जीएल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में कहानी कहने और सिनेमा को शिक्षा का प्रभावी माध्यम बनाने पर गहन चर्चा हुई।
ग्रेटर नोएडा स्थित जीएल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च (GLBIMR) ने शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार को एक नई दिशा देते हुए “सिनेमा और कहानी कहने के माध्यम से सीखने का अनोखा अनुभव” विषय पर एक विशेष संकाय सशक्तिकरण कार्यक्रम और कार्यशाला का आयोजन किया। यह दो दिवसीय कार्यक्रम शिक्षकों और छात्रों दोनों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक साबित हुआ।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य यह समझाना था कि स्टोरीटेलिंग और सिनेमा को केवल मनोरंजन तक सीमित न रखकर, उन्हें सीखने, नेतृत्व विकास और व्यवहार परिवर्तन के सशक्त उपकरण के रूप में कैसे उपयोग किया जा सकता है। कार्यक्रम में सिंगापुर स्थित ब्लैक स्पाइस मीडिया के अवॉर्ड-विनिंग फिल्ममेकर श्री सलीम हादी और स्ट्रैटेजिक बिजनेस पार्टनर मिस दीपिका मोहाजन ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। दोनों विशेषज्ञों ने वास्तविक उदाहरणों और अनुभवों के माध्यम से यह बताया कि दृश्य कथानक किस प्रकार सीखने की प्रक्रिया को गहराई और प्रभाव प्रदान करता है।

संस्थान की निदेशक डॉ. सपना राकेश ने कहा कि यह कार्यशाला शिक्षकों और छात्रों दोनों के लिए एक मूल्यवान अनुभव रही। उन्होंने कहा कि कहानी कहने और सिनेमा की समझ से शिक्षण कौशल को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
वहीं श्री पंकज अग्रवाल, उपाध्यक्ष, जीएल बजाज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने कहा कि यह कार्यक्रम शिक्षा में रचनात्मकता और नवाचार को बढ़ावा देने की संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षकों और छात्रों ने भाग लिया और इसे अत्यंत लाभकारी व प्रेरणादायक बताया।
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