पार्किंग, बिजली आपूर्ति, पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा सुविधाओं, अग्निशमन सेवाओं और वीवीआईपी मूवमेंट सहित विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यक्रम से जुड़ी सभी तैयारियां तय समय सीमा के भीतर पूरी कर ली जाएं।
उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में विदेशी प्रतिनिधियों और उद्योग जगत से जुड़े प्रतिष्ठित लोगों के आने की संभावना है। इसलिए सुरक्षा और आतिथ्य व्यवस्था में किसी भी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए।
प्रशासन की ओर से अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कार्यक्रम स्थल पर आने वाले सभी अतिथियों के लिए निर्बाध यातायात, बेहतर पार्किंग व्यवस्था, साफ-सफाई, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
सम्मेलन के पहले दिन यानी 11 अगस्त को प्रदर्शनी का औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा। इसके साथ ही बायोएनर्जी क्षेत्र से जुड़े विभिन्न तकनीकी और नीतिगत सत्रों का आयोजन भी किया जाएगा।
इन सत्रों में ऊर्जा क्षेत्र की मौजूदा चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा होगी। विशेषज्ञ इस बात पर विचार-विमर्श करेंगे कि किस प्रकार पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक विकास के बीच संतुलन स्थापित किया जा सकता है।

12 अगस्त को सम्मेलन के दूसरे दिन कई महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें मुख्य रूप से सीईओ राउंडटेबल बैठक, विभिन्न राज्यों के विशेष सत्र और निवेश से जुड़े कार्यक्रम शामिल होंगे।
इस दौरान ग्रीन हाइड्रोजन, कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी), एथेनॉल, बायोडीजल, सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (एसएएफ), वेस्ट-टू-एनर्जी, बायोमास, कार्बन मार्केट और वित्तीय निवेश जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
इसके अलावा सम्मेलन में नवीनतम तकनीकों और अत्याधुनिक उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
सम्मेलन के अंतिम दिन भविष्य की रणनीतियों और नई निवेश साझेदारियों पर विस्तार से चर्चा होगी।
विशेषज्ञ इस बात पर मंथन करेंगे कि भारत किस तरह स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी वैश्विक भूमिका को और अधिक मजबूत बना सकता है। इसके साथ ही सम्मेलन के निष्कर्ष और सुझाव भी प्रस्तुत किए जाएंगे।

आयोजकों के अनुसार, इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में 25 से अधिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में 120 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वक्ता हिस्सा लेंगे।
इसके अलावा 150 से अधिक कंपनियां और संस्थान अपने उत्पादों और तकनीकों का प्रदर्शन करेंगे। कार्यक्रम में लगभग 1,000 प्रतिनिधियों और 15,000 से अधिक व्यावसायिक आगंतुकों के शामिल होने की संभावना है।
'लो कार्बन वर्ल्ड' की दिशा में बड़ा कदम
इंडियन फेडरेशन ऑफ ग्रीन एनर्जी (आईएफजीई) और एमएम एक्टिव साई-टेक कम्युनिकेशंस की ओर से उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 'लो कार्बन वर्ल्ड के लिए बायोएनर्जी समाधानों को बढ़ावा देना' है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह आयोजन न केवल ऊर्जा क्षेत्र में नई तकनीकों को बढ़ावा देगा, बल्कि उत्तर प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा प्रदान करेगा।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में यूपीनेडा के निदेशक रविंद्र सिंह, इंडियन फेडरेशन ऑफ ग्रीन एनर्जी (आईएफजीई) के महानिदेशक संजय गंजू, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजीव नारायण मिश्र और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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